सीएस ने दिये ताप विद्युत गृह में फर्जी मस्टर रोल के जांच के आदेश

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ठेकेदार धीरेन्द्र सिंह के द्वारा धोखाधड़ी करने के लगे थे आरोप 
भाई-भतीजे और भाभी करते हैं सीएसपी साईड में काम 
बिजली उत्पादन कर्मचारी संघ ने दी सीएस को शिकायत 
(अमित दुबे)
चचाई/ शहडोल। शुक्रवार को एक दिवसीय दौरे पर अनूपपुर जिले के चचाई स्थित अमरकंटक थर्मल पॉवर केन्द्र पहुंचे ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव संजय दुबे ने प्लांट में ठेकेदारों के द्वारा फर्जी मस्टर रोल बनाकर आहरण करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ शिकायत के बाद जांच के आदेश दिये। बिजली उत्पादन कर्मचारी संघ मध्यप्रदेश की स्थानीय इकाई के अखिलेश मिश्रा द्वारा मामले की शिकायत और अन्य दस्तावेज मुख्य सचिव को सौंपे गये थे, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि मेसर्स धीरेन्द्र सिंह कांट्रेक्टर के द्वारा 42 की जगह 20 श्रमिकों को काम पर लगाकर अन्य नाम परिजनों के जोड़े गये और लाखों का गड़बड़झाला किया गया, इसमें उनके साथ मण्डल  के कर्मचारी भी शामिल थे, श्री दुबे ने समस्त बिन्दुओं को समझने के बाद इसे बड़ी चूक और गड़बड़ी मानते हुए, इस मामले में तत्काल जांच और रिपोर्ट सौंपने के आदेश भी दिये।
यह हैं आरोप 
अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई में ठेकेदार धीरेन्द्र सिंह के द्वारा सीएचपी संभाग के पार्ट (ए)  में क्लीनिंग का कार्य मण्डल द्वारा दिया गया था, खुद मण्डल ने सूचना के अधिकार में यह जानकारी दी है कि यहां 42 श्रमिकों को काम पर लगाया जाना है, किन्तु 20 श्रमिक कम लगाकर 13 मार्च 2010 से लेकर 31 दिसम्बर 2013 तक पूरा भुगतान ले लिया गया। यही नहीं तथाकथित ठेकेदार ने इस मामले में फर्जी आहरण के लिए अपने सगे रिश्तेदारों के नाम मस्टर में दर्ज कर दिये और लाखों रूपये प्रतिमाह आहरण करते रहे।
बॉयलर-टरबाईन में भी फर्जीवाड़ा
पॉवर हाऊस क्रमांक 2 संचालन वृत्त में भी ठेकेदार के द्वारा इस तरह का फर्जीवाड़ा किया गया है, यहां बिन्दु क्रमांक-4 में बॉयलर तथा टरबाईन विद्युत गृह-2 का ठेका लिया गया था, जिसमें निर्धारित संख्या से कम श्रमिक लगाये गये थे, बाद में मस्टररोल में फर्जी श्रमिकों का नाम डालकर लाखों रूपये का आहरण कर लिया गया, इसी तरह एसटीपी के कार्य में भी इनके द्वारा बीते वर्ष रिश्तेदारों के नाम लिखकर आहरण किया जा चुका है।
धीरेन्द्र ने इन रिश्तेदारों को किया उपकृत 
मुख्य सचिव को दी गई शिकायत में यह आरोप लगाया गया कि धीरेन्द्र सिंह ने सीएसपी साईट की साफ-सफाई में फर्जी नाम जोडऩे में सारी हदें पार कर दी, रूपये के फेर में उन्होंने भाई-भतीजे, पत्नी, भाभी तक का नाम जोड़कर फर्जी आहरण करने में गुरेज नहीं की, शिकायतकर्ता के आरोप कितने सही हैं, यह तो जांच के बाद ही स्पष्ट होगा, लेकिन प्रमुख सचिव को दी गई शिकायत और दस्तावेजों पर यकीन करें तो, उक्त स्थल पर भतीजे नीरज सिंह, पंकज कुमार, आकाश सिंह, शिवेन्द्र सिंह, दुर्गेश सिंह, अजय सिंह के अलावा रिश्ते के भाई प्रमोद सिंह, जितेन्द्र सिंह, तेजभान सिंह, प्रेम बहादुर सिंह, दारा सिंह, संतबहादुर सिंह, पवन कुमार सिंह, विकट बहादुर सिंह के साथ ही भाभी प्रमिला सिंह, सुधा सिंह, मीना सिंह के अलावा पत्नी साधना सिंह तक का नाम मजदूरों की सूची में डाल दिया और लाखों आहरण कर लिये। इसके अलावा टरबाईन-बॉयलर साईट में संजय सिंह पिता राघवेन्द्र सिंह, जितेन्द्र सिंह पिता मान सिंह, प्रांजीव सिंह पिता अयोध्या सिंह, पुष्पेन्द्र सिंह पिता नारद सिंह, प्रिंस सिंह पिता मुकुट बहादुर सिंह, विफल सिंह पिता कटक बहादुर, अजीत पिता अश्वनी बहादुर, कटक बहादुर पिता जगमोहन सिंह, करेश सिंह पिता अविनाश सिंह, राघवेन्द्र सिंह पिता हरिलाल सिंह, मुकेश सिंह पिता नरेन्द्र सिंह, अविनाश सिंह पिता हरिलाल सिंह के नाम फर्जी रूप से जोड़कर आहरण लिया गया।

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