मिठाइयों की शुद्धता पर सवाल चार दुकानों से लिए गए सैंपल, रिपोर्ट खोलेगी मिलावट का राज खोया बर्फी से लेकर पेड़ा, काजू पान कतली और मिल्क केक तक जांच के दायरे में, भोपाल की प्रयोगशाला में होगी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की पड़ताल
मिठाइयों की शुद्धता पर सवाल चार दुकानों से लिए गए सैंपल, रिपोर्ट खोलेगी मिलावट का राज
खोया बर्फी से लेकर पेड़ा, काजू पान कतली और मिल्क केक तक जांच के दायरे में, भोपाल की प्रयोगशाला में होगी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की पड़ताल
कटनी। त्योहार हो या सामान्य दिन, मिठाई हर घर की खुशियों का हिस्सा होती है। लेकिन यही मिठाई अगर मिलावट या घटिया गुणवत्ता वाली निकले तो खुशियों के बीच सेहत के लिए खतरा बन सकती है। बाजार में बिकने वाले खोया, मावा, बर्फी, पेड़ा और मिल्क केक जैसे खाद्य पदार्थों की शुद्धता को लेकर उपभोक्ताओं के मन में अक्सर सवाल उठते हैं। ऐसे में कटनी में खाद्य सुरक्षा विभाग की ताजा कार्रवाई ने एक बार फिर मिठाइयों की गुणवत्ता और शुद्धता को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने शहर की चार मिठाई दुकानों का निरीक्षण कर विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने संग्रहित किए हैं। इनमें खोया पेड़ा, खोया बर्फी, काजू पान कतली, पतीसा, मगज लड्डू, मिल्क केक और नमकीन सेव शामिल हैं। इन सभी नमूनों को परीक्षण के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भोपाल भेजा जा रहा है।
इन चार दुकानों से लिए गए नमूने
खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई के तहत मधई मंदिर स्थित यू.पी. स्वीट्स से खोया पेड़ा, काजू पान कतली और पतीसा के नमूने लिए गए। विश्वकर्मा पार्क स्थित कोहली स्वीट्स से खोया बर्फी, मगज लड्डू और नमकीन सेव के नमूने संग्रहित किए गए। गुजराती स्वीट्स से खोया बर्फी और मगज लड्डू, जबकि नई बस्ती स्थित अग्रवाल स्वीट्स से खोया बर्फी, मिल्क केक और नमकीन सेव के नमूने जांच के लिए लिए गए हैं।
असली और नकली की पहचान करेगी प्रयोगशाला
मिठाइयों में इस्तेमाल होने वाला खोया और मावा गुणवत्ता की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण खाद्य सामग्री है। मिलावट की आशंका होने पर केवल रंग, स्वाद और दिखावट से असली-नकली की पहचान करना आसान नहीं होता। इसी तरह काजू पान कतली, पेड़ा, बर्फी और मिल्क केक की वास्तविक गुणवत्ता का पता लगाने के लिए वैज्ञानिक परीक्षण जरूरी है।
प्रयोगशाला में खाद्य पदार्थों की निर्धारित मानकों के अनुरूप जांच की जाएगी। नमूनों की रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि संबंधित खाद्य पदार्थ गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा के निर्धारित मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं।
सैंपल लेना ही काफी नहीं, कार्रवाई भी जरूरी
खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई के बाद अब सबसे बड़ा सवाल जांच रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाली कार्रवाई को लेकर है। यदि किसी प्रतिष्ठान का नमूना खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के अनुरूप नहीं पाया जाता है, तो संबंधित दुकानदार के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। शहर के उपभोक्ताओं की अपेक्षा है कि खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई केवल नमूने लेने तक सीमित न रहे, बल्कि रिपोर्ट आने के बाद उसका परिणाम भी सार्वजनिक किया जाए। साथ ही नियमित निरीक्षण और मिलावट के विरुद्ध निरंतर कार्रवाई सुनिश्चित हो, ताकि कटनी के नागरिकों को शुद्ध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण मिठाइयां मिल सकें।