संदिग्ध आचरण पर एसपी की बड़ी कार्रवाई, एएसआई समेत दो पुलिसकर्मी निलंबित

सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और विभागीय प्रतिवेदन के बाद एसपी ने लिया एक्शन, दोनों मामलों की अलग-अलग जांच शुरू
शहडोल। पुलिस विभाग में अनुशासन और कार्यप्रणाली को लेकर पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल ने सख्त रुख अपनाते हुए दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। दोनों मामलों में पुलिसकर्मियों के आचरण को संदिग्ध मानते हुए कार्रवाई की गई है। निलंबन के साथ दोनों को थाना ब्यौहारी से संबद्ध किया गया है। वहीं, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए उप पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारियों को अलग-अलग जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद कार्रवाई
पहला मामला थाना सोहागपुर में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक जवाहरलाल राय से जुड़ा है।आज ही उनके संदिग्ध आचरण से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सहायक उप निरीक्षक जवाहरलाल राय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उन्हें थाना ब्यौहारी से संबद्ध किया गया है।
वारंटी की तलाश में लापरवाही का आरोप
दूसरी कार्रवाई थाना बुढ़ार में पदस्थ प्रधान आरक्षक क्रमांक 185 चेतराम कौशिक के खिलाफ की गई है। थाना प्रभारी बुढ़ार की ओर से प्रस्तुत प्रतिवेदन में बताया गया कि प्रधान आरक्षक ने थाना प्रभारी को जानकारी दिए बिना कंप्यूटर ऑपरेटर के माध्यम से वारंटी की तलाश के संबंध में रवानगी दर्ज कराई थी।
आरोप है कि रवानगी के बाद वापस लौटने पर संबंधित वारंटी की तलाश नहीं की गई। इसके साथ ही अपराध की विवेचना से संबंधित आवश्यक रिपोर्ट भी दर्ज नहीं की गई। इसी प्रकरण से संबंधित संदिग्ध आचरण का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक ने प्रधान आरक्षक चेतराम कौशिक के खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई की।
अलग-अलग अधिकारियों को सौंपी जांच
पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से की गई कार्रवाई के बाद दोनों मामलों की पृथक-पृथक विभागीय जांच कराई जा रही है। जांच की जिम्मेदारी उप पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारियों को सौंपी गई है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी।
अनुशासन को लेकर सख्त संदेश
दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ एक ही दिन हुई कार्रवाई को पुलिस विभाग में अनुशासन और जवाबदेही को लेकर सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल की कार्रवाई से स्पष्ट है कि ड्यूटी के दौरान संदिग्ध आचरण, प्रक्रियात्मक लापरवाही या विभागीय नियमों की अनदेखी के मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद दोनों प्रकरणों में तथ्यों के आधार पर आगे निर्णय लिया जाएगा।