पेंड्रा में आज संविधान निर्माता भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी की जयंती के अवसर पर असेंबली हॉल में गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया
नवीन जेम्स मुख्य संवाददाता पेंड्रा
गौरेला पेंड्रा मरवाही/पेंड्रा- आज संविधान निर्माता भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी की जयंती के अवसर पर असेंबली हॉल में गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष समीरा पेकरा उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगरपालिका अध्यक्ष राकेश जालान ने की। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में राजा उपेंद्र सिंह मरवाही तथा वनमंडल अधिकारी (IFS) ग्रीसमी चांद सहित अन्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर किया गया। इसके पश्चात उपस्थित अतिथियों द्वारा उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि बाबा साहेब ने अपने अद्वितीय ज्ञान, संघर्ष और दूरदृष्टि से भारत को ऐसा संविधान प्रदान किया, जो न केवल लोकतंत्र की मजबूती का आधार है, बल्कि यह सामाजिक न्याय, समानता और स्वतंत्रता का भी प्रतीक है।
मुख्य अतिथि समीरा पेकरा ने अपने उद्बोधन में कहा कि बाबा साहेब का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने समाज के वंचित एवं शोषित वर्गों को अधिकार दिलाने के लिए जो संघर्ष किया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि हमें उनके विचारों को आत्मसात करते हुए समाज में समानता और समरसता स्थापित करने के लिए सतत प्रयास करना चाहिए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए नगरपालिका अध्यक्ष राकेश जालान ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचार आज भी प्रासंगिक हैं और हमें उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति तक विकास और अवसर पहुँचाना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
विशिष्ट अतिथि राजा उपेंद्र सिंह मरवाही ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि बाबा साहेब ने शिक्षा को सबसे बड़ा हथियार बताया और हमें उनके इस संदेश को अपनाते हुए शिक्षा के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना चाहिए। वहीं वनमंडल अधिकारी (IFS) ग्रीसमी चांद ने भी बाबा साहेब के सिद्धांतों को वर्तमान समय में अत्यंत प्रासंगिक बताते हुए सामाजिक न्याय एवं पर्यावरणीय संतुलन के साथ विकास की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम के दौरान संविधान की प्रस्तावना का वाचन भी किया गया तथा उपस्थितजनों को बाबा साहेब के आदर्शों पर चलने का संकल्प दिलाया गया। कार्यक्रम में विभिन्न वक्ताओं द्वारा सामाजिक समरसता, समान अवसर एवं न्यायपूर्ण समाज की स्थापना पर विशेष जोर दिया गया।
अंत में यह संकल्प दोहराया गया कि बाबा साहेब के आदर्शों को आत्मसात करते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और अवसर पहुँचाए जाएंगे, ताकि हर नागरिक गरिमापूर्वक जीवन जी सके और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभा सके।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