जब जनप्रतिनिधि कुर्सी से नहीं, करुणा से पहचान बना ले….दिव्यांग दीपक के पास स्वयं पहुंचीं महापौर, इंसानियत बनी जनसुनवाई की पहचान
जब जनप्रतिनिधि कुर्सी से नहीं, करुणा से पहचान बना ले....दिव्यांग दीपक के पास स्वयं पहुंचीं महापौर, इंसानियत बनी जनसुनवाई की...