नशे के खिलाफ राष्ट्रीय एकता का शंखनाद, ‘फाइट अगेंस्ट ड्रग्स’ का संदेश लेकर कटनी पहुंची राष्ट्रीय बाइक रैली युवाओं को नशे के दलदल से बचाने और देश के भविष्य को सुरक्षित रखने का संकल्प; कलेक्टर आशीष तिवारी और एसपी अभिनय विश्वकर्मा ने दिया जनभागीदारी का संदेश, पुष्पवर्षा से हुआ रैली के जवानों का भव्य स्वागत
नशे के खिलाफ राष्ट्रीय एकता का शंखनाद, ‘फाइट अगेंस्ट ड्रग्स’ का संदेश लेकर कटनी पहुंची राष्ट्रीय बाइक रैली
युवाओं को नशे के दलदल से बचाने और देश के भविष्य को सुरक्षित रखने का संकल्प; कलेक्टर आशीष तिवारी और एसपी अभिनय विश्वकर्मा ने दिया जनभागीदारी का संदेश, पुष्पवर्षा से हुआ रैली के जवानों का भव्य स्वागत
कटनी। नशे के खिलाफ लड़ाई अब केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि देश के भविष्य, युवा पीढ़ी की सुरक्षा और सामाजिक एकता से जुड़ा राष्ट्रीय अभियान है। जब नशे का अवैध कारोबार युवाओं की ऊर्जा, परिवारों की खुशियां और समाज की संभावनाओं को प्रभावित करता है, तब उसके विरुद्ध जनजागरण एक बड़ी राष्ट्रीय जिम्मेदारी बन जाता है। इसी उद्देश्य को लेकर राष्ट्रीय एकता दिवस परेड-2026 के अंतर्गत ‘फाइट अगेंस्ट ड्रग्स’ का संदेश लेकर बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखंड से निकली राष्ट्रीय मोटरसाइकिल रैली बुधवार को कटनी पहुंची। कटनी में इस रैली का स्वागत केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि नशामुक्त भारत और सशक्त युवा पीढ़ी के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का अवसर बना।
कटनी पुलिस द्वारा आयोजित स्वागत कार्यक्रम में कलेक्टर आशीष तिवारी, पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा, वरिष्ठ पत्रकारों, गणमान्य नागरिकों, पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों-कर्मचारियों तथा आम नागरिकों ने सहभागिता की। रैली में शामिल जवानों का पुष्पगुच्छ भेंटकर और पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया गया। इस दौरान राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव और नशे के विरुद्ध सामूहिक संघर्ष का संदेश दिया गया।
नशे के खिलाफ लड़ाई, देश की युवा शक्ति बचाने की चुनौती
भारत की युवा पीढ़ी देश की सबसे बड़ी ताकत है। यही पीढ़ी आने वाले समय में देश की अर्थव्यवस्था, विज्ञान, तकनीक, खेल, उद्योग और सामाजिक विकास का नेतृत्व करेगी। ऐसे में युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना केवल उनके परिवारों की चिंता नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण से जुड़ा महत्वपूर्ण दायित्व है।
नशे की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य और निर्णय क्षमता को प्रभावित करने के साथ परिवारों की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति पर भी गंभीर असर डाल सकती है। वहीं, नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार अपराध और सामाजिक असुरक्षा को बढ़ावा देने का माध्यम बन सकता है। इसलिए नशे के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के साथ जागरूकता, समय पर सहायता, पारिवारिक संवाद और युवाओं के लिए सकारात्मक अवसर उपलब्ध कराना भी जरूरी है।
राष्ट्रीय मोटरसाइकिल रैली का संदेश भी इसी व्यापक सोच को सामने रखता है कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल कार्रवाई से नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी से संभव है।

एसपी का स्पष्ट संदेश—नशे के अवैध कारोबार पर जीरो टॉलरेंस
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने कहा कि कटनी पुलिस नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए प्रभावी कार्रवाई कर रही है। नशे के खिलाफ अभियान को सफल बनाने के लिए आम नागरिकों का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे नशे के दुष्परिणामों के प्रति स्वयं जागरूक रहें, बच्चों और युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करें तथा नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार से संबंधित विश्वसनीय जानकारी पुलिस तक पहुंचाएं।
पुलिस की कार्रवाई और समाज की जागरूकता जब एक साथ आगे बढ़ती हैं, तभी नशे के अवैध नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में ठोस परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। इस दृष्टि से रैली का कटनी पहुंचना पुलिस और जनता के बीच सहयोग को मजबूत करने का भी संदेश है।

