गुरु पूर्णिमा पर आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा सेवा, साधना एवं सत्संग का भव्य आयोजन 250 से अधिक विद्यार्थियों को शिक्षण सामग्री वितरित, 100 से अधिक पौधों का रोपण, महा सत्संग एवं सहभोज का आयोजन
गौरेला-पेंड्रा। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर आर्ट ऑफ लिविंग, गौरेला-पेंड्रा द्वारा सेवा, साधना एवं सत्संग से ओतप्रोत विविध कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत संस्कृत विद्यालय, गोरखपुर में लगभग 250 से अधिक विद्यार्थियों को शिक्षण सामग्री (स्टेशनरी किट) वितरित की गई। साथ ही पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए 100 से अधिक पौधों का वृक्षारोपण किया गया। इस सेवा कार्य में आर्ट ऑफ लिविंग के शिक्षकों एवं स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।
सायंकाल मित्तल मोटर्स, गौरेला में भव्य महा सत्संग, गुरु तत्त्व पर ज्ञान सत्र तथा प्रसाद एवं सहभोज का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में साधकों एवं नागरिकों ने भाग लेकर गुरु पूर्णिमा का उत्सव श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया।
इस संपूर्ण आयोजन का नेतृत्व जिला आर्ट ऑफ लिविंग समन्वयक श्री अमित परिहार जी के मार्गदर्शन में हुआ। कार्यक्रम को सफल बनाने में श्री वर्धन जी, सूर्य जी, दिव्या दुबे जी, डॉ. अभय दुबे जी, कुलदीप राठौर जी, जया राठौर जी, रचना शुक्ला जी, शिवराज शुक्ला जी, वंदना चटर्जी जी, आयुष दुबे, मीनू देवांगन जी, प्रिया शर्मा जी, रेनुका जी, पवन बांका जी सहित अनेक शिक्षकों एवं स्वयंसेवकों का विशेष योगदान रहा।
श्री अमित परिहार जी ने कहा—
“गुरु पूर्णिमा केवल गुरु के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का पर्व नहीं है, बल्कि सेवा, साधना और सत्संग को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लेने का अवसर भी है। जब हम समाज के लिए निस्वार्थ भाव से सेवा करते हैं, तब वही गुरु के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि बनती है। सभी स्वयंसेवकों एवं सहयोगियों का हृदय से आभार, जिनके सहयोग से यह आयोजन सफल हुआ।”
परम पूज्य गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी का प्रेरक संदेश—
“गुरु वह है जो आपके भीतर छिपे प्रकाश को प्रकट करता है। सेवा से हृदय पवित्र होता है, साधना से मन निर्मल होता है और सत्संग से जीवन में आनंद का संचार होता है। आइए, गुरु पूर्णिमा पर हम प्रेम, करुणा और सेवा का संकल्प लेकर समाज को एक बेहतर दिशा दें।”
गुरु पूर्णिमा के इस अवसर पर आयोजित सेवा एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों ने समाज में शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण एवं मानवीय मूल्यों के प्रति सकारात्मक संदेश दिया। उपस्थित सभी लोगों ने भविष्य में भी ऐसे सेवा कार्यों में सक्रिय सहभागिता का संकल्प लिया।