KATNI CSP नेहा पच्चीसिया समेत तीन के खिलाफ FIR, पुलिस महकमे में हड़कंप हत्या के मामले में जमीन सौदे और जांच कार्रवाई से जुड़े आरोपों की जांच के बाद कुठला थाने में मामला दर्ज होने की खबर
KATNI CSP नेहा पच्चीसिया समेत तीन के खिलाफ FIR, पुलिस महकमे में हड़कंप
हत्या के मामले में जमीन सौदे और जांच कार्रवाई से जुड़े आरोपों की जांच के बाद कुठला थाने में मामला दर्ज होने की खबर

कटनी।। कटनी की नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) नेहा पच्चीसिया से जुड़े विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार कुठला थाना पुलिस ने CSP नेहा पच्चीसिया सहित तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इस खबर के सामने आने के बाद पुलिस विभाग से लेकर जिले के प्रशासनिक गलियारों तक हलचल तेज हो गई है।
बताया जा रहा है कि इस मामले में नेहा पच्चीसिया के अलावा क्षितिज राज और मारूफ अहमद को भी आरोपी बनाया गया है। कुठला थाने में दर्ज प्रकरण का क्रमांक 0738/2026 बताया जा रहा है।
हत्या के मामले से जुड़ा है विवाद
मामला एक हत्या प्रकरण की जांच, आरोपी पक्ष की जमीन की खरीद-फरोख्त तथा जांच कार्रवाई के दौरान कथित तौर पर सामने आए आरोपों से जुड़ा बताया जा रहा है। इन आरोपों की जांच जबलपुर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनु बेनीवाल द्वारा की जा रही थी। हालिया रिपोर्टों के अनुसार नेहा पच्चीसिया के खिलाफ हत्या के एक मामले में कार्रवाई, जमीन खरीदने और कथित अवैध वसूली से संबंधित शिकायतों की जांच पहले से चल रही थी। जांच के दौरान संबंधित अधिकारियों और अन्य लोगों के बयान भी दर्ज किए गए थे।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई
प्राप्त जानकारी के अनुसार इसी जांच और सामने आए तथ्यों के आधार पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर कुठला थाने में प्रकरण दर्ज कराया गया है। FIR में BNS की धारा 61, 198, 199(B), 308(7) और 318(4) लगाए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, FIR में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता का निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा। FIR दर्ज होना अपने आप में आरोपों का दोष सिद्ध होना नहीं है।
पहले भी हटाया जा चुका है थानों का प्रभार
CSP नेहा पच्चीसिया के खिलाफ आरोप सामने आने के बाद पुलिस विभाग में पहले भी प्रशासनिक कार्रवाई हो चुकी है। रिपोर्टों के मुताबिक उनके अधीन आने वाले कई थानों का प्रभार उनसे वापस लिया गया था और उनके सरकारी ड्राइवर को भी निलंबित किया गया था। मामले की विभागीय जांच जबलपुर एएसपी अनु बेनीवाल को सौंपी गई थी।
FIR दर्ज होने के बाद पुलिस अब मामले से जुड़े दस्तावेजों, जमीन के लेन-देन, जांच प्रक्रिया तथा संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की पड़ताल करेगी। जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जांच के दौरान कौन-कौन से तथ्य सामने आए और FIR में नामजद तीनों आरोपियों की भूमिका क्या रही अब पुलिस की जांच और वरिष्ठ अधिकारियों की आगामी कार्रवाई पर पूरे जिले की नजर रहेगी। इस मामले में नामजद व्यक्तियों के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की अंतिम सत्यता जांच एवं न्यायालयीन प्रक्रिया से ही निर्धारित होगी।