1649 लीकेज बंद, 243 ट्यूबवेल सुधरे, 48 कुएं हुए पुनर्जीवित जल गंगा संवर्धन अभियान बना कटनी में जल क्रांति का आधार,बदली तस्वीर जल संरचनाओं के पुनर्जीवन से भू-जल संरक्षण को मिली मजबूती

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1649 लीकेज बंद, 243 ट्यूबवेल सुधरे, 48 कुएं हुए पुनर्जीवित
जल गंगा संवर्धन अभियान बना कटनी में जल क्रांति का आधार,बदली तस्वीर जल संरचनाओं के पुनर्जीवन से भू-जल संरक्षण को मिली मजबूती
कटनी।। नगर पालिक निगम कटनी द्वारा संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान शहर में जल संरक्षण एवं स्वच्छता की दिशा में एक प्रभावशाली जनअभियान बनकर उभरा है। अभियान के अंतर्गत नदियों, घाटों, सार्वजनिक कुओं एवं जल संरचनाओं की साफ-सफाई और पुनर्जीवन का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है, जिससे शहर में जल संरक्षण को नई दिशा मिली है।
नगर निगम प्रशासन द्वारा कटाएघाट, मसुरहा घाट एवं गाटरघाट क्षेत्रों में प्रयागराज से मंगाई गई ट्रेश क्लीनर मशीन एवं पोकलेन मशीन की सहायता से व्यापक नदी सफाई अभियान चलाया गया। नदी से जलकुंभी, गाद एवं अन्य अपशिष्ट पदार्थों को हटाकर जल प्रवाह को सुचारू बनाया जा रहा है। इससे न केवल प्राकृतिक जल स्रोतों का पुनर्जीवन हो रहा है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिल रही है।
भू-जल स्तर बढ़ाने की दिशा में बड़ी पहल
कार्यपालन यंत्री सुधीर मिश्रा ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य वर्षा जल का संरक्षण कर भू-जल स्तर में वृद्धि करना है। नगर निगम द्वारा हैंडपंपों के समीप लगभग 100 सोकपिट निर्माण का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें अब तक 83 से अधिक सोकपिट तैयार किए जा चुके हैं। इन सोकपिटों के माध्यम से व्यर्थ बहने वाले पानी को जमीन में पुनर्भरण कर भू-जल संवर्धन सुनिश्चित किया जा रहा है।
48 सार्वजनिक कुओं का जीर्णोद्धार
अभियान के अंतर्गत नगर के 48 सार्वजनिक कुओं की साफ-सफाई एवं जीर्णोद्धार का कार्य पूर्ण किया गया है। इससे वर्षा ऋतु में जल संग्रहण क्षमता बढ़ेगी तथा नागरिकों को भविष्य में बेहतर जल उपलब्धता मिल सकेगी।
मोहन घाट में भी शुरू हुआ सफाई अभियान
नगर निगम द्वारा मोहन घाट में जलकुंभी हटाने एवं सफाई कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। प्रारंभिक चरण में श्रमिकों के माध्यम से सफाई की जा रही है, जबकि शेष कार्य मशीनों की सहायता से पूरा किया जाएगा। निगम प्रशासन का लक्ष्य अभियान अवधि में घाटों का पूर्ण पुनर्जीवन सुनिश्चित करना है।
25 प्याऊ से राहगीरों को राहत
भीषण गर्मी के बीच नगर निगम एवं समाजसेवी संस्थाओं के सहयोग से शहर के प्रमुख स्थलों पर 25 प्याऊ संचालित किए जा रहे हैं। इन प्याऊ के माध्यम से नागरिकों एवं राहगीरों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।
जल अपव्यय रोकने लगातार कार्रवाई
जल संरक्षण अभियान के तहत नगर निगम ने अब तक 33 पानी की टंकियों, ओवरहेड टैंकों एवं संपवेल की सफाई कराई है। साथ ही 243 ट्यूबवेलों का सुधार और लगभग 1,649 पेयजल लीकेजों का निराकरण कर जल अपव्यय रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। नगर निगम का जल गंगा संवर्धन अभियान आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं सतत जल संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल के रूप में सामने आया है।

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