दुर्गा विसर्जन मार्ग पर उतरा प्रशासन, गाटर घाट की व्यवस्थाओं पर विशेष फोकस कलेक्टर, एसपी और निगमायुक्त ने पैदल किया निरीक्षण; दो अलग-अलग विसर्जन कुंड बनाने, अतिक्रमण हटाने और स्पीड ब्रेकर व्यवस्थित करने के निर्देश
दुर्गा विसर्जन मार्ग पर उतरा प्रशासन, गाटर घाट की व्यवस्थाओं पर विशेष फोकस
कलेक्टर, एसपी और निगमायुक्त ने पैदल किया निरीक्षण; दो अलग-अलग विसर्जन कुंड बनाने, अतिक्रमण हटाने और स्पीड ब्रेकर व्यवस्थित करने के निर्देश
कटनी। मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन चल समारोह को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सोमवार, 20 अक्टूबर को होने वाले विसर्जन समारोह से पहले रविवार शाम कलेक्टर आशीष तिवारी, पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा और निगमायुक्त तपस्या परिहार ने शहर के प्रमुख मार्गों का पैदल निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों का यह दौरा महज औपचारिक निरीक्षण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विसर्जन स्थल पर अतिरिक्त कुंड बनाने से लेकर अतिक्रमण हटाने और यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने तक के निर्देश दिए गए।
गाटर घाट पर दो विसर्जन कुंड बनाने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर आशीष तिवारी ने गाटर घाट पर विसर्जन व्यवस्था को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने घाट के प्रवेश स्थल पर दो अलग-अलग विसर्जन कुंड तैयार कराने के निर्देश दिए, ताकि प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में मदद मिल सके। इसके अलावा नदी किनारे एक अतिरिक्त विसर्जन कुंड तैयार कराने और घाट के समीप अतिक्रमण हटाने के निर्देश भी दिए गए। गाटर घाट पहुंच मार्ग पर स्पीड ब्रेकर व्यवस्थित करने को भी कहा गया, जिससे चल समारोह के दौरान आवागमन नियंत्रित रखने और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिले। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि प्रतिमाओं के आगमन से लेकर विसर्जन तक श्रद्धालुओं को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
शहर के प्रमुख मार्गों का पैदल निरीक्षण
कलेक्टर, एसपी और निगमायुक्त ने स्टेशन रोड स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर से निरीक्षण शुरू किया। इसके बाद सुभाष चौक, झंडा बाजार, सुक्खन चौक, लक्ष्मी नारायण मंदिर, शेर चौक और आजाद चौक होते हुए गाटर घाट स्थित विसर्जन स्थल तक पहुंच मार्ग का जायजा लिया। इन मार्गों पर चल समारोह के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही, यातायात प्रबंधन और प्रतिमाओं के सुरक्षित आवागमन को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया। कलेक्टर ने झंडा बाजार मार्ग के विभिन्न स्थलों को सुव्यवस्थित करने के निर्देश भी दिए, ताकि विसर्जन के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था की स्थिति निर्मित न हो।
प्रशासनिक और पुलिस अमले को जिम्मेदारी
निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर नीलांबर मिश्रा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य, एसडीएम जितेंद्र पटेल, बिजली विभाग के डीई शहर मुकेश महोबे और नगर निगम के राजस्व अधिकारी जागेश्वर पाठक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
विसर्जन जैसे बड़े धार्मिक आयोजन में प्रशासन, पुलिस, नगर निगम और बिजली विभाग के बीच समन्वय महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मार्गों की व्यवस्था, अतिक्रमण हटाने, विसर्जन कुंड तैयार करने और यातायात को सुचारु रखने के लिए संबंधित अधिकारियों को समय रहते जरूरी इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
आस्था के उत्सव में सुरक्षा और व्यवस्था की परीक्षा
शारदेय नवरात्र के समापन पर होने वाला दुर्गा प्रतिमा विसर्जन चल समारोह शहर के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु सड़कों पर निकलते हैं और विभिन्न दुर्गा प्रतिमाएं निर्धारित मार्गों से होते हुए विसर्जन स्थल तक पहुंचती हैं। ऐसे में मार्गों पर पर्याप्त जगह, व्यवस्थित यातायात, सुरक्षित विसर्जन कुंड और अतिक्रमण से मुक्त रास्ते महत्वपूर्ण हो जाते हैं। प्रशासन के निरीक्षण से स्पष्ट है कि इस बार गाटर घाट की विसर्जन व्यवस्था और शहर के प्रमुख मार्गों को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। अब इन निर्देशों पर संबंधित विभाग कितनी तत्परता से अमल करते हैं, यह विसर्जन समारोह के दिन व्यवस्थाओं की वास्तविक कसौटी होगा। श्रद्धालुओं की आस्था के इस बड़े आयोजन को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक तैयारियों के साथ नागरिकों का सहयोग भी अहम रहेगा।