कलेक्टर ने बताया—नशामुक्त भारत के लिए जनभागीदारी अनिवार्य
कलेक्टर आशीष तिवारी ने अपने संबोधन में सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी। आज नशे की समस्या समाज के सामने एक गंभीर चुनौती है। विशेष रूप से सूखे नशे का बढ़ता प्रचलन युवाओं और सामाजिक जीवन के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को साकार करने के लिए नशामुक्त समाज की दिशा में प्रभावी प्रयास आवश्यक हैं। यह लड़ाई केवल पुलिस या प्रशासन के भरोसे नहीं जीती जा सकती। इसमें परिवारों, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और युवाओं की सक्रिय भूमिका जरूरी है।
कलेक्टर के संदेश का सार यही रहा कि नशे के विरुद्ध जागरूकता घर से शुरू होकर विद्यालय, महाविद्यालय, कार्यस्थल और पूरे समाज तक पहुंचनी चाहिए। युवाओं को सही दिशा, सकारात्मक वातावरण और समय पर मार्गदर्शन देना नशामुक्त भारत के निर्माण की महत्वपूर्ण शर्त है।
राष्ट्रीय एकता और नशामुक्ति का संगम
राष्ट्रीय एकता दिवस का संदेश देश की एकता, अखंडता और सामूहिक संकल्प से जुड़ा है। वहीं, ‘फाइट अगेंस्ट ड्रग्स’ अभियान समाज को नशे के दुष्परिणामों से बचाने की जिम्मेदारी का बोध कराता है। इन दोनों संदेशों का एक साथ सामने आना इस बात को रेखांकित करता है कि मजबूत राष्ट्र के लिए सुरक्षित, स्वस्थ और जागरूक नागरिक आवश्यक हैं।
बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखंड से होकर कटनी पहुंची राष्ट्रीय मोटरसाइकिल रैली ने विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को एक साझा उद्देश्य से जोड़ने का संदेश दिया। रैली के जवानों का स्वागत करने के लिए वरिष्ठ पत्रकारों और आम नागरिकों की उपस्थिति ने भी यह संकेत दिया कि नशे के खिलाफ लड़ाई में समाज के विभिन्न वर्गों की भूमिका महत्वपूर्ण है।
यह अभियान युवाओं को यह समझाने का अवसर भी है कि वास्तविक शक्ति नशे में नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास, शिक्षा, कौशल, खेल और सकारात्मक जीवनशैली में है।

केवल नारे नहीं, जमीन पर भी चाहिए सामूहिक प्रयास
नशामुक्त समाज का लक्ष्य हासिल करने के लिए जनजागरूकता कार्यक्रमों के साथ निरंतर प्रयास जरूरी हैं। स्कूलों और महाविद्यालयों में जागरूकता गतिविधियां, अभिभावकों और शिक्षकों का संवाद, नशे की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए उचित परामर्श एवं उपचार की सुविधा तथा अवैध कारोबार के विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्रवाई इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। युवाओं में किसी भी प्रकार के नशे के प्रति आकर्षण को रोकने के लिए परिवारों और समाज को भी संवेदनशील होना होगा। समस्या सामने आने पर केवल आलोचना या सामाजिक दूरी बनाने के बजाय समय रहते सहायता उपलब्ध कराना जरूरी है। वहीं, नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध बिक्री के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई भी आवश्यक है। इसलिए राष्ट्रीय मोटरसाइकिल रैली का संदेश तभी सार्थक होगा, जब स्वागत समारोह से आगे बढ़कर नशामुक्ति का संकल्प दैनिक सामाजिक व्यवहार का हिस्सा बने।
देश का भविष्य सुरक्षित रखने का संकल्प
कटनी पहुंची राष्ट्रीय मोटरसाइकिल रैली ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि राष्ट्रीय एकता केवल सीमाओं और भौगोलिक विविधताओं को जोड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के नागरिकों को साझा सामाजिक जिम्मेदारियों के लिए एकजुट करना भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। नशे के खिलाफ अभियान में पुलिस की सक्रियता, प्रशासन की प्रतिबद्धता, पत्रकारिता के माध्यम से जनजागरूकता और नागरिकों का सहयोग एक-दूसरे के पूरक हैं। जब परिवार युवाओं को सही मार्गदर्शन देंगे, शैक्षणिक संस्थान जागरूकता बढ़ाएंगे, समाज नशे के विरुद्ध आवाज उठाएगा और कानून प्रवर्तन एजेंसियां प्रभावी कार्रवाई करेंगी, तभी इस चुनौती का व्यापक स्तर पर मुकाबला किया जा सकेगा। संदेश स्पष्ट है—नशे से दूरी, जीवन से जुड़ाव; युवा सुरक्षित तो राष्ट्र सशक्त। नशामुक्त भारत का संकल्प केवल एक अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखने की राष्ट्रीय जिम्मेदारी है।