अमीरगंज गौशाला में पशुओं की मौत और दयनीय हालत पर निगम अध्यक्ष ने जताई गंभीर चिंता निगमायुक्त को पत्र लिखकर तत्काल जांच और दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई के दिए निर्देश
अमीरगंज गौशाला में पशुओं की मौत और दयनीय हालत पर निगम अध्यक्ष ने जताई गंभीर चिंता
निगमायुक्त को पत्र लिखकर तत्काल जांच और दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई के दिए निर्देश
कटनी। अमीरगंज गौशाला में पशुओं की मृत्यु तथा कुछ पशुओं के अत्यंत कमजोर एवं दयनीय स्थिति में पाए जाने से जुड़े समाचारों ने नगर निगम प्रशासन की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए निगम अध्यक्ष मनीष पाठक ने निगम आयुक्त को पत्र प्रेषित कर पूरे प्रकरण की तत्काल, निष्पक्ष एवं तथ्यात्मक जांच कराने तथा जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारी-कर्मचारी, एजेंसी अथवा अन्य संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
निगम अध्यक्ष ने अपने पत्र में कहा है कि नगर निगम द्वारा संचालित गौशाला में पशुओं की नियमित निगरानी, पर्याप्त चारा-पानी, स्वच्छता, समुचित उपचार तथा आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना निगम की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ऐसी स्थिति का सामने आना गंभीर चिंता का विषय है और यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही, उदासीनता अथवा कर्तव्य में चूक सामने आती है तो जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
श्री पाठक ने निगमायुक्त से अमीरगंज गौशाला में हुई पशुओं की मृत्यु के कारणों की विस्तृत जांच कराने तथा गौशाला में वर्तमान व्यवस्थाओं का भी परीक्षण कराने को कहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान यदि किसी अधिकारी, कर्मचारी, एजेंसी या अन्य संबंधित व्यक्ति की जिम्मेदारी सामने आती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक एवं आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि गौसेवा केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि सामाजिक और मानवीय जिम्मेदारी भी है। गौशाला में रहने वाले प्रत्येक पशु के भोजन, स्वच्छ पानी, उपचार और सुरक्षित देखभाल की समुचित व्यवस्था होना आवश्यक है। किसी भी पशु की उपेक्षा अथवा आवश्यक सुविधाओं के अभाव में उसकी स्थिति बिगड़ना गंभीर विषय है, जिसकी जवाबदेही तय होना जरूरी है।
निगम अध्यक्ष ने गौशाला की नियमित निगरानी एवं निरीक्षण व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा, पशुओं के स्वास्थ्य की निगरानी तथा आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि पशुओं के प्रति संवेदनशीलता और उनकी सुरक्षा नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है। गौशाला की व्यवस्थाओं में यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित की जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अब पूरे मामले में निगम प्रशासन की जांच रिपोर्ट महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिससे पशुओं की मृत्यु के वास्तविक कारणों, गौशाला की व्यवस्थाओं तथा संभावित लापरवाही की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।