1.88 लाख की UPI ठगी का अंतर्राज्यीय नेटवर्क बेनकाब, कुठला पुलिस ने दो और आरोपियों को दबोचा राजस्थान से मध्यप्रदेश तक जुड़े तार, 17 वर्षीय विधि-विरुद्ध किशोर भी अभिरक्षा में; मोबाइल और ब्लैंक चेक बरामद
1.88 लाख की UPI ठगी का अंतर्राज्यीय नेटवर्क बेनकाब, कुठला पुलिस ने दो और आरोपियों को दबोचा
राजस्थान से मध्यप्रदेश तक जुड़े तार, 17 वर्षीय विधि-विरुद्ध किशोर भी अभिरक्षा में; मोबाइल और ब्लैंक चेक बरामद
कटनी। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के खाते से बिना जानकारी और सहमति के UPI के जरिए 1.88 लाख की सायबर ठगी के मामले में कुठला पुलिस ने अंतर्राज्यीय गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले की तकनीकी जांच में ठगी के तार राजस्थान और मध्यप्रदेश तक जुड़े मिले। पुलिस ने प्रकरण में एक 17 वर्ष 10 माह के विधि-विरुद्ध किशोर को भी अभिरक्षा में लिया है, जिसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन और ब्लैंक चेक बरामद किया गया है।
मामले की शुरुआत कछंगवा निवासी अंकित राय (30) की शिकायत से हुई। अंकित ने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके एसबीआई मुड़वारा शाखा के खाते से उसकी जानकारी और सहमति के बिना UPI के माध्यम से दो अलग-अलग ट्रांजेक्शन में 90 हजार और 98 हजार, यानी कुल ₹1,88,000 अज्ञात खातों में ट्रांसफर कर दिए गए।
डिजिटल सुरागों ने खोली गिरोह की परतें
शिकायत के बाद कुठला थाने में अपराध क्रमांक 425/26, धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने बैंक ट्रांजेक्शन, UPI आईडी, मोबाइल नंबर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का तकनीकी विश्लेषण किया। इसी दौरान पुलिस को ठगी के नेटवर्क से जुड़े आरोपियों के संबंध में अहम सुराग मिले।
जांच के आधार पर पुलिस ने राजस्थान निवासी कुलदीप सिंह सोलंकी (22) और शुभम मीणा उर्फ सानू (27) को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में ठगी की रकम और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में जानकारी सामने आई।
एक किशोर समेत दो और आरोपी पकड़ाए
पुलिस की आगे की पतासाजी में इंदरगढ़, जिला बूंदी राजस्थान निवासी 17 वर्ष 10 माह के विधि-विरुद्ध किशोर को अभिरक्षा में लिया गया। पूछताछ में घटना में शामिल होना स्वीकार करने के बाद उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल और ब्लैंक चेक बरामद किया गया। किशोर को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे बाल सुधार गृह जबलपुर भेजा गया।
इसी कड़ी में विशाल प्रजापति (24), निवासी राजा खेड़ी थाना सरसी, जिला रतलाम, हाल जावरा को भी गिरफ्तार किया गया। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
राजस्थान से रतलाम तक फैला नेटवर्क
पुलिस की अब तक की कार्रवाई से यह सामने आया है कि ₹1.88 लाख की ऑनलाइन ठगी के मामले में आरोपियों के संपर्क राजस्थान से मध्यप्रदेश तक जुड़े हुए थे। पुलिस द्वारा बैंकिंग और डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी की रकम के संबंध में भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है।