सिकल सेल एनीमिया नियंत्रण अभियान की महिला कर्मचारी ने अधिकारियों पर लगाए गर्भपात के आरोप
एक ऐसी संस्था जहां नौकरी करना है तो गर्भपात कराना होगा
सिकल सेल एनीमिया नियंत्रण अभियान के महिला कर्मचारी की आप-बीती
अधिकारियों ने करा दिया गर्भपात, दोबारा कराने की दी धमकी
पुलिस से मांगी सहारा तो पुलिस करने लगी आना-कानी
मानवता को तार-तार करने वाली घटनाओं के बाद भी एक महिला न्याय पाने के लिए दर-दर भटक रही है, संस्था के अधिकारियों और कर्मचारियों के द्वारा महिला को नौकरी करने के एवज में गर्भपात करा दिया, जब दूसरी बार विरोध किया तो उसे नौकरी से निकलने की योजना बना ली, अपने संस्था और पुलिस से सहायता मांगी तो दोनो ही मदद करने से मुकरते हुए दिखाई दिये।
अनूपपुर। सिकल सेल एनीमिया नियंत्रण अभियान, जन स्वास्थ्य सहयोग अनूपपुर एक ऐसी संस्था है जहां अगर किसी महिला को नौकरी करना है तो वह माँ नही बन सकती है, न तो उन्हे अवकाश मिलेगा और न ही बच्चे को जन्म देने की अनुमति। बल्कि अगर महिला गर्भवती हो जाये तो उसे संस्था के अधिकारियों द्वारा गर्भपात कराने के लिए सलाह और मदद के रूप में पैसे और गर्भपात के टेबलेट भी उपलबध कराते है। इसके बावजूद भी अगर बच्चे को जन्म देने की योजना बनाई तो उसे नौकरी से निकाल दिया जायेगा, ऐसे महिलाओं के लिए न तो संस्था में जगह है और न ही कोई समस्या की सुनवाई होगी।
यह है मामला
भारतीय समाज अधिनियम 1860 के तहत दिल्ली में पंजीकृत संस्था जन स्वास्थ्य सहयोग का कार्यालय जिला मुख्यालय में संचालित है। जहां कार्यरत महिला लैब तकनिसियन को वहां के अधिकारियों के द्वारा ऐसी मानवता दिखाई कि कलयुग का मानव समाज भी सुनकर सहम जायेगा। परियोजना समन्वयक राहुल सिंह पहडवा, जिला समन्वयक मनोरमा सिंह, मानव संसाधन व वित्त प्रबंधक मो. इजराइल और प्रोग्राम अधिकारी पंकज तिवारी के द्वारा संस्था की एक महिला कर्मचारी के गर्भवती होने की खबर सु्रनकर हतप्रभ रह गये, एक बार यह कह कर गर्भपात करा दिया कि हम संस्थान से छुट्टी नही दे सकते है अगर नौकरी करना है तो आपको गर्भपात कराना होगा।
गर्भपात के लिए लिखा पर्ची
संस्था के प्रोग्राम अधिकारी पंकज तिवारी के द्वारा उक्त महिला के गर्भपात के लिए डॉक्टर बन गये और खुद ही गर्भपात के लिए टेबलेट व अन्य दवाईयों को लिखते हुए पर्चा तैयार कर दिया। पहली बार जब महिला गर्भवती हुई तो घर में जाकर गर्भपात के लिए सलाह दिये थे और नगदी के रूप में मदद भी इन अधिकारियों के द्वारा की गई थी, दूसरी बार जब महिला गर्भवती हुई तो उन्होने गर्भपात के लिए पर्चा तैयार कर दे दिया कि दवाईयों ले लेना और उसे खा लेना।

यह भी एक कहानी
राहुल सिंह, मनोरमा सिंह व मो0 इंजराईल के द्वारा गर्भपात कराने व जातिगत गाली गलौज करते हुये नौकरी से निकाल दिये जाने की धमकी दिये जाने व अब नौकरी से जबरन निष्कासित करने की शिकायत महिला के द्वारा संस्था के साथ-साथ पुलिस को करते हुए बताई कि वर्ष 2018 मार्च से सिकल सेल के एनेमिया कन्ट्रोल मिशन गनियारी नामक संस्था के द्वारा जिला चिकित्सालय में लैब टेक्नीशियन के रूप में कार्यरत है, जो कि अपने कार्यकाल के उपरांत मुझे अपने विभाग के अनुसार फिल्ड कार्य से लेकर कोविड जॉच व लैब का काम बडे ईमानदारी पूर्वक अपने कर्तव्यों का निर्वहन की। जिससे मेरे अच्छा कार्य कुशलता को देखते हुये मुझे लैब मेन्टर बना दिया गया था।
नौकरी से निकालने की धमकी
महिला जब से ज्वाईन की तब से पदस्थ प्रोजेक्ट क्वाडिनेटर राहुल सिंह पहडया व जिला समन्यवक मनोरमा सिह व मो0 इजराईल के द्वारा प्रताडित किया करते थे और राहुल व मनोरमा के द्वारा रात में 9 बजे छुटटी दिया करते थे और बंद कमरे में बुलाया करते थे व उल्टी सीधी जातिगत गाली गलीज किया करते थे। और कहते थे कि अगर यह बात किसी को बताई तो हम तुम्हारा डिमोसन कर देंगे व तुम्हे नौकरी से जब चाहे तब निकाल देंगे।
