बिजली कर्मचारियों का बिगुल:पुरानी पेंशन समेत 7 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन तेज,17 अगस्त से हड़ताल की चेतावनी
गौरेला पेंड्रा मरवाही/छत्तीसगढ़ की विद्युत व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों और पावर कंपनी की कथित वादाखिलाफी के खिलाफ प्रदेशव्यापी आंदोलन का शंखनाद कर दिया है। भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ महासंघ के नेतृत्व में कर्मचारियों ने तीन चरणों में व्यापक आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर मैदान में उतरना शुरू कर दिया है।
महासंघ के बिलासपुर क्षेत्रीय सचिव रविकांत सिंह ठाकुर ने बताया कि राज्य शासन द्वारा पूर्व में विद्युत कर्मचारियों को लेकर कई मांगों पर सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई थी, लेकिन आज तक उन पर अमल नहीं किया गया है। विशेष रूप से पुरानी पेंशन योजना की बहाली को लेकर कर्मचारियों में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि लगातार मांग उठाने के बावजूद कर्मचारियों को इस महत्वपूर्ण लाभ से वंचित रखा गया है।
उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में पुरानी पेंशन योजना लागू करना, संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण, तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों पर नई भर्ती,लंबित पदोन्नति आदेश जारी करना,तकनीकी एवं कंप्यूटर भत्ता प्रदान करना,वेज रिवीजन कमेटी का गठन करना तथा ठेका श्रमिकों को सीधे पावर कंपनी से भुगतान एवं भर्ती में प्राथमिकता देना शामिल है।
इन्हीं मांगों को लेकर महासंघ ने आंदोलन को तीन चरणों में संचालित करने का निर्णय लिया है। प्रथम चरण के तहत 1 जून से 30 जून तक पूरे प्रदेश में हस्ताक्षर अभियान और जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। इसके माध्यम से कर्मचारियों को संगठित कर आंदोलन को व्यापक स्वरूप दिया जा रहा है।
द्वितीय चरण में 1 जुलाई से 9 जुलाई तक सभी क्षेत्रीय मुख्यालयों में ज्ञापन सौंपे जाएंगे। इसकी शुरुआत 1 जुलाई को बिलासपुर के तिफरा स्थित मुख्यालय में आमसभा,धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के साथ होगी। इसके बाद 10 जुलाई को रायपुर के डंगनिया स्थित मुख्यालय में प्रदेश स्तरीय महाधरना आयोजित किया जाएगा।
महासंघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 17 अगस्त से कामबंद हड़ताल की सूचना जारी कर दी जाएगी। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी जायज मांगों की अनदेखी की जा रही है, जिससे अब आंदोलन ही अंतिम विकल्प बचा है।
कर्मचारी नेताओं ने आशंका जताई है कि यदि हड़ताल की नौबत आती है तो पूरे प्रदेश की विद्युत व्यवस्था प्रभावित हो सकती है और कई क्षेत्रों में ब्लैकआउट जैसी स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।
इसी क्रम में बुधवार को बिलासपुर क्षेत्र अंतर्गत मुंगेली,बिलासपुर,कोरबा तथा पेंड्रारोड-मरवाही में सघन हस्ताक्षर अभियान एवं जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने भाग लेकर आंदोलन के प्रति एकजुटता प्रदर्शित की और अपनी मांगों के समर्थन में हस्ताक्षर किए।
महासंघ ने कहा है कि जब तक कर्मचारियों की मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती तब तक आंदोलन चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा।