बुलडोजर कार्रवाई के दौरान बड़ा हादसा, मलबे की चपेट में आया व्यक्ति; आक्रोशित भीड़ का पथराव

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(अनिल तिवारी)
शहडोल। शहर के विकास और सुगम यातायात के लिए शुरू किया गया अतिक्रमण हटाओ अभियान एक खौफनाक हादसे में तब्दील हो गया है। सड़क चौड़ीकरण की इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा मानकों की भारी अनदेखी सामने आई है, जिसका खामियाजा 45 वर्षीय सीताराम गुप्ता को भुगतना पड़ रहा है। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के बीच एक मकान का मलबा सीधे उनके ऊपर आ गिरा। फिलहाल, वे मेडिकल कालेज  में गंभीर अवस्था में भर्ती हैं। इस लापरवाही से गुस्साए लोगों ने नगर पालिका की जेसीबी को निशाना बनाते हुए जमकर पथराव किया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी और भारी तनाव का माहौल बन गया।
पलक झपकते ही गिरा मलबा
जिला प्रशासन के निर्देश पर नगर पालिका का अमला बुलडोजर और जेसीबी के साथ सड़क किनारे बने अतिक्रमण को नेस्तनाबूद कर रहा था,काम तेजी से चल रहा था, लेकिन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नदारद थे,इसी दौरान एक मकान का बड़ा हिस्सा अचानक से ढह गया,वहां मौजूद सीताराम गुप्ता कुछ समझ पाते, उससे पहले ही ईंट-पत्थरों का भारी मलबा उनके ऊपर आ गिरा, चीख-पुकार के बीच स्थानीय लोगों ने किसी तरह उन्हें मलबे से बाहर निकाला और आनन-फानन में मेडिकल कालेज  पहुंचाया डॉक्टरों ने उनकी नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें तुरंत आईसीयू में शिफ्ट कर दिया है, जहां उनकी स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है।
जेसीबी पर पथराव और मची अफरा-तफरी
आंखों के सामने हुए इस दर्दनाक हादसे ने वहां मौजूद परिजनों और स्थानीय नागरिकों के सब्र का बांध तोड़ दिया, प्रशासन की लापरवाही से भड़की भीड़ ने मौके पर मौजूद नगर पालिका की जेसीबी मशीन पर जोरदार पथराव शुरू कर दिया, ताबड़तोड़ पथराव के कारण जेसीबी के शीशे टूट गए और मशीन क्षतिग्रस्त हो गई।
क्या है पूरा मामला और क्यों चल रहा था बुलडोजर
 शहर को जाम से मुक्ति दिलाने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन ने एक महत्वाकांक्षी अभियान छेड़ा है।यह सड़क चौड़ीकरण अभियान इन्द्रा चौक से न्यू बस स्टैंड तक चलाया जा रहा है।शुरुआत में सड़क की चौड़ाई 18 मीटर प्रस्तावित की गई थी,
 स्थानीय व्यापारियों के भारी विरोध और दबाव के बाद प्रशासन ने इसे घटाकर 17 मीटर कर दिया था,प्रशासन का दावा है कि इस मेगा ड्राइव से शहर में आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं पर लगाम लगेगी।
सुरक्षा पर उठते गंभीर सवाल
भले ही यह अभियान शहर के विकास के लिए हो, लेकिन इस हादसे ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं। बिना उचित बैरिकेडिंग और जन-सुरक्षा के भारी-भरकम मशीनों का इस्तेमाल आम जनता के लिए कितना घातक हो सकता है, यह घटना इसका सीधा प्रमाण है। पुलिस और प्रशासन अब इस पूरे मामले की लीपापोती और जांच में जुट गए हैं।

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