सीक्रेट ऑपरेशन शिकंजा जब शिकारी खुद शिकार बन गया,क्लाइमैक्स मे 500 का नोट बना फंदा फिल्मी जाल, असली शिकंजा वेश बदलकर महिला DSP एवं SDOP ने दबोचा रिश्वतखोर आरक्षक, SP के सख्त एक्शन से बहोरीबंद थाना हिला

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सीक्रेट ऑपरेशन शिकंजा जब शिकारी खुद शिकार बन गया,क्लाइमैक्स मे 500 का नोट बना फंदा
फिल्मी जाल, असली शिकंजा वेश बदलकर महिला DSP एवं SDOP ने दबोचा रिश्वतखोर आरक्षक, SP के सख्त एक्शन से बहोरीबंद थाना हिला
कटनी जिले में पुलिस विभाग के भीतर चल रही कथित भ्रष्टाचार की जड़ों पर ऐसा प्रहार हुआ, जिसने पूरे महकमे को झकझोर कर रख दिया। वेश बदलकर ट्रैक्टर में बैठीं महिला पुलिस अधिकारियों ने एक आरक्षक को 500 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। यह कार्रवाई सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि पुलिस व्यवस्था में जवाबदेही और ईमानदारी की नई लकीर खींचने वाली साबित हो रही है।
सीक्रेट ऑपरेशन ‘शिकंजा’: जब शिकारी खुद शिकार बन गया
किसानों और ट्रैक्टर चालकों से अवैध वसूली की लगातार मिल रही शिकायतों ने पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा को कठोर कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। एक गुप्त रणनीति बनाई गई नाम दिया गया ऑपरेशन शिकंजा। योजना के तहत स्लीमनाबाद एसडीओपी आकांक्षा चतुर्वेदी और प्रशिक्षु डीएसपी शिवा पाठक को जिम्मेदारी सौंपी गई। सोमवार सुबह करीब 5 बजे टीम बहोरीबंद पहुंची। महिला अधिकारियों ने ग्रामीण महिलाओं का भेष धारण किया और एक ट्रैक्टर में सवार हो गईं। ट्रैक्टर चालक को पहले से चिन्हित 500 रुपए का नोट दिया गया निर्देश साफ था, यदि कोई पुलिसकर्मी पैसे मांगे तो यही नोट देना। स्लीमनाबाद मोड़ पर पहले से मौजूद बहोरीबंद थाने का मोबाइल वाहन चालक आरक्षक लक्ष्मण पटेल ट्रैक्टर को रोकता है। कार्रवाई का डर दिखाता है… और फिर मांगता है 500 रुपए। जैसे ही नोट उसके हाथ में आता है अचानक ट्रैक्टर में बैठी महिलाएं असली रूप में आती हैं। महिला DSP और SDOP तुरंत बाहर निकलती हैं और आरक्षक को रंगे हाथों दबोच लेती हैं। पूरा घटनाक्रम कैमरे में कैद होता है। एक ऐसा दृश्य, जिसने पूरे पुलिस महकमे में सनसनी फैला दी।
SP का सख्त वार तुरंत कार्रवाई, जीरो टॉलरेंस का संदेश
जैसे ही वीडियो और रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा तक पहुंची, कार्रवाई में देर नहीं हुई। बहोरीबंद थाना प्रभारी अखिलेश दहिया को तत्काल हटाकर लाइन अटैच रिश्वत लेते पकड़े गए आरक्षक लक्ष्मण पटेल निलंबित पूर्व शिकायतों के आधार पर अन्य कर्मचारियों पर भी गाज यह कार्रवाई साफ संदेश देती है वर्दी में दाग बर्दाश्त नहीं
शिकायतों का अंबार, कार्रवाई का इंतजार
बहोरीबंद थाना क्षेत्र में लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि वाहन चेकिंग के नाम पर अवैध वसूली ट्रैक्टर चालकों से 500 से 1000 रुपए तक की मांग कार्रवाई का डर दिखाकर शोषण इतना ही नहीं, पहले भी हवलदार द्वारा ऑनलाइन वसूली,SI का रिश्वत मांगते वीडियो वायरल जैसे मामले सामने आ चुके थे।
महकमे में हड़कंप: अब कौन अगला?
इस फिल्मी अंदाज़ की कार्रवाई के बाद सिर्फ कटनी ही नहीं, पूरे प्रदेश के पुलिस महकमे में हलचल मच गई है। जहां-जहां अवैध वसूली की चर्चाएं थीं, वहां अब खौफ का माहौल है। कभी भी, कहीं भी, कोई भी ट्रैप हो सकता है यह डर अब सिस्टम में साफ महसूस किया जा रहा है। ईमानदार नेतृत्व की मिसाल बने SP अभिनय विश्वकर्मा इस पूरे घटनाक्रम ने एक बात स्पष्ट कर दी अगर नेतृत्व ईमानदार और सख्त हो, तो व्यवस्था में सुधार संभव है। अभिनय विश्वकर्मा ने यह दिखाया कि शिकायतों को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा सिस्टम के भीतर सफाई भी उतनी ही जरूरी है जितनी बाहर कानून व्यवस्था उनकी कार्यशैली ने आम जनता के बीच विश्वास को मजबूत किया है।
वर्दी की गरिमा बनाम लालच की कीमत
यह घटना सिर्फ एक आरक्षक के पकड़े जाने की कहानी नहीं है, बल्कि उस मानसिकता का आईना है जो सिस्टम को भीतर से खोखला करती है। जब कानून के रक्षक ही कानून तोड़ने लगें, तो जनता का विश्वास टूटना स्वाभाविक है। लेकिन इस कार्रवाई ने यह उम्मीद भी जगाई है कि सिस्टम में अभी भी ऐसे अधिकारी हैं जो न केवल गलत को पहचानते हैं, बल्कि उसे जड़ से खत्म करने का साहस भी रखते हैं। जरूरत है निरंतर निगरानी की जवाबदेही तय करने की और ईमानदार अधिकारियों को प्रोत्साहित करने की तभी पुलिस शब्द पर जनता का भरोसा कायम रह सकेगा। एक कार्रवाई, कई संदेश बहोरीबंद की यह कार्रवाई सिर्फ एक ट्रैप नहीं, बल्कि एक चेतावनी है उन सभी के लिए, जो वर्दी की आड़ में भ्रष्टाचार का खेल खेल रहे हैं। कटनी से उठी यह गूंज अब पूरे प्रदेश में सुनाई दे रही है ईमानदारी अब विकल्प नहीं, अनिवार्यता है।