खिला दी गर्भपात की गोली
वर्ष 2019 मार्च में जब महिला 2 माह की गर्भवती हो गई थी तो राहुल व मनोरमा व मो0 ईजराइल के द्वारा दबाव बनाने लगे कि गर्भपात करा दो नहीं तो हमारा काम नहीं कर पाओगी और हमारा काम प्रभावित होगा। अगर ऐसा नही किये तो तुम्हे नौकरी से निकाल देंगे। 10 अपै्रल 2019 को गर्भपात कराने के लिए महिला के कमरे के पास जाकर 500 रूपए मनोरमा ने दिये और बोली गर्भपात की गोली ले लेना और कुछ फल-फूल लेकर खा लेना और जल्दी करो फालतु का समय बर्बाद न करो जो करना है जल्दी कर डालो। जिसके बाद नौकरी से निकालने के डर से गर्भपात की गोली खा ली।
फिर गर्भपात की तैयारी
अगस्त 2021 से महिला जब पुन: गर्भवती हो गई, तीन माह के बाद मनोरमा से यह बताई, और कहा कि मुझे आठवा माह से प्रसव काल लेना होगा, तो ये बात मनोरमा ने राहुल व मो0 ईजराइल की बताई, जिसके बाद दबाव देने लगे की अगर तुम्हे काम करना है तो इस बच्चे को भी जन्द नही देना होगा। नही तो तुम्हारा डिमोसन कर देंगे या कि तुम्हे से निष्कासित कर देंगे और तुम्हारे अनुभव प्रमाण पत्र मे लाल पेन से लिख देगे, फिर ये बात मनोरमा, राहुल, ईजराइल व डॉ0 पकज तिवारी को बताएं तो ये चारों लोग मुझे गर्भपात कराने के लिए शहडोल गनियारी भेजे, तो महिला दबाव में आकर शहडोल, गनियारी गई तो वहा के मौजूद डॉक्टर समझाये कि तुम हाई रिस्क में यह कराने में बहुत खतरा हो सकता है। फिर में जब यहां आकर ये चारो लोगों को बताई तो डा0 पंकज तिवारी ने मुझे गर्भपात कराने के लिए एक पर्ची में दवाई लिख कर दे दिया।
कर दिया निष्कासित
महिला के द्वारा जब प्रसव काल अवकाश लेने के लिए कार्यालय गई मनोरमा, राहुल व ईजराइल कहने लगे कि आखिर तुम अपनी मनमानी किये हो तो अब भोगना, यह कह कर मुझे बोले की यह लो तुम्हारा निष्कासित आदेश और आज से काम में मत आना और कार्यालय से निकाल दिया। इतना ही नही अगस्त 2019 में सिकल सेल के 12 सेम्पल गुम गये थे, कार्यरत कर्मचारी दीपा साहू एवं मेरे द्वारा पुन: एकत्रित कर दिया गया था, जिसकी रिसीविंग महिला को नहीं दी गई। मार्च 2022 में महिला को अगस्त 2019 में गुम हुए सेम्पल जो कि महिला द्वारा पुन एकत्र कर संस्था में जमा कर दिये गये थे का दोषी बनाते हुए बगैर किसी पूर्व सूचना अथवा नोटिस के नौकरी से निकालने का पत्र जारी कर दिया।
न्याय के लिए भटक रही महिला
संस्थान के साथ-साथ अजाक थाने के चक्कर लगा रही महिला को आज भी न्याय नही मिल सकी है। एक आदिवासी महिला के साथ हुए अन्याय के खिलाफ कोई भी आवाज उठाने को तैयार नही। जबकि अपने साथ हुए अन्याय को देखते हुए उक्त व्यक्तियो राहुल सिंह, मनोरमा सिंह, मो इंजराइल के खिलाफ एसटी एससी एक्ट के तहत व जबरन गर्भपात, जातिगत गाली गलौज, भेदभाव के तहत अपराध पंजीबद्ध करने की मांग करते हुए दर-दर भटक रही है।
इनका कहना है
उक्त महिला का कार्य व्यवहार संस्था के अनुकूल न होने पर उसे निष्काशित किया गया है, सभी आरोप बचने के लिए झूठे तरीके से तैयार किया गया है।
पंकज तिवारी, प्रोग्राम अधिकारी
सिकल सेल एनीमिया नियंत्रण अभियान गनियारी
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उक्त महिला की शिकायत पर जांच की जा रही है, जांच के बाद भी एफआईआर दर्ज की जायेगी।
हेमंत बर्वे, थाना प्रभारी
अजाक अनूपपुर
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शिकायत मिलने के बाद जांच करायेंगे, संस्थान की और भी कई शिकायतें है, यह संस्था में ऐसे कार्यप्रणाली होगी तो कार्यवाही के लिए भी पत्राचार करेंगे।
डॉ. एस.सी. राय
सीएमएचओ, अनूपपुर