छात्रों की आवाज पर वाटर कैनन छात्र अधिकारों का बड़ा संघर्ष प्रत्यक्ष छात्रसंघ चुनाव से शासकीय मेडिकल कॉलेज तक 4 बड़े मुद्दों पर सड़क पर उतरे युवा बारिश में भी नहीं रुके कदम, बैरिकेडिंग के सामने डटे छात्र प्रदेश अध्यक्ष समेत कई गिरफ्तार, मुचलके पर रिहा
छात्रों की आवाज पर वाटर कैनन छात्र अधिकारों का बड़ा संघर्ष
प्रत्यक्ष छात्रसंघ चुनाव से शासकीय मेडिकल कॉलेज तक 4 बड़े मुद्दों पर सड़क पर उतरे युवा
बारिश में भी नहीं रुके कदम, बैरिकेडिंग के सामने डटे छात्र प्रदेश अध्यक्ष समेत कई गिरफ्तार, मुचलके पर रिहा
मध्यप्रदेश में करीब नौ वर्ष से बंद छात्रसंघ चुनावों को लेकर राजनीतिक और छात्र संगठनों की सक्रियता के बीच कटनी में बुधवार को छात्र अधिकारों की आवाज सड़कों पर गूंज उठी। छात्रसंघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराने, कटनी में पीपीपी मॉडल के स्थान पर शासकीय मेडिकल कॉलेज स्थापित करने, शासकीय इंजीनियरिंग एवं लॉ कॉलेज खोलने तथा लीड तिलक कॉलेज को स्वायत्त महाविद्यालय का दर्जा देने सहित विभिन्न मांगों को लेकर एनएसयूआई ने ‘छात्र अधिकार पैदल मार्च’ निकाला। एनएसयूआई मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे और जिला अध्यक्ष अजय खटिक के नेतृत्व में गणेश चौक से कचहरी चौक तक निकाले गए इस मार्च में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। भारी बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारियों का उत्साह कम नहीं हुआ। हाथों में तख्तियां और नारों के साथ छात्र शिक्षा व्यवस्था में सुधार और अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की मांग करते नजर आए।

कटनी।। नगर से उठी छात्र अधिकारों की आवाज अब केवल स्थानीय मुद्दा नहीं रही। करीब नौ वर्ष से बंद छात्रसंघ चुनावों की बहाली, वह भी प्रत्यक्ष प्रणाली से कराने की मांग के साथ कटनी में छात्रों ने शिक्षा और प्रतिनिधित्व के अधिकार को लेकर बड़ा आंदोलन किया। भारी बारिश के बीच निकले छात्र अधिकार पैदल मार्च को पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोकने का प्रयास किया। आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों पर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया और कई छात्रों व नेताओं को हिरासत में लिया गया। आंदोलन की खास बात यह रही कि छात्रों के हाथ में केवल छात्रसंघ चुनाव का मुद्दा नहीं था, बल्कि जिले के उच्च शिक्षा ढांचे को बदलने की चार सूत्रीय मांग थी, पीपीपी मॉडल के बजाय शासकीय मेडिकल कॉलेज, शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, शासकीय लॉ कॉलेज और लीड तिलक कॉलेज को स्वायत्त महाविद्यालय का दर्जा। यानी लड़ाई सिर्फ चुनाव की नहीं, अगली पीढ़ी के भविष्य की है।

गणेश चौक से कचहरी चौक तक निकला यह मार्च उस समय टकराव में बदल गया, जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की। छात्रों ने ज्ञापन सौंपने के लिए आगे बढ़ने का प्रयास किया, जिसके बाद वाटर कैनन चलाया गया। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटे और धरने पर बैठ गए। एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे सहित कई नेताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर बाद में मुचलके पर रिहा किया।
आंदोलनकारियों का कहना है कि यदि प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव बहाल हो रहे हैं तो छात्रों को प्रत्यक्ष मतदान के जरिए अपना प्रतिनिधि चुनने का अधिकार मिलना चाहिए। वहीं कटनी में मेडिकल शिक्षा को लेकर पीपीपी मॉडल के बजाय सरकारी संस्थान की मांग को युवाओं के भविष्य और आम परिवारों के लिए सस्ती एवं सुलभ चिकित्सा शिक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है। KATNI में उठा यह सवाल अब सरकार के सामने है क्या प्रदेश के छात्र अपने प्रतिनिधि स्वयं चुनेंगे और क्या कटनी को उच्च शिक्षा के बड़े सरकारी संस्थान मिलेंगे।

छात्रों की आवाज दबाई नहीं जा सकती
एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे ने कहा कि छात्र लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें सरकार और प्रशासन तक पहुंचा रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों पर वाटर कैनन का इस्तेमाल और गिरफ्तारियां उनकी आवाज दबाने का प्रयास हैं। उन्होंने प्रदेश में प्रत्यक्ष प्रणाली से छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग दोहराते हुए कहा कि छात्र हितों के मुद्दे पर आंदोलन जारी रहेगा।
युवा कांग्रेस प्रदेश सचिव दिव्यांशु मिश्रा ‘अंशु’ ने कहा कि कटनी के छात्रों के भविष्य से जुड़े सवालों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने पीपीपी मॉडल के मेडिकल कॉलेज के बजाय पूर्ण शासकीय मेडिकल कॉलेज की मांग को जनहित से जुड़ा मुद्दा बताया।
एनएसयूआई जिला अध्यक्ष अजय खटिक ने कहा कि छात्रों ने एकजुट होकर यह संदेश दिया है कि वे अपने अधिकारों और बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
चार बड़े मुद्दों पर आंदोलन
एनएसयूआई के प्रदर्शन में मुख्य रूप से चार प्रमुख मांगें सामने आईं—
पहली, प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराए जाएं।
दूसरी, कटनी में पीपीपी मॉडल के स्थान पर शासकीय मेडिकल कॉलेज की स्थापना हो।
तीसरी, कटनी में शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज और लॉ कॉलेज की स्थापना की जाए।
चौथी, लीड तिलक कॉलेज को स्वायत्त (ऑटोनॉमस) महाविद्यालय का दर्जा दिया जाए।

बड़ी संख्या में कांग्रेसजन रहे मौजूद
कार्यक्रम में जिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष सौरभ सिंह, पूर्व विधायक बसंत सिंह, विधानसभा प्रभारी मुड़वारा राजेश चौबे, मौसुफ अहमद बिट्टू, मुकेश यादव, कमल पांडेय, अभिषेक प्यासी ‘नानु’, शशांक गुप्ता ‘गोलू’, मनोज गुप्ता, सचिन गर्ग, शुभम मिश्रा, सूर्यकांत कुशवाहा, सुरेंद्र राणा, चोखे भाईजान, अजय जैसवानी, हाजी मुन्ना कादिर, मंगल सिंह सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस एवं युवा कांग्रेस कार्यकर्ता और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।