जिला गौरेला पेंड्रा मरवाही में एक के बाद एक एक महीने में लड़कियां हुई गायब इसके पीछे अपहरण,घर से भागना य बड़े गिरोह की कोई सुनियोजित चाल?
गौरेला पेंड्रा मरवाही
शांतिपूर्ण समझे जाने वाले गौरेला क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों के भीतर जो घटा है, उसने पुलिस प्रशासन से लेकर आम जनता तक के होश उड़ा दिए हैं। घर की चारदीवारी, अस्पताल का परिसर और खरीदारी के लिए निकला सामान्य रास्ता—हर जगह से लड़कियां अचानक हवा में गायब हो रही हैं। कुछ ही दिनों के अंतराल पर दर्ज हुई प्राथमिकियों ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।
*रहस्यमयी घटनाओं का सिलसिला*
अस्पताल के गलियारे से ओझल: पिता को दोपहर का भोजन कराने के बाद एक युवती अस्पताल की लैब से रिपोर्ट लेने निकलती है और फिर कभी वापस नहीं आती। भरी दोपहर में अस्पताल जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके से वह अचानक कहां गायब हो गई?
आधी रात को दरवाजे पर बाइक की गूंज: रात के सन्नाटे में करीब दो बजे घर के बाहर एक मोटरसाइकिल रुकने की आवाज आती है। कुछ ही पलों बाद जब परिजन कमरे में जाकर देखते हैं, तो नाबालिग लड़की बिस्तर से नदारद मिलती है।
सामान, जेवर और खामोशी: एक अन्य मामले में किशोरी रात के अंधेरे में अपने ही कमरे से गायब हो जाती है, साथ में घर से नकदी और कीमती गहने भी साफ मिलते हैं।
बाजार जाने का बहाना और अंतहीन इंतजार: राखी खरीदने की बात कहकर घर की दहलीज लांघने वाली नाबालिग लड़की कई दिन बीत जाने के बाद भी लौटकर नहीं आई।
*सुलगते सवाल, जिनका जवाब तलाश रही है खाकी*
क्या जिले में कोई ऐसा गिरोह सक्रिय है जो युवतियों और नाबालिगों को सुनियोजित तरीके से अपने जाल में फंसा रहा है?
अलग-अलग गांवों और इलाकों से एक ही समय सीमा के भीतर लड़कियों का अचानक यूं लापता होना क्या महज एक संयोग है?
क्या पीड़ितों को प्रलोभन देकर सीमा पार ले जाया जा रहा है, या इस पूरे रहस्य के तार किसी बड़े नेटवर्क से जुड़े हैं? क्या इन लड़कियों का अपहरण किया गया है?
य लड़कियों ने घर छोड़ा है?
आखिर एक महीने के भीतर रहस्यमय ढंग से लड़कियां गायब हो गई और पुलिस की खामोशी क्या बयां कर रही है।
यदि इन सभी मामलों में पुलिस ने कुछ सुराग पाया है, पताशा जी की है तो पुलिस को सार्वजनिक रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इन सभी गायब लड़कियों के बारे में बताया जाना चाहिए।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी बरकरार है—आखिर इन रहस्यमयी गुमशुदगियों के पीछे का असली चेहरा कौन है?