हत्या का प्रयास करने वाले 2 आरोपियों को 07-07 वर्ष का सश्रम कारावास

(अमित दुबे+8818814739)
शहडोल। संभागीय जनसंपर्क अधिकारी एडीपीओ नवीन कुमार वर्मा ने बताया कि गुरूवार को माननीय अपर सत्र न्यायाधीष बुढ़ार द्वारा शासन विरूद्ध राजू केवट वगैरह में आरोपीगण राजू केवट पिता अम्बिका प्रसाद केवट उम्र 26 वर्ष एवं नान उर्फ देवलाल केवट पिता स्व0 रामप्रसाद केवट, दोनों निवासी जल्दी टोला, ग्राम पकरिया थाना बुढ़ार को भादवि की धारा 307,34 में 07-07 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 200-200 रूपये के अर्थदण्ड तथा धारा 341, 34 में 01-01 माह के साधारण कारावास से दण्डित किया गया। प्रकरण में आर. के. नापित, अपर लोक अभियोजक बुढ़ार ने पैरवी की।
तलवार से गर्दन पर किया था वार
एडीपीओ नवीन कुमार वर्मा ने बताया कि 11 जून 2012 को आहत कमलकान्त के भाई लक्ष्मीकांत ने थाना बुढ़ार में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 11 जून 2012 को आहत कमलकान्त 03:30 बजे ईंट भट्टा के मजदूरों की छुट्टी के बाद ग्राम पकरिया से वापस मोटर साइकिल से बुढ़ार आ रहा था, तभी डीएव्ही स्कूल बुढ़ार के पास तलैया के पीछे आरोपीगण राजू केवट और नान केवट ने उसे रोककर पूछा कि र्इंंट के लिए पानी किस तरह लेते हो, तो उसने बताया कि ट्रेक्टर से लेता हूं। इसके बाद वह जैसे ही मोटर साइकिल स्टैण्ड में खड़ा करने लगा, तभी आरोपी राजू केवट ने उसके गले में तलवार से मार दिया, एक वार नान केवट ने भी किया, तो वह झुक गया। पहले वार से उसका गला कट गया था। कटे हुए भाग को हाथ से दबाकर गांव की ओर भागने लगा, तो दोनों आरोपी उसका पीछा करने लगे। तब उसने रमेश और उसकी माता का नाम लेकर चिल्लाया और बताया कि इन लोगों ने मारा है। आवाज सुनकर बस्ती के लोग टार्च लेकर दौड़े, तो उन्हें देखकर आरोपीगण वहां से भाग गए। आहत ने वहीं अपने भाई लक्ष्मीकांत को फोन लगवाया और घटना की बात बताई, जहां से उसे फिर अस्पताल ले गए। घटना की रिपोर्ट लक्ष्मीकांत ने थाना बुढ़ार में दर्ज कराई। उक्त रिपोर्ट पर थाना बुढ़ार मेें अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना उपरांत अभियोग पत्र माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

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