बागरी का दिल मांगे मोर
दो सितारे वाले साहब और उनके साथी—दोनों का दिल इन दिनों जमकर उछाल मार रहा है। उनकी बढ़ी हुई तोंद भी थोड़ा-बहुत नहीं, बल्कि हर दिन “मोर… मोर…” की मांग कर रही है। पूरा स्टाफ उनकी हरकतों से परेशान है। हालत यह है कि थाना क्षेत्र से गुजरने वाले वाहनों को तो छोड़िए, यहां से गुजरने वाले जनाजे से भी रुपये मांग लें तो कोई बड़ी बात नहीं।
मोटी तोंद वाले साहब की चमड़ी भी अब उतनी ही मोटी हो गई है। यही कारण है कि अब इन साहबान का सिर्फ दिल ही नहीं, बल्कि शरीर का हर अंग कह रहा है—मोर… मोर… मोर… मोर…