संपूर्णता अभियान 2.0 के तहत सूचकांक आधारित समग्र विकास को मिल रही गति* गौरेला पेंड्रा मरवाही, 30 मार्च 2026/ आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित संपूर्णता अभियान 2.0 के तहत गौरेला विकासखंड में 28 जनवरी से सूचकांक आधारित योजनाबद्ध एवं परिणामोन्मुख कार्यवाही निरंतर जारी है, जो आगामी 14 अप्रैल तक चलेगा। अभियान को पूर्णतः इंडिकेटर आधारित बनाते हुए विभिन्न विभागों द्वारा चिन्हित प्रमुख बिंदुओं पर केंद्रित प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो रहा है। अभियान के अंतर्गत 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से नियमित पूरक पोषण उपलब्ध कराना, बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन, सभी केंद्रों में कार्यशील शौचालय एवं स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना, विद्यालयों में बालिकाओं के लिए पृथक शौचालय की व्यवस्था तथा पशुधन में एफएमडी टीकाकरण का पूर्ण कवरेज जैसे प्रमुख सूचकांक पर विशेष फोकस किया जा रहा है।इन लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, पशुपालन एवं पंचायत विभाग के समन्वित प्रयासों से विभिन्न गतिविधियाँ निरंतर संचालित की जा रही हैं।विभागीय समन्वय, जनभागीदारी एवं सतत प्रयासों के माध्यम सशक्त, परिणामोन्मुख एवं जन-केंद्रित पहल के रूप में उभर रहा है, जो समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा नियमित मूल्यांकन कर अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। अभियान की शुरुआत ग्राम स्तर पर स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता एवं शिक्षा से संबंधित व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रमों, शपथ ग्रहण एवं प्रशिक्षण सत्रों के साथ की गई। राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय महत्व के विशेष दिवसों से जोड़ते हुए सुनियोजित कार्ययोजना के तहत आगे बढ़ाया गया, जिससे अभियान में निरंतरता एवं व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित हुई। संपूर्णता अभियान के दौरान 4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस पर स्क्रीनिंग एवं जागरूकता शिविर, 11 फरवरी को अंतर्राष्ट्रीय महिला एवं बालिका दिवस पर किशोरियों के स्वास्थ्य एवं पोषण कार्यक्रम, 28 फरवरीको राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर स्वच्छता एवं सुरक्षित पेयजल से संबंधित गतिविधियाँ आयोजित की गईं। इसी तरह 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस,16 मार्च को राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस, 22 मार्च को विश्व जल दिवस और 24 मार्च को विश्व टीबी दिवस पर थीम आधारित कार्यक्रमों के माध्यम से जनजागरूकता को बढ़ावा दिया गया। अभियान के दौरान आगामी चरणों में 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस,10 अप्रैल को राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस और 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती पर स्वास्थ्य, पोषण, सामाजिक समावेशन एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच को अंतिम छोर तक सुनिश्चित करने हेतु विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

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