दिनदहाड़े 10 लाख की चोरी, जेवर-नकदी के साथ तलाक के दस्तावेज भी ले उड़े चोर निमिया मोहल्ला में दोपहर 12:15 से 1:30 बजे के बीच वारदात की आशंका, दर्शन कर लौटे गृहस्वामी के उड़े होश; CCTV फुटेज में संदिग्ध नजर आने की जानकारी, पुलिस जांच में जुटी
दिनदहाड़े 10 लाख की चोरी, जेवर-नकदी के साथ तलाक के दस्तावेज भी ले उड़े चोर
निमिया मोहल्ला में दोपहर 12:15 से 1:30 बजे के बीच वारदात की आशंका, दर्शन कर लौटे गृहस्वामी के उड़े होश; CCTV फुटेज में संदिग्ध नजर आने की जानकारी, पुलिस जांच में जुटी
कटनी। कोतवाली थाना क्षेत्र के निमिया मोहल्ला में सोमवार को दिनदहाड़े चोरी की बड़ी वारदात सामने आई। चोरों ने सूने मकान के ताले तोड़कर सोने-चांदी के जेवरात और नकदी सहित करीब 10 लाख रुपये की संपत्ति पर हाथ साफ कर दिया। हैरानी की बात यह है कि चोर घर में रखे तलाक (डाइवोर्स) के दस्तावेज भी अपने साथ ले गए। दोपहर में हुई इस वारदात ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, रत्नेश कुमार नेमा के घर कन्या भोज का आयोजन हुआ था। इसके बाद वे दोपहर करीब 12:15 बजे जालपा मढ़िया में प्रसाद चढ़ाने और दर्शन करने के लिए निकले। करीब 1:30 बजे घर लौटे, तो मुख्य दरवाजे से लेकर अंदर के कमरों और अलमारियों तक के ताले टूटे मिले। सामान बिखरा पड़ा था और अलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवरात व नकदी गायब थी। घर में रखे तलाक संबंधी दस्तावेज भी नहीं मिले।
घटना की सूचना डायल 112 को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू की। आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज में कुछ संदिग्ध व्यक्ति घर के आसपास नजर आने की जानकारी सामने आई है। पुलिस फुटेज और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है। चोरी गए सामान की वास्तविक कीमत और दस्तावेज ले जाने के पीछे की वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
जेवर-नकदी से आगे, दस्तावेज ले जाना भी सवाल
इस वारदात में सबसे चौंकाने वाला पहलू तलाक के दस्तावेजों का गायब होना है। चोरों ने घर में रखे कीमती सामान के साथ ऐसे कागजात भी ले गए, जिनका संबंध निजी और कानूनी मामलों से हो सकता है। क्या दस्तावेज गलती से दूसरे सामान के साथ चले गए या उन्हें किसी खास वजह से ले जाया गया—यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है।
दिनदहाड़े महज करीब सवा घंटे के अंतराल में मकान के ताले तोड़कर चोरी होना कई सवाल खड़े करता है। क्या वारदात से पहले घर की रेकी की गई थी? संदिग्धों की पहचान कब तक होगी? और चोरी गए जेवरात, नकदी के साथ दस्तावेज बरामद हो पाएंगे या नहीं? अब इन सवालों के जवाब पुलिस की जांच और कार्रवाई से मिलने की उम्मीद है।