महानदी में अवैध रेत के खेल पर प्रशासन का बड़ा प्रहार, पांच घाटों के रास्ते जेसीबी से खोदकर किए बंद खनिज संपदा की लूट रोकने मैदान में उतरी पुलिस, खनिज और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम, बड़वारा क्षेत्र के पांच घाटों पर सख्त कार्रवाई से अवैध परिवहन के रास्तों पर लगाया गया अंकुश

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महानदी में अवैध रेत के खेल पर प्रशासन का बड़ा प्रहार, पांच घाटों के रास्ते जेसीबी से खोदकर किए बंद
खनिज संपदा की लूट रोकने मैदान में उतरी पुलिस, खनिज और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम, बड़वारा क्षेत्र के पांच घाटों पर सख्त कार्रवाई से अवैध परिवहन के रास्तों पर लगाया गया अंकुश
महानदी के घाटों से रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन की शिकायतों को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। खनिज संपदा के अवैध दोहन पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से बड़वारा पुलिस, खनिज विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने ऐसी कार्रवाई की, जिसमें अवैध रेत परिवहन के लिए इस्तेमाल किए जा रहे रास्तों को ही बंद करा दिया गया। जेसीबी मशीन से पांच घाटों तक पहुंचने वाले मार्गों पर गड्ढे खुदवाकर आवागमन बाधित किया गया, ताकि इन रास्तों से रेत की अवैध निकासी और ढुलाई पर रोक लगाई जा सके।
कटनी। जिले में खनिज संपदा के अवैध दोहन और रेत के अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। बड़वारा थाना क्षेत्र में पुलिस, खनिज एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने महानदी के पांच घाटों पर कार्रवाई करते हुए अवैध रेत परिवहन में उपयोग किए जाने वाले रास्तों को अवरुद्ध कराया। इसके लिए जेसीबी मशीन की सहायता से मार्गों पर गड्ढे खुदवाए गए, ताकि इन रास्तों से रेत की अवैध निकासी और परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, महानदी के विभिन्न घाटों से अवैध रूप से रेत निकालकर परिवहन किए जाने की शिकायतों के आधार पर यह कार्रवाई की गई। संयुक्त टीम ने ग्राम गुड़ाकलां, विलायतखुर्द, देवरी, भदौरी नंबर-01 एवं बसाड़ी स्थित पांच घाटों पर पहुंचकर अवैध परिवहन में इस्तेमाल होने वाले मार्गों को बंद कराया।
खनिज संपदा के संरक्षण पर जोर
रेत निर्माण कार्यों के लिए महत्वपूर्ण खनिज संसाधन है। नदी से नियमों के विपरीत रेत का उत्खनन और उसका अवैध परिवहन न केवल शासन के राजस्व को प्रभावित करता है, बल्कि नदी के प्राकृतिक स्वरूप और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। ऐसे में अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए निगरानी और प्रभावी कार्रवाई आवश्यक है।
महानदी के पांच घाटों पर रास्ते अवरुद्ध करने की कार्रवाई को इसी दिशा में उठाए गए कदम के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, अवैध परिवहन पर स्थायी रोक के लिए केवल रास्ते बंद करना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि घाटों की नियमित निगरानी, अवैध उत्खनन में शामिल लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई और परिवहन पर सतत नजर रखना भी महत्वपूर्ण रहेगा।

घाटों से सड़कों तक अवैध रेत परिवहन पर शिकंजा
नदी से रेत का अवैध उत्खनन और बिना वैधानिक अनुमति उसका परिवहन खनिज संपदा के संरक्षण के साथ-साथ शासन के राजस्व से जुड़ा गंभीर विषय है। नियमों को दरकिनार कर होने वाली ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए केवल शिकायतों पर कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि अवैध परिवहन के इस्तेमाल में आने वाले रास्तों को चिह्नित कर उन्हें बाधित करना भी जरूरी है। बड़वारा क्षेत्र में की गई कार्रवाई में प्रशासन ने इसी रणनीति के तहत कदम उठाया। पांच घाटों पर रास्ते बंद कराने का उद्देश्य अवैध रेत परिवहन के लिए इस्तेमाल होने वाले मार्गों को बाधित करना है। हालांकि, इस कार्रवाई का दीर्घकालिक असर नियमित निगरानी, दोबारा खुलने वाले रास्तों पर नियंत्रण और अवैध उत्खनन या परिवहन में संलिप्त पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई पर निर्भर करेगा।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य और डीएसपी मुख्यालय रत्नेश मिश्रा के मार्गदर्शन में की गई। संयुक्त कार्रवाई में तहसीलदार बड़वारा ऋषि गौतम, खनिज अधिकारी पवन कुशवाहा एवं थाना प्रभारी बड़वारा सुयश पाण्डेय की प्रमुख भूमिका रही। पुलिस, खनिज एवं राजस्व विभाग के आपसी समन्वय से की गई इस कार्रवाई का उद्देश्य महानदी के घाटों से होने वाले अवैध रेत परिवहन पर अंकुश लगाना और खनिज संपदा के संरक्षण की दिशा में प्रभावी कदम उठाना है।

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