शादी के वादे और धमकी के विवाद में नया मोड़, विक्रम सिंह ने पुलिस चौकी में दिया आवेदन; नाम के दुरुपयोग का लगाया आरोप
शहडोल। शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण, कथित ब्लैकमेलिंग और धमकी के आरोपों से चर्चा में आए कनिष्क सिंह उर्फ छोटू के मामले में अब एक नया घटनाक्रम सामने आया है। आरोपी के चाचा विक्रम सिंह ने भी पुलिस चौकी में लिखित आवेदन देकर अपने नाम का दुरुपयोग किए जाने और मामले से जुड़े घटनाक्रम को लेकर आपत्ति जताई है। उन्होंने शिकायत में अपने नाम को कथित रूप से गलत तरीके से विवाद से जोड़ने, ऑडियो-वीडियो और सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री के माध्यम से उनकी सामाजिक एवं पारिवारिक प्रतिष्ठा प्रभावित होने की बात कही।
प्राप्त हस्तलिखित आवेदन के अनुसार, विक्रम सिंह ने 25 अक्टूबर को पुलिस चौकी केशवाही में आवेदन प्रस्तुत किया। आवेदन में उन्होंने पूरे मामले की वास्तविकता सामने लाने के लिए निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
कथित ऑडियो-वीडियो को लेकर जताई आपत्ति
विक्रम सिंह ने अपने आवेदन में उल्लेख किया है कि संबंधित प्रकरण को लेकर सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर उनके नाम का उल्लेख करते हुए कई तरह की बातें प्रसारित की जा रही हैं। उनका आरोप है कि कुछ कथित ऑडियो-वीडियो और बातचीत के आधार पर उन्हें विवाद से जोड़कर प्रस्तुत किया जा रहा है, जबकि उनके अनुसार मामले की वास्तविकता कुछ और है।
आवेदन में उन्होंने संबंधित घटनाक्रम, बातचीत और सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री का जिक्र करते हुए कहा है कि इस तरह की गतिविधियों से उनकी छवि और पारिवारिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने यह भी आशंका जताई है कि बिना वास्तविक तथ्यों की जांच किए उनके नाम को विवाद में उछाला जा रहा है।
कनिष्क सिंह प्रकरण से जुड़ा है पूरा घटनाक्रम
गौरतलब है कि कनिष्क सिंह उर्फ छोटू के खिलाफ एक युवती ने शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण, कथित गर्भपात और निजी फोटो-वीडियो के जरिए ब्लैकमेलिंग के आरोप लगाए थे। इस मामले में पुलिस कनिष्क को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है।
इसी प्रकरण के दौरान कनिष्क के बड़े भाई एवं जनपद पंचायत बुढ़ार के उपाध्यक्ष हर्ष प्रताप सिंह और चाचा विक्रम सिंह से जुड़े कथित ऑडियो-वीडियो भी सामने आने का दावा किया गया है। इनमें धमकी, शिकायत करने की चुनौती और मोबाइल छीनने जैसे आरोप चर्चा में आए थे। अब विक्रम सिंह की ओर से दिया गया आवेदन इस पूरे घटनाक्रम में एक नया पक्ष सामने लाता है।
पुलिस से निष्पक्ष जांच और वास्तविकता सामने लाने की मांग
विक्रम सिंह ने पुलिस से अनुरोध किया है कि उनके आवेदन की गंभीरता से जांच की जाए। सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों में प्रसारित सामग्री की वास्तविकता का परीक्षण कराया जाए तथा उनके नाम का कथित दुरुपयोग कर प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों पर रोक लगाई जाए।
अब पुलिस की जांच पर टिकी निगाहें
25 अक्टूबर को दिए गए इस आवेदन के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करती है। एक ओर कनिष्क सिंह के खिलाफ दर्ज प्रकरण में कानूनी कार्रवाई हो चुकी है, वहीं दूसरी ओर हर्ष प्रताप सिंह और विक्रम सिंह से जुड़े कथित ऑडियो-वीडियो तथा विक्रम सिंह की ओर से लगाए गए नाम के दुरुपयोग के आरोप जांच का विषय हैं।
दोनों पक्षों के आरोपों, उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों और संबंधित व्यक्तियों के बयान की निष्पक्ष जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।