ऑनलाइन राजस्व सेवाओं को समयबद्ध करने निगमायुक्त के निर्देश 49 दिनों में 369 नामांतरण प्रकरणों का निराकरण, लंबित प्रकरण 15 दिवस में निपटाने के निर्देश
ऑनलाइन राजस्व सेवाओं को समयबद्ध करने निगमायुक्त के निर्देश
49 दिनों में 369 नामांतरण प्रकरणों का निराकरण, लंबित प्रकरण 15 दिवस में निपटाने के निर्देश

कटनी।। नागरिकों को राजस्व संबंधी सेवाएं सरल, पारदर्शी एवं निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नगर निगम प्रशासन द्वारा ऑनलाइन नामांतरण प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार ने राजस्व शाखा की समीक्षा बैठक में लंबित नामांतरण प्रकरणों की स्थिति की समीक्षा करते हुए शेष सभी प्रकरणों का नियमानुसार परीक्षण कर 15 दिवस के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निगमायुक्त ने नामांतरण प्रकरणों के निराकरण में आ रही तकनीकी एवं प्रक्रियागत कठिनाइयों की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक सहयोग तथा प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन प्राप्त होने वाले नामांतरण प्रकरणों का समयबद्ध परीक्षण एवं आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी स्तर पर प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित न रहे।
49 दिनों में 369 प्रकरणों का निराकरण
राजस्व अधिकारी जागेश्वर प्रसाद पाठक ने बताया कि निगमायुक्त के निर्देशों के बाद नामांतरण प्रकरणों के निराकरण में तेजी आई है। 1 जुलाई से 18 सितंबर 2026 तक कुल 369 नामांतरण प्रकरणों का निराकरण किया गया है। इनमें 358 प्रकरण ऑफलाइन प्राप्त हुए थे, जिन्हें ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से निराकृत किया गया, जबकि 11 प्रकरण ऑनलाइन प्राप्त हुए और उनका निराकरण भी ऑनलाइन ही किया गया। शेष नामांतरण प्रकरणों के ऑनलाइन निराकरण की कार्यवाही भी निरंतर प्रगतिरत है। निगम प्रशासन द्वारा लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के साथ-साथ नए प्राप्त होने वाले आवेदनों का भी निर्धारित समय-सीमा में निराकरण करने पर जोर दिया जा रहा है। निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार ने कहा कि ऑनलाइन राजस्व सेवाओं का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को कार्यालयीन प्रक्रियाओं में अनावश्यक परेशानी से बचाते हुए पारदर्शी, सुगम और समयबद्ध सेवा उपलब्ध कराना है। उन्होंने राजस्व शाखा के अधिकारी-कर्मचारियों को निर्देशित किया कि लंबित प्रकरणों पर नियमानुसार शीघ्र कार्रवाई पूर्ण करें और नए प्राप्त होने वाले नामांतरण प्रकरणों का भी निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करें।