गौरेला की दीदियों का हुनर: एक ही स्टॉल पर राज्योत्सव और दीवाली की धूम
गौरेला पेंड्रा मरवाही/छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस (राज्योत्सव) के मौके पर विकासखंड गौरेला के स्व-सहायता समूह की दीदियों ने अपनी कला और मेहनत से एक अनोखा स्टॉल सजाया है।
जनपद पंचायत गौरेला के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के कुशल मार्गदर्शन में विकासखंड परियोजना प्रबंधक सुश्री मंदाकनी कोशरिया ने अपने बिहान टिम को प्रशिक्षण प्रदाय कर सामाग्री तैयार करवाया जो बेहद ही आकर्षक है
यह स्टॉल इस बार के राज्योत्सव में आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है, जहां स्थानीय उत्पादों का एक खूबसूरत संगम देखने को मिलेगा।
दीपावली के त्योहार को ध्यान में रखते हुए दीदियों ने घरों को सजाने के लिए एक से बढ़कर एक हस्तनिर्मित सामग्रियां तैयार की हैं।
इस विशेष स्टॉल पर आते ही आपको छत्तीसगढ़ की संस्कृति की महक मिलेगी। यहाँ पारंपरिक रूप से समृद्धि का प्रतीक मानी जाने वाली धान की बालियों से बने तोरण, मिट्टी के सुंदर दीपक, कलश और आकर्षक रंगोली की सामग्रियां उपलब्ध होंगी।
इसके साथ ही आधुनिक और पारंपरिक कला का फ्यूजन करते हुए दीदियों ने लिप्पन आर्ट, वॉल हैंगिंग, ग्लास पेंटिंग, बांस-लकड़ी से बने पेन स्टैंड और बेहद खूबसूरत छोटे मंदिर भी तैयार किए हैं। पर्यावरण और सेहत का ख्याल रखते हुए स्टॉल पर हर्बल साबुन, पर्यावरण-अनुकूल डोना-पत्तल, चटाई और गमले जैसे जरूरी घरेलू उत्पाद भी बिक्री के लिए रखे गए हैं।
यह स्टॉल न सिर्फ दीदियों की आत्मनिर्भरता की कहानी बयां करता है, बल्कि राज्योत्सव में आने वाले लोगों के लिए एक ही जगह पर त्योहार की पूरी खरीदारी और छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का स्वाद चखने का एक शानदार जरिया बन गया है।
इस कार्य में श्री मति चंद्र कला राज ADEO,आकांक्षी ब्लॉक फेलो श्री मनीष श्रीवास, श्री सोहन लाल AC,श्री वैभव अग्रवाल शाखा कंप्यूटर ऑपरेटर,ज्ञाती देवी कश्यप, कुनैनी सोनवानी,कंचन साहू,सुनीता करसायल व बिहान कैडरों का विशेष सहयोग व योगदान रहा