कटनी बस हादसा: मालिक और चालक के खिलाफ FIR, बस का परमिट निरस्त किशोरी की मौत और 33 यात्रियों के घायल होने के बाद प्रशासन की सख्त कार्रवाई, चालक का लाइसेंस निलंबित
कटनी बस हादसा: मालिक और चालक के खिलाफ FIR, बस का परमिट निरस्त
किशोरी की मौत और 33 यात्रियों के घायल होने के बाद प्रशासन की सख्त कार्रवाई, चालक का लाइसेंस निलंबित
कटनी/भोपाल। कटनी जिले के विजयराघवगढ़-बंजारी के पास शनिवार को हुए बस हादसे में एक किशोरी की मौत और 33 यात्रियों के घायल होने के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर दुर्घटनाग्रस्त बस के मालिक शेख यासीन और चालक सत्यम पाण्डेय के खिलाफ विजयराघवगढ़ पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। प्रशासन ने बस की फिटनेस निरस्त करने के साथ ही चालक का ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित कर दिया है। बस का परमिट भी निरस्त कर दिया गया है।
एआरटीओ संतोष पाल के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त बस रजा बस सर्विस की है, जिसका पंजीयन क्रमांक एमपी-14-बीडी-0811 है। बस मालिक और चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1), 125(ए), 281 तथा मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 184 के तहत मामला दर्ज कराया गया है। दुर्घटना के बाद परिवहन विभाग ने बस के संचालन पर भी कार्रवाई करते हुए परमिट निरस्त करने की प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से लागू की है।
कलेक्टर और एसपी ने अस्पताल पहुंचकर जाना घायलों का हाल
बस दुर्घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर आशीष तिवारी और पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा विजयराघवगढ़ सिविल अस्पताल पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने घायलों के स्वास्थ्य और उपचार की जानकारी ली। कलेक्टर ने चिकित्सकों को निर्देश दिए कि सभी घायलों को बेहतर और समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
मृत छात्रा के परिजनों को 20 हजार रुपये की सहायता
हादसे में जान गंवाने वाली किशोरी के परिजनों को जिला रेडक्रॉस सोसायटी की ओर से 20 हजार रुपये की तात्कालिक आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। इसके अलावा कलेक्टर के निर्देश पर तहसीलदार विजयराघवगढ़ द्वारा मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से आर्थिक सहायता दिलाने के लिए प्रकरण तैयार किया जा रहा है।
33 घायलों का हुआ उपचार, गंभीर मरीज जिला अस्पताल रेफर
दुर्घटना में घायल 33 यात्रियों का तत्काल विजयराघवगढ़ सिविल अस्पताल में उपचार शुरू किया गया था। इनमें से 12 गंभीर घायलों को जिला चिकित्सालय रेफर किया गया। विजयराघवगढ़ के बीएमओ डॉ. विनोद कुमार के अनुसार, सिविल अस्पताल में वर्तमान में आठ मरीज भर्ती हैं और उनका उपचार जारी है। शेष भर्ती मरीजों को उपचार एवं दवाएं देने के बाद छुट्टी दे दी गई है।
प्रशासन ने हादसे के बाद परिवहन नियमों के पालन और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाया है। दुर्घटना के मामले में पुलिस की कार्रवाई और घायलों के उपचार पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।