अभाविप महाकौशल प्रांत का 57 वां प्रांत अधिवेशन सम्पन्न, शिक्षा की गुणवत्ता, अकादमिक कैलेंडर, महिला सुरक्षा, तकनीकी दुरुपयोग आदि विषयों पर पारित हुए प्रस्ताव
अभाविप महाकौशल प्रांत का 57 वां प्रांत अधिवेशन सम्पन्न, शिक्षा की गुणवत्ता, अकादमिक कैलेंडर, महिला सुरक्षा, तकनीकी दुरुपयोग आदि विषयों पर पारित हुए प्रस्ताव
कटनी।। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद महाकोशल प्रांत का 57 वां प्रांत अधिवेशन ऐतिहासिक, धार्मिक और औद्योगिक महत्वता रखने वाले रानी दुर्गावती नगर कटनी मे 29, 30 व 31 दिसंबर को आयोजित किया गया।
महाकौशल प्रांत का 57 वां अधिवेशन कई ऐतिहासिक अनुभवों का गवाह बना जिसमे “एक जन, एक राष्ट्र, एक संस्कृति” , “अनेकता मे एकता”, “पंच परिवर्तन” तथा कटनी की विभिन्न सांस्कृतिक विरासत के दर्शन करने के अवसर मिले। अभाविप महाकौशल प्रांत के 57 वें प्रांत अधिवेशन मे पुलवामा अटैक मे बलिदान हुए वीर अश्विनी कुमार काछी को समर्पित ‘ वीर अश्विनी कुमार काछी’ प्रदर्शिनी का उद्घाटन 28 दिसंबर को किया गया ।

महाकौशल प्रांत के प्रांत मंत्री माखन शर्मा ने वर्षभर मे विद्यार्थी परिषद महाकौशल द्वारा पूरे प्रांत मे किए गए क्रियाकलापों पर आधारित प्रांत मंत्री प्रतिवेदन प्रांत भर से सम्मिलित छात्रों के सम्मुख रखा। जिसमे प्रांत भर मे हुये अभाविप के कार्यक्रम, गतिविधियों, आंदोलन तथा सदस्यता की जानकारी रखी। अभाविप के 57 वें प्रांत अधिवेशन मे सत्र 2024-25 हेतु पुनः निर्वाचित प्रांत अध्यक्ष डॉ. सुनील पाण्डेय और प्रांत मंत्री माखन शर्मा को चुनाव अधिकारी डॉ. संदीप खरे द्वारा पदभार ग्रहण कराया गया। अभाविप के 57 वें प्रांत अधिवेशन का उद्घाटन 29 दिसंबर को प्रा. राकेश सिन्हा द्वारा किया गया। उद्घाटन समारोह मे छात्रों को संबोधित करते हुए राकेश सिन्हा ने कहा कि लोकतंत्र का प्रथम विश्वविद्यालय है अभाविप एवं श्री सिन्हा ने भारतीय ज्ञान परंपरा, राष्ट्रीय सुरक्षा, अखंड भारत स्वावलंबन, उद्यमशीलता, युवाओं को भविष्य के दिशा सूत्र, कृतिम बुद्धिमत्ता (AI) आदि विषयों का प्रमुखता से उल्लेख किया। वर्ष 2023-24 मे अभाविप महाकौशल ने बनाए 1,44,911 नए सदस्य. रानी दुर्गावती नगर कटनी मे आयोजित अभाविप के 57 वां प्रांत अधिवेशन मे 2 प्रस्ताव पारित किए गए, जिनमे अकादमिक कैलेंडर के पालन में पिछड़ते शैक्षिक संस्थान, शिक्षा पोर्टल का सुचारू रूप से संचालन, महाविद्यालय और विश्वविद्यालयों में शैक्षिक कर्मचारियों का अभाव ,प्रदेश में आपराधिक घटनाओं का बढ़ना ,युवा वर्ग में अवैध रूप से अवैध हथियार रखने का चलन, लव जिहाद , मतांतरण ,भू माफियाओं द्वारा अवैध क़ब्ज़ा, युवा वर्ग में बढ़ती हुई नशे की लत , महिला सुरक्षा एवं तकनीकी दुरुपयोग विषयों पर अधिवेशन मे प्रस्ताव पारित किए गए।