विश्वविद्यालय शहडोल में तृतीय दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन संपन्न

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शहडोल। मंगु भाई पटेल कुलाधिपति एवं राज्यपाल मध्य प्रदेश के मुख्य आतिथ्य में पंडित एस.एन. शुक्ला विश्वविद्यालय शहडोल में तृतीय दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। उक्त समारोह के मुख्यवक्ता विनोद कुमार, (पूर्व राजदूत) भारतीय विदेश सेवा उपस्थित थे, समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में हिमाद्री सिंह सांसद शहडोल, जयसिंह मरावी, विधायक जैतपुर, श्रीमती मनीषा सिंह, विधायक जयसिंहनगर, शरद कोल विधायक व्यौहारी समारोह के विशिष्ट अतिथि थे। संपूर्ण समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर रामशंकर ने की और 2093 छात्र-छात्रओ को दीक्षांत की शपथ दिलाई। समारोह की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई। मंगु भाई पटेल कुलाधिपति एवं राज्यपाल मध्य प्रदेश एवं सभी अतिथियों के द्वारा माँ सरस्वती के विग्रह में दीप प्रज्ज्वलन कर समारोह की शुरुआत की गई, संगीत विभाग द्वारा मधुर स्वर में कुलगीत का गान किया गया। मंगु भाई पटेल कुलाधिपति एवं राज्यपाल अपने वक्तव्य में कहा की शहडोल से प्रधानमंत्री ने सिकलसेल एनीमिया उन्मूलन की शुरुआत की थी, यहां उन लोगों को मालूम नहीं है क्या होता है और निरंतर सिकल सेल बढ़ता जा रहा है इसके लिए हमारा सबका प्रयास होना चाहिए कि इस क्षेत्र में अपना योगदान देते हुए लोगों को जागरूक करें उन तक पहुंचे और सिकल सेल एनीमिया के बारे में उन्हें संपूर्ण जानकारी दें, मैं इस विश्वविद्यालय के छात्रों से भी अपेक्षा करता हूं कि इसका अधिक से अधिक अध्ययन करें और इसमें जागरूकता फैलाएं यहां के कुलपति ने बताया कि हम सिकलसेल से एनीमिया को लेकर पांच गांव गोद में लिए हैं अब उन पांच गांव से हमें आगे बढ़ाने की जरूरत है जैसा विश्वविद्यालय चल रहा है मुझे प्रसन्नता है और इसे आगे बढ़ाने की निरंतर जरूरत है सभी योगदान निश्चित करें और एक समर्थ भारत के निर्माण में अपने ज्ञान -विज्ञान का योगदान दें। दीक्षांत के यह अवसर पर मैं आप सभी को बधाई देता हूं कि निरंतर प्रगति पथ पर बढ़ते हुए इस विश्वविद्यालय को नहीं भूलेंगे अपने माता पिता को नहीं भूलेंगे जिन्होंने आपको जन्म दिया जिन्होंने अपना पेट काटकर आपको पढ़ाया आपको अच्छी शिक्षा दी इसलिए आज मैं आप सभी से मेरी अपेक्षा है की उपाधि को पाने के बाद अपने मांता और पिता को तथा इस विश्वविद्यालय को नहीं भूलेंगे। एक बार पुनः इस दीक्षांत समारोह में जिन छात्रों को उपाधि मिली है उन सभी को मैं अपने कर्तव्य पथ की यात्रा के लिए अनंत शुभकामनाएं देता हूं।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राम शंकर ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए समस्त अतिथियों का स्नेह पूरित अभिवादन किया और कहा कि विश्वविद्यालय के गौरव यात्रा में सहभागी होने पर आप सभी का आत्मीय अभिनंदन है एक राष्ट्र के विकास में उच्चतर शिक्षा का महत्वपूर्ण योगदान होता है । पंडित एस.एन. शुक्ल विश्वविद्यालय राष्ट्र के विकास में अपनी भूमिका से अवगत भी है और सजग भी है हमारा प्रयास मूल्य आधारित शिक्षा प्रणाली है। जिससे नैतिक, सामाजिक और सार्वभौमिक मानवीय मूल्यों की स्थापना की जा सके। जिसमें सत्य, शांति, प्रेम, अहिंसा नागरिक मूल्य जीवन शैली, पर्यावरण समग्र शिक्षा के अभिन्न अंग है। आज इस अवसर पर विश्वविद्यालय के 2093 विद्यार्थियों उपाधि के योग्य पाया गया है जिन्हें मै शुभकामना देता हूं हमारा प्रयास सदैव से है कि एक उच्चतम गुणवत्ता युक्त परिसर बनाना और विकसित भारत में अपना योगदान सुनिश्चित करना इसे लेकर यह विश्वविद्यालय विभिन्न नवाचारों के साथ आगे बढ़ रहा है। कुलाधिपति के आभा से यह मंच प्रकाशित है हमरा विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति के बहुविषयक शिक्षण लक्ष्य को केंद्र में रखकर सतत प्रयत्नशील है। विनोद कुमार ( पूर्व राजदूत) मुख्य वक्ता अपने वक्तव्य में छात्रों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि आपका समर्पण जो पढ़ाई के दौरान दिखाया है वह आपके भविष्य में बहुत काम आने वाला है बुद्धि और ज्ञान के विकास का अवसर पंडित शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय ने दिया है यह अवसर आपके जीवन के लिए अत्यंत उपयोगी है ज्ञान सिर्फ जीवन चलाने के लिए नहीं है बल्कि देश के निर्माण में इसकि की आवश्यकता है और इसका उपयोग देश के निर्माण में होगा आज इस दीक्षांत समारोह में आपको उपाधि मिल रही है इसका उपयोग सशक्त संपन्न और समर्थ भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएंगे यही मेरी शुभकामनाएं है। समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित सांसद श्रीमति हिमाद्री सिंह ने कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय के छात्र उसके ब्रांड- एंबेसडर होते हैं जहां वह जाते हैं वह विश्वविद्यालय की छाप छोड़ते हैं इसलिए जब आप शहडोल से अपनी पढ़ाई पूरी करके इस देश के विकास में अपना योगदान देंगे तो इस विश्वविद्यालय का नाम भी आपके साथ रोशन होगा आज मेरी इस दिन पर आप सभी को अनंत शुभकामनाएं है। दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को मेडल एवं उपाधि पत्र प्रदान किए गये। 100 छात्रों को अपना उपाधि दी गई। विश्वविद्यालय के इन्हीं उपाधि धारकों में से 36 छात्रों को गोल्ड मेडल प्रदान किया महामहीम राज्यापाल द्वारा प्रदान किया गया, विश्वविद्यालय के सात पीएचडी धारकों को भी उपाधि से विभूषित किया। कार्यक्रम का संपूर्ण संचालन विश्वविद्यालय के कुल सचिव डॉ. आशीष तिवारी ने किया तथा सभी अतिथियों का कार्यक्रम के अंत में आभार व्यक्त करते हुए कुलाधिपति के आदेश से कार्यक्रम के समापन की घोषणा की। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के सभी संकयाध्यक्ष, विभगाध्यक्ष, प्राध्यापक अतिथि प्राध्यापक नगर के सम्माननीय आमंत्रित जन अभिभावक एवं छात्र-छात्राओं ने भारी संख्या में उपस्थित कार्यक्रम सम्पन्न किया।

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