नियमों को ठेंगा दिखाकर नौकरी? तीसरी संतान के बाद भी सेवा में सहायक शिक्षिका पर बड़ा सवाल

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आरटीआई में जानकारी देने से बचता विभाग, दस्तावेज़ों ने खोली पोल-जांच की उठी मांग
शहडोल। जिले के जयसिंहनगर विकासखंड में पदस्थ एक सहायक शिक्षिका को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि मध्यप्रदेश शासन के स्पष्ट नियमों के बावजूद तीसरी संतान होने के बाद भी वह नौकरी में बनी हुई हैं। मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब सूचना के अधिकार  के तहत मांगी गई जानकारी देने से विभाग ने किनारा कर लिया।
दस्तावेज़ों ने खड़े किए गंभीर सवाल
प्राप्त दस्तावेज़ों में एक विद्यालय द्वारा जारी प्रमाण पत्र में विवेक तिवारी की जन्मतिथि 07 दिसंबर 2002 दर्ज है, जिसमें माता के रूप में संबंधित शिक्षिका का नाम अंकित है। इसके साथ ही समग्र पोर्टल के परिवार विवरण में भी उक्त नाम शामिल है।
शिकायतकर्ता का दावा है कि यह चौथी संतान है, जो 26 जनवरी 2001 के बाद जन्मी है ऐसे में सेवा में बने रहना सीधे तौर पर नियमों पर सवाल खड़ा करता है।
RTI पर चुप्पी क्यों?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पूरे मामले में RTI के तहत जानकारी मांगी गई, तो संबंधित अधिकारियों ने इसे व्यक्तिगत जानकारी बताकर देने से इंकार कर दिया। जानकारों का कहना है कि शासकीय कर्मचारी से जुड़ी सेवा संबंधी जानकारी को इस तरह छिपाना नियमों की मंशा के विपरीत है।
क्या विभाग कर रहा है बचाव?
आरोप यह भी है कि स्थानीय स्तर पर विभागीय अमला पूरे मामले को दबाने में लगा है। यदि दस्तावेज़ों में दर्ज जानकारी सही है, तो यह न सिर्फ नियमों का उल्लंघन है बल्कि शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाने जैसा भी मामला बनता है।
जांच नहीं हुई तो बढ़ेगा विवाद
शिकायतकर्ता ने उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग की है। अब नजर इस बात पर है कि प्रशासन इस गंभीर आरोप को कितनी गंभीरता से लेता है, या फिर मामला फाइलों में ही दबकर रह जाएगा।

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