एक तस्वीर… जिसमें अधिकारी नहीं, बच्चों के बीच उनका अपना नजर आया एक मुलाकात… जिसने बच्चों के चेहरे पर मुस्कान और मन में विश्वास भर दिया
एक तस्वीर… जिसमें अधिकारी नहीं, बच्चों के बीच उनका अपना नजर आया
एक मुलाकात… जिसने बच्चों के चेहरे पर मुस्कान और मन में विश्वास भर दिया
किसी अधिकारी की पहचान केवल उसके पद और फैसलों से नहीं होती, बल्कि इस बात से भी होती है कि वह समाज के उन लोगों के बीच किस तरह खड़ा होता है, जिन्हें सबसे अधिक संवेदना और प्रोत्साहन की जरूरत है।
सीडब्ल्यूएसएन छात्रावास में बच्चों के बीच घुटनों के बल बैठकर कलेक्टर आशीष तिवारी का संवाद इसी मानवीय प्रशासन की तस्वीर प्रस्तुत करता है। ब्रेल पढ़ते बच्चों का आत्मविश्वास, अबेकस पर उनकी दक्षता और सांकेतिक भाषा में उनकी अभिव्यक्ति यह बताती है कि प्रतिभा किसी सीमा की मोहताज नहीं होती।
जरूरत केवल इतनी है कि बच्चों को अवसर, संसाधन, सम्मान और प्रोत्साहन मिले। कलेक्टर का यह सहज व्यवहार बच्चों के लिए एक मुलाकात से कहीं अधिक है,यह उनके भीतर यह विश्वास जगाने वाला क्षण है कि समाज और प्रशासन उनकी प्रतिभा को पहचानता है और उनके सपनों के साथ खड़ा है। शायद संवेदनशील प्रशासन की सबसे खूबसूरत तस्वीर वही है, जहां अधिकारी की कुर्सी पीछे छूट जाए और इंसानियत सामने आ जाए।
कटनी।। प्रेमनगर स्थित सीडब्ल्यूएसएन छात्रावास में शुक्रवार को उस समय एक भावुक और प्रेरणादायी माहौल बन गया, जब कलेक्टर आशीष तिवारी विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों के बीच पहुंचे। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने औपचारिकता की सीमाओं से आगे बढ़कर बच्चों के साथ बेहद सहज और आत्मीय अंदाज में संवाद किया। वे बच्चों के बीच घुटनों के बल बैठ गए और उनकी पढ़ाई, रुचियों तथा भविष्य के सपनों के बारे में बातचीत की। कलेक्टर का यह सहज व्यवहार बच्चों के चेहरों पर मुस्कान ले आया। कुछ ही देर में कक्षा का माहौल निरीक्षण से अधिक आत्मीय संवाद और उत्साह से भर गया। बच्चों ने भी पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रतिभा और क्षमताओं का प्रदर्शन करते हुए कलेक्टर को प्रभावित किया।

ब्रेल की पंक्तियों में नजर आया आत्मविश्वास
दृष्टिबाधित विद्यार्थियों साहिल काछी, अनुराग यादव, अजय पटेल, रोहित बर्मन, मनीष सपेरा और पर्वत सिंह ने ब्रेल लिपि में पढ़ने-लिखने की अपनी दक्षता दिखाई। बच्चों ने अबेकस और टेलर फ्रेम की सहायता से गणितीय प्रश्नों को तेजी और सटीकता के साथ हल किया। डेजी प्लेयर, स्मार्टफोन और की-बोर्ड जैसे आधुनिक संसाधनों के माध्यम से पढ़ाई करने की उनकी क्षमता देखकर कलेक्टर श्री तिवारी ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया। इन विद्यार्थियों की प्रतिभा ने यह संदेश दिया कि सही अवसर, संसाधन और प्रोत्साहन मिलने पर किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है।
सांकेतिक भाषा में आत्मविश्वास की अभिव्यक्ति
श्रवणबाधित विद्यार्थियों ने सांकेतिक भाषा के माध्यम से अपने विचार और भावनाएं व्यक्त कीं। बच्चों की सहजता और आत्मविश्वास ने कलेक्टर को विशेष रूप से प्रभावित किया। उनकी प्रस्तुति ने यह साबित किया कि संवाद केवल शब्दों का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति की भावना से भी संभव है।
कलेक्टर श्री तिवारी ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्हें निरंतर मेहनत करने और अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित किया।
बच्चों को दिए उपहार, बढ़ाया हौसला
विद्यार्थियों की प्रतिभा और मेहनत से प्रभावित कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने अपनी ओर से बच्चों को कॉपी, पेन, चॉकलेट और बिस्किट भेंट किए। छोटे-छोटे इन उपहारों ने बच्चों की खुशी को और बढ़ा दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे मन लगाकर पढ़ाई करें, आत्मविश्वास बनाए रखें और जीवन में अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहें। कलेक्टर का यह स्नेहिल व्यवहार बच्चों के लिए एक यादगार अनुभव बन गया।
हर बच्चे को मिले बेहतर अवसर, यही प्राथमिकता
कलेक्टर ने छात्रावास में संचालित रिसोर्स सेंटर, जूडो सेंटर और फिजियोथेरेपी सेंटर का भी अवलोकन किया। उन्होंने यहां विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों को दी जा रही शिक्षा, प्रशिक्षण और पुनर्वास सुविधाओं की जानकारी ली।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि विशेष आवश्यकता वाले प्रत्येक विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ आधुनिक संसाधन, प्रशिक्षण और आवश्यक सहयोग निरंतर उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि इन बच्चों को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना सभी की जिम्मेदारी है। कलेक्टर के बच्चों के साथ आत्मीय संवाद और उनके बीच घुटनों के बल बैठकर सहजता से बातचीत करने के दृश्य ने पूरे वातावरण को भावनात्मक बना दिया। यह मुलाकात केवल एक निरीक्षण नहीं रही, बल्कि बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाने और उन्हें यह भरोसा दिलाने वाली पहल बनी कि उनकी प्रतिभा और सपनों को समझने और प्रोत्साहित करने वाले लोग उनके साथ खड़े हैं।
इस अवसर पर जिला परियोजना समन्वयक प्रेम नारायण तिवारी, एपीसी (आईईडी) अनिल त्रिपाठी, छात्रावास वार्डन सुरेश कुमार धाकड़, सहायक वार्डन अवनीश तिवारी, लेखापाल अतुल बड़गैया, छात्रावास का स्टाफ तथा साइटसेवर्स इंडिया की टीम उपस्थित रही।