खाद के लिए किसानों को हो रही परेशानी

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उमरिया। जिले में धान की कटाई के बाद अब दूसरी फसलों की बुवाई शुरू हो चुकी है। जिसको लेकर किसान खाद वितरण केंद्रों पर लाइन लगाकर अपने नंबर का इंतजार कर रहे हैं। जिसको लेकर किसानों में आक्रोश है। जिले के
खाद वितरण केंद्रों में खाद को लेकर किसान सुबह से ही खाद वितरण केंद्र पहुंचते हैं और लंबी-लंबी कतारें सुबह से ही लग जाती हैं। इन कतारों के बीच अपने नंबर के इंतजार में किसान इंतजार करते रहते हैं। खाद वितरण केंद्र उमरिया में किसान सुबह से पहुंच कर अपने स्थान को सुरक्षित करने के लिए नंबर लगाने के लिए खिडक़ी से आधार कार्ड और पहचान पत्र रखकर लाइन लगाकर अपने नंबर का इंतजार करते रहते हैं। किसानों ने परेशान होकर खड़े रहने से बचने के लिए यह तरीका निकाला है। सभी किसान एक के बाद एक अपने आधार कार्ड रखकर लाइन बना लेते हैं और नंबर आने पर खाद ले लेते हैं। नंबर ना आने पर खाली हाथ ही घर लौट जाते हैं और दूसरे दिन खाद के लिए जल्दी पहुंचने का प्रयास करते हैं। खाद लेने आए किसान ने बताया कि हम आधार कार्ड और पहचान पत्र रखकर लाइन लगा लेते हैं। खाद मिल गई तो ठीक, नहीं तो वापस घर चले जाते हैं। फिर दूसरे दिन आते हैं, खाद को लेकर हम बहुत परेशान हैं।

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संपूर्णता अभियान 2.0 के तहत सूचकांक आधारित समग्र विकास को मिल रही गति* गौरेला पेंड्रा मरवाही, 30 मार्च 2026/ आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित संपूर्णता अभियान 2.0 के तहत गौरेला विकासखंड में 28 जनवरी से सूचकांक आधारित योजनाबद्ध एवं परिणामोन्मुख कार्यवाही निरंतर जारी है, जो आगामी 14 अप्रैल तक चलेगा। अभियान को पूर्णतः इंडिकेटर आधारित बनाते हुए विभिन्न विभागों द्वारा चिन्हित प्रमुख बिंदुओं पर केंद्रित प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो रहा है। अभियान के अंतर्गत 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से नियमित पूरक पोषण उपलब्ध कराना, बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन, सभी केंद्रों में कार्यशील शौचालय एवं स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना, विद्यालयों में बालिकाओं के लिए पृथक शौचालय की व्यवस्था तथा पशुधन में एफएमडी टीकाकरण का पूर्ण कवरेज जैसे प्रमुख सूचकांक पर विशेष फोकस किया जा रहा है।इन लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, पशुपालन एवं पंचायत विभाग के समन्वित प्रयासों से विभिन्न गतिविधियाँ निरंतर संचालित की जा रही हैं।विभागीय समन्वय, जनभागीदारी एवं सतत प्रयासों के माध्यम सशक्त, परिणामोन्मुख एवं जन-केंद्रित पहल के रूप में उभर रहा है, जो समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा नियमित मूल्यांकन कर अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। अभियान की शुरुआत ग्राम स्तर पर स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता एवं शिक्षा से संबंधित व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रमों, शपथ ग्रहण एवं प्रशिक्षण सत्रों के साथ की गई। राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय महत्व के विशेष दिवसों से जोड़ते हुए सुनियोजित कार्ययोजना के तहत आगे बढ़ाया गया, जिससे अभियान में निरंतरता एवं व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित हुई। संपूर्णता अभियान के दौरान 4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस पर स्क्रीनिंग एवं जागरूकता शिविर, 11 फरवरी को अंतर्राष्ट्रीय महिला एवं बालिका दिवस पर किशोरियों के स्वास्थ्य एवं पोषण कार्यक्रम, 28 फरवरीको राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर स्वच्छता एवं सुरक्षित पेयजल से संबंधित गतिविधियाँ आयोजित की गईं। इसी तरह 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस,16 मार्च को राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस, 22 मार्च को विश्व जल दिवस और 24 मार्च को विश्व टीबी दिवस पर थीम आधारित कार्यक्रमों के माध्यम से जनजागरूकता को बढ़ावा दिया गया। अभियान के दौरान आगामी चरणों में 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस,10 अप्रैल को राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस और 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती पर स्वास्थ्य, पोषण, सामाजिक समावेशन एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच को अंतिम छोर तक सुनिश्चित करने हेतु विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।