सरकारी सुविधा का निजी इस्तेमाल? 108 एंबुलेंस चालक ने ड्यूटी रूम को बनाया पारिवारिक आवास
ड्यूटी रूम पर वर्षों से परिवार सहित रहने का एवं अस्पताल का बेड,टेबल,सटूल उपयोग करने का आरोप, अन्य चालकों और महिला एमटी के सामने ठहरने की समस्या अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
saddam ansari – gaurela reporter
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही।
जिले में 108 एंबुलेंस के चालकों एवं एमटी (मेडिकल टेक्नीशियन) को ड्यूटी के दौरान आराम करने और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अस्पताल प्रबंधन द्वारा कलेक्ट्रेट के सामने स्थित शासकीय भवन आवंटित किया गया है। लेकिन आरोप है कि जिस भवन का उपयोग सभी एंबुलेंस कर्मियों के लिए होना चाहिए, उस पर एक चालक ने वर्षों से अपने परिवार सहित डेरा जमा रखा है। इससे अन्य चालकों और एमटी को मिलने वाली सुविधा बाधित हो रही है।
मामला 108 एंबुलेंस चालक शिव शंकर पुरी से जुड़ा है। आरोप है कि उन्होंने निर्धारित ड्यूटी रूम को पारिवारिक आवास के रूप में इस्तेमाल कर रखा है। इसके कारण दूसरे चालकों एवं एमटी को ड्यूटी के दौरान विश्राम करने के लिए उचित स्थान नहीं मिल पा रहा है। उन्हें मजबूरी में कभी एंबुलेंस में तो कभी अपने परिचितों और रिश्तेदारों के यहां रुकना पड़ता है।
महिला एमटी के सामने भी ठहरने और दैनिक जरूरतों का संकट
इस व्यवस्था का सबसे गंभीर पहलू यह है कि 108 एंबुलेंस सेवा में महिला एमटी भी ड्यूटी करती हैं। यदि निर्धारित विश्राम कक्ष में किसी चालक का परिवार रह रहा हो, तो महिला कर्मचारियों के लिए वहां रुकना और दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करना व्यावहारिक रूप से कठिन हो जाता है। ऐसे में सवाल उठता है कि कर्मचारियों के लिए उपलब्ध कराई गई शासकीय सुविधा का उपयोग आखिर किसके लिए और किस व्यवस्था के तहत किया जा रहा है?
अधिकारियों को शिकायत, फिर भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप
अन्य एंबुलेंस चालकों से इस संबंध में चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि वे कई बार संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में यह मामला ला चुके हैं। इसके बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। यदि कर्मचारियों की शिकायतें वास्तव में लगातार की जाती रही हैं, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि अस्पताल प्रबंधन ने अब तक इस मामले में क्या कदम उठाए हैं।
शासकीय भवन में मनाया गया छठ्ठी कार्यक्रम, कथा और भोज का भी दावा
मामले में उस समय एक और पहलू सामने आया, जब चालक के परिवार में नवजात शिशु के छठ्ठी कार्यक्रम का आयोजन इसी भवन में किए जाने की जानकारी मिली। आरोप है कि कार्यक्रम में परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और मित्रों की मौजूदगी रही। भवन में सत्यनारायण भगवान की कथा आयोजित की गई और छठ्ठी कार्यक्रम का भोज भी कराया गया। बताया जा रहा है कि इस दौरान रिश्तेदार भी भवन में ठहरे हुए थे।
कैमरे के सामने परिजनों ने बताया—अस्पताल ने दिया है क्वार्टर
हाल ए हलचल न्यूज नेटवर्क के संवाददाता ने मौके पर पहुंचकर ड्यूटी रूम की स्थिति का वीडियो रिकॉर्ड किया। संवाददाता के अनुसार, वहां मौजूद चालक की पत्नी एवं रिश्तेदारों ने बताया कि यह क्वार्टर अस्पताल प्रबंधन द्वारा उन्हें दिया गया है उनके पति एंबुलेंस 108 के चालक। इसके बाद अंदर कमरे से महिला के मौसा मौसी और तमाम रिश्तेदार भी निकल कर आए। संवाददाता ने भीतर कमरे यह भी देखा जो कि वीडियो में स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि इस भवन में अस्पताल का मरीजों के उपयोग का पलंग, मरीज़ की दवाई रखने वाला टेबल और स्टूल का उपयोग किया जा रहा है।इस दावे की आधिकारिक पुष्टि और भवन आवंटन से संबंधित दस्तावेजों की जांच किया जाना आवश्यक है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि भवन किस उद्देश्य से, किसके नाम पर और किन शर्तों के तहत आवंटित किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रबंधन से कार्रवाई की मांग
हाल ए हलचल न्यूज नेटवर्क इस मामले में जिला स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी तथा संबंधित अस्पताल प्रबंधन का ध्यान आकृष्ट करते हुए मांग करता है कि शासकीय ड्यूटी रूम के आवंटन और उपयोग की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि भवन का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के विपरीत निजी आवास के रूप में किया जा रहा है, तो नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उसे तत्काल खाली कराया जाए, ताकि सभी 108 एंबुलेंस चालकों एवं एमटी को ड्यूटी के दौरान विश्राम और आवश्यक सुविधाएं मिल सकें।
सवाल यही है कि जब यह भवन एंबुलेंस कर्मियों की सुविधा के लिए आवंटित किया गया है, तो क्या किसी एक कर्मचारी का परिवार वर्षों तक वहां रह सकता है? और यदि इस संबंध में अधिकारियों को पहले से जानकारी थी, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
जिला स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ शर्मा एवं सिविल सर्जन डॉ देवेंद्र पैकरा से बात करने पर उन्होंने बताया कि 108 एंबुलेंस सेवा प्राईवेट कंपनी द्वारा संचालित है, जब सरकारी क्वार्टर के निजी इस्तेमाल पर बात पूछी गई तो उन्होंने कहा कि इस मामले की जानकारी नहीं है इसको जांच कर ही बताया जा सकता है।