हाल ए हलचल’ की खबर का बड़ा असर: ग्राम कोरजा में मनरेगा भ्रष्टाचार पर प्रशासन सख्त, 3 सदस्यीय जांच टीम गठित, 2 दिन में मांगी रिपोर्ट

0

मोहम्मद शाकिब खान मुख्य संवाददाता गौरेला

 

गौरेला (जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही):

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत गौरेला विकासखंड के ग्राम पंचायत कोरजा में चल रहे चेक डैम निर्माण में बरती जा रही भारी अनियमितताओं पर प्रशासन ने आखिरकार कड़ा रुख अपना लिया है। वेब न्यूज़ पोर्टल ‘हाल ए हलचल’ द्वारा इस भ्रष्टाचार का स्टिंग ऑपरेशन कर प्रमुखता से खबर दिखाए जाने के महज 24 घंटे के भीतर जनपद पंचायत ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।

 

प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 3 सदस्यीय जांच टीम का गठन किया है और 2 दिन के भीतर रिपोर्ट तलब की है।

 

क्या था पूरा मामला?

विदित हो कि ग्राम पंचायत कोरजा में गौशाला के पास मनरेगा के अंतर्गत एक चेक डैम का निर्माण किया जा रहा है। ‘हाल ए हलचल’ की टीम ने ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर खुलासा किया था कि इस निर्माण कार्य में नियमों को ताक पर रखकर मजदूरों के हक पर डाका डाला जा रहा है।

 

कैमरे के सामने मजदूरों ने स्वीकार किया था कि डैम की नींव की खुदाई के लिए रातों-रात प्रतिबंधित जेसीबी (JCB) मशीन का इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा मौके से लिए गए साक्ष्यों में साफ दिखा था कि निर्माण में अत्यंत गुणवत्ताहीन ‘हैंड ब्रोकन’ पत्थरों का उपयोग किया जा रहा था।

 

इस पूरे खेल में सरपंच, सचिव और तकनीकी सहायक की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी।

 

खबर चलते ही हरकत में आया प्रशासन:

3 मई 2026 को ‘हाल ए हलचल’ पर खबर प्रसारित होने के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। 4 मई 2026 को जनपद पंचायत गौरेला के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और कार्यक्रम अधिकारी ने तत्काल प्रभाव से एक आदेश जारी किया।

 

इन अधिकारियों को सौंपी गई जांच की जिम्मेदारी:

जारी आदेश (क्रमांक/475/ज.पं./मनरेगा/2025-26) के तहत मामले की सूक्ष्म जांच के लिए एक टीम बनाई गई है, जिसमें निम्नलिखित अधिकारी शामिल हैं:

श्री दीपक कुमार देवांगन (उप अभियंता, जनपद पंचायत गौरेला)

श्री संजय राठौर (तकनीकी सहायक, जनपद पंचायत गौरेला)

श्री भूपेंद्र सिदार (तकनीकी सहायक, जनपद पंचायत गौरेला)

 

2 दिन का अल्टीमेटम

जांच दल को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे तत्काल कार्यस्थल का निरीक्षण करें। मीडिया में प्रसारित खबर के आधार पर जेसीबी (JCB) के प्रयोग और गुणवत्ताहीन पत्थरों के इस्तेमाल के आरोपों की सत्यता जांचें और 02 दिवस के भीतर अपना स्पष्ट अभिमत सहित जांच प्रतिवेदन (रिपोर्ट) प्रस्तुत करें। इस आदेश की प्रतिलिपि कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ को भी सूचनार्थ भेजी गई है।

 

अब कार्रवाई पर टिकीं निगाहें:

‘हाल ए हलचल’ की इस निडर पत्रकारिता ने भ्रष्टाचार में लिप्त पंचायत प्रतिनिधियों की नींद उड़ा दी है। अब क्षेत्र के ग्रामीणों और मनरेगा मजदूरों की निगाहें इस जांच टीम की रिपोर्ट पर टिकी हैं।

 

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जांच रिपोर्ट में सत्यता सामने आने के बाद क्या दोषियों (सरपंच, सचिव और संबंधित टीए) पर एफआईआर (FIR) दर्ज कर शासकीय राशि की रिकवरी की जाएगी, या फिर यह जांच भी महज खानापूर्ति बनकर रह जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed