इंस्टाग्राम की फर्जी दुनिया में फंसी छात्रा को पुलिस ने सुरक्षित लौटाया, मुरैना तक पहुंचकर किया रेस्क्यू
शहडोल। सोशल मीडिया पर बनाई गई झूठी पहचान और दिखावटी जीवनशैली के जाल में फंसकर घर से दूर चली गई एक छात्रा को शहडोल पुलिस ने अथक प्रयासों और तकनीकी जांच के बल पर सकुशल बरामद कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया। इस कार्रवाई के बाद परिवार ने पुलिस के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी बेटी सुरक्षित घर लौट आई, जिससे परिवार की चिंता और पीड़ा का अंत हुआ।
जानकारी के अनुसार जैतपुर क्षेत्र की 18 वर्षीय प्रथम वर्ष की छात्रा इंस्टाग्राम के माध्यम से ग्वालियर निवासी एक युवक के संपर्क में आई थी। युवक ने सोशल मीडिया पर अपनी पहचान छिपाकर खुद को प्रभावशाली और संपन्न व्यक्ति के रूप में प्रस्तुत किया था। बताया गया कि वह वास्तविक रूप से पुट्टी-पुताई का कार्य करता था, लेकिन बड़े और आलीशान मकानों के सामने खिंचवाई गई तस्वीरों को सोशल मीडिया प्रोफाइल में लगाकर लोगों को भ्रमित करता था।
युवती के परिजनों ने 6 जून को जैतपुर थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। मामला सामने आते ही पुलिस अधीक्षक शहडोल के मार्गदर्शन में जैतपुर थाना पुलिस एवं साइबर सेल की टीम सक्रिय हुई। मोबाइल लोकेशन, सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर लगातार जांच की गई। इसके बाद पुलिस टीम ग्वालियर, मुरैना सहित विभिन्न संभावित स्थानों पर पहुंची और युवती की तलाश में अभियान चलाया।
लगातार प्रयासों के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिनके आधार पर मुरैना जिले के एक गांव में आरोपी के रिश्तेदार के घर दबिश दी गई। यहां से युवती को सकुशल दस्तयाब कर लिया गया। हालांकि पुलिस की मौजूदगी का आभास होते ही आरोपी मौके से फरार हो गया। उसकी तलाश जारी है और पुलिस द्वारा आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
जैतपुर थाना प्रभारी जयप्रकाश शर्मा ने बताया कि फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर एक युवक ने युवती को अपने प्रभाव में लिया था। शिकायत प्राप्त होते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे सुरक्षित बरामद कर परिजनों के हवाले कर दिया। मामले की जांच अभी जारी है।
परिजनों ने पुलिस, साइबर सेल और पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी बेटी को सुरक्षित घर वापस लाने में पुलिस ने सराहनीय भूमिका निभाई है।
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