3 तहसीलदार, 4 पटवारियों पर EOW में केस दर्ज, 54 एकड़ सरकारी जमीन हड़पने का मामला

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3 तहसीलदार, 4 पटवारियों पर EOW में केस दर्ज, 54 एकड़ सरकारी जमीन हड़पने का मामला


कटनी! बरही में 54 एकड़ सरकारी जमीन हड़पने के मामले में मैहर के रमेश सिंह सहित, 3 तत्कालीन तहसीलदार, 4 पटवारियों पर EOW में केस दर्ज हुआ है। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने कटनी जिले के बरही में 54 हेक्टेयर(135) एकड़ सरकारी जमीन औने पौने दाम पर खरीदने और विधि विरुद्ध नामांतरण किए जाने के मामले में तीन तत्कालीन तहसीलदारों और चार पटवारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। इसके साथ ही टॉप ग्रेन मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड मैहर के प्रतिनिधि रमेश सिंह के खिलाफ़ भी अपराध दर्ज किया गया है। जिन तहसीलदारों पर केस दर्ज हुआ है उनमें से कुछ डिप्टी कलेक्टर पद पर प्रमोट भी हो चुके हैं। बताया गया कि इस मामले की जांच उपनिरीक्षक फरजाना परवीन से कराई गई जिसमें जांच के बाद यह बात सामने आई है कि रमेश सिंह ने तहसील बरही में पदस्थ तत्कालीन तहसीलदारों एवं पटवारियों की मिलीभगत से ग्राम करौंदी, कुठिया महगंवा एवं गढ़ोहा की 54 एकड़ भूमि जो शासकीय पट्टेदार को भूदान धारक के रूप में मिली थी और अहस्तांतरण थी उसे औने पौने दाम पर खरीदा गया। इसके बाद 2008 में खरीदी गई भूमिका का नामांतरण तत्कालीन तहसीलदार एसके गर्ग, आरपी अग्रवाल और आरबी द्विवेदी द्वारा दस्तावेजों की जांच किए बगैर कर दिया गया। इस मामले में पटवारी नत्थू लाल रावत, संतोष दुबे जूनियर संतोष दुबे सीनियर और सुखदेव सिंह के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471 और 120 बी व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। ई ओ डब्ल्यू ने ग्राम करौंदी, कुठीया महगवां एवं गठौहा में आदिवासियों को शासन से प्राप्त 54 एकड़ भूमि, तहसीलदार और पटवारियों की मिली भगत से खरीदकर, करोड़ों का भ्रष्टाचार करने वाले 8 आरोपियों पर मामला दर्ज कर लिया है

यह हैं आरोपी

रमेश सिंह पिता श्री हरिसिंह निवासी सरला नगर मैहर जिला-सतना, प्रतिनिधि टॉप ग्रेन मैनेजमेंट प्रालि

एसके गर्ग, तत्कालीन तहसीलदार, बरही

जीपी अग्रवाल, तत्कालीन तहसीलदार, बरही

आरपी द्विवेदी, तत्कालीन तहसीलदार, बरही

नत्थूलाल रावत, तत्कालीन पटवारी, ग्राम करौंदी खुर्द

संतोष दुबे जूनियर, तत्कालीन पटवारी, ग्राम गदौंहा

संतोष दुबे सीनियर, तत्कालीन पटवारी, ग्राम गढ़ौंहा

सुखदेव सिंह भवेदी, तत्कालीन पटवारी, ग्राम महगवां।

जांच में हुआ खुलासा

जानकारी अनुसार शिकायत जाँच पर पाया गया कि आरोपी रमेश सिह ने तहसील बरही में पदस्थ तत्कालीन तहसीलदारों एवं पटवारियों की मिलीमगत से ग्राम करौंदी कुठीया महगवां एवं गठौहा की लगभग 54 एकड भूमि जो कि शासकीय पटटेदार, भूदान धारक तथा अहस्तातरणीय भूमि थी। जिसको मामूली रकम देकर वर्ष 2008 में क्रय किया गया । तहसीलदार एसके गर्ग एवं आर पी. अग्रवाल तथा आर.बी. द्विवेदी द्वारा अभिलेखों की जांच किये बगैर शासकीय पट्टे की भूमि में बगैर कलेक्टर की सक्षम अनुमति लिये नामांतरण पारित किया गया है। पटवारी नत्थूलाल रावत एवं संतोष दुबे (जूनियर),सतोष दुबे (सीनियर) एवं सुखदेव सिंह भवेदी द्वारा अभिलेखों में पूर्व वर्षों का अभिलेख रोस्टर न कर उक्त खसरे की भूमि में भूमि-धारकों को भूमिस्वामी दर्ज किया गया है। तहसीलदारों एवं पटवारियों के द्वारा भूमियों का नामांतरण भी दर्ज करा दिया गया है। इस प्रकार तहसीलदार एवं पटवारी के द्वारा षडयत्र पूर्वक एवं छलपूर्वक, कूटरचित दस्तावेज तैयार कर शासकीय भूमि का क्रय-विकय कर अनावेदक को अवैध लाभ पहुंचाने एवं स्वयं लाभान्वित होने की नियत से पद का दुरूपयोग कर कम दामों पर विधि विरूद्ध तरीके से विक्रय कराकर नामांतरण किया जाकर अवैध लाभ अर्जित किया जाकर शासन को क्षति कारित की है। जिसके चलते रमेश सिंह, प्रतिनिधि टॉप ग्रेन मैनेजमेंट प्रालि, एसके गर्ग, तहसीलदार, आर.पी. अग्रवाल, तहसीलदार, आर बी द्विवेदी, तहसीलदार, नत्थूलाल रावत, पटवारी, संतोष दुबे (जूनियर), पटवारी, सतोष दुबे (सीनियर), पटवारी एवं सुखदेव सिंह भवेदी पटवारी के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471, 120बी भादवि एवं 7 (सी) श्र.नि.संशोधन अधिनियम, 2018 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेधना में लिया गया ।

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