… तो क्या पुलिस की लापरवाही से हुई तीन लोगों की मौत!

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… तो क्या पुलिस की लापरवाही से हुई तीन लोगों की मौत!
देवहरा चौकी अंतर्गत राज बनकर रह गया सीरियल किलर
स्थानीय आकाओं और पुलिस की सन्लिप्तता बना मौत का कारण

46 दिन पूर्व गीता सिंह फांसी पर लटकते हुए मिली थी, हत्या या आत्महत्या के कारण तक पहुंचने के लिए पुलिस अनजान बनकर प्रयास कर रही थी, इसी बीच पीडित परिजनों के फोन पर एक युवक बात करते हुए गीता के मौत का कारण बताता था और धमकी भी देता था, पुलिस को इसकी जानकारी भी दी गई, लेकिन अनसुना कर दी, जिसका परिणाम यह रहा कि वह युवक भी फांसी लगा लिया और अपनी पत्नी को भी स्वर्ग की यात्रा पर भेज दिया।

अनूपपुर। चचाई थाना अंतर्गत देवहरा चौकी क्षेत्र में 46 दिन में तीन अज्ञात मौत होने के कारण कई राज खुलते जा रहेेे है। स्थानीय विरोधाभाष और पुलिस की सन्लिप्पता  के सुगबुगाहट दिखाई देने लगे है। एक साधारण मजदूर युवक के द्वारा ऐसे बडे हादशों को अंजाम देना संशय में डालता है। कुछ तथाकथित स्थानीय आकाओं और देवहरा पुलिस टीम की मिलीभगत के कारण एक युवक को ऐसे घटनाक्रम तक पहुंचा दिया। तीन मौतो में से दो की मौत फांसी के फंदे पर हुई और एक की मौत जहर खुरानी से हो गई, इनकी मौत सभी राज खोल सकते है, लेकिन जांच के नाम पर खानापूर्ति और गरीबों की मजबूरी का फायदा उठा लिया जायगा।
यह था मामला
देवहरा चौकी अंतर्गत 22 वर्षीय गीता ङ्क्षसह का शव 46 दिन पूर्व एक खेत में फांसी से लटकते हुए मिली थी, पुलिस हत्या व आत्महत्या के जांच में जुटी थी, तभी पीडित परिजनों के फोन पर किशन नाम का युवक गीता से अपनी दोस्ती व मौत का कारण बाते हुए धमकी भी देता था, गीता की बहन ने पुलिस को इसकी जानकारी दी, लेकिन बयान कर सिमटी रही। फोन रिकार्डिंग के अनुसार युवक पुलिस को खरीदने व अपने साथ होने की बात भी करता था। इसकी जानकारी लगते ही श्री राजपूत करणी सेना के सहयोग से मृतक के परिजन पुलिस अधीक्षक के पास पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी समस्या व देवहरा पुलिस की संलिप्पता जाहिर की, जैसे ही इसकी जानकारी देवहरा पुलिस को लगी तो उन्होनें अपनी रक्षा के लिए नये पैतरे अपनाने लगे और इधर उधर फोन घुमाते हुए जी-जुरूरी करने लगे।


किशन और पत्नी की कहानी
पुलिस अधीक्षक से शिकायत करते हुए पीडित परिवार ने बताया था कि ग्राम पटनाकला के युवक किशन बैगा की दोस्ती मृतक से थी, और फोन पर उसके मौत का कारण भी बताता था तथा नाम कटवाने न वापस लेने की बात भी करता था, रिकाडिंग में पुलिस की संलिप्पता भी जाहिर करता था। इसकी जानकारी जब किशन को लगी तो घर में उसके हलचल मचने लगी, किशन की पत्नी जब इन साबों में हस्ताक्षेप की अनबन हो गया और जहर खा ली या खिला दिया गया (कारण अज्ञात है), लेकिन जिला चिकित्सालय पहुंचते ही उसे मृत घोषित कर दिया गया।
इधर किशन ने लगा ली फांसी
मजदूरी का कार्य करने वाला ग्राम पटनाकला निवासी किशन बैगा की दोस्ती गीता ङ्क्षसह से थी, गीता के मौत का कारण भी जानता था और मृतक के परिजनों से बात करते हुए सब कुछ जाहिर करता था, इन सभी बातों से देवहरा पुलिस अवगत था, फिर भी कुछ नही की। पुलिस अधीक्षक से जैसे ही शिकायत हुई आनन-फानन में सब अपने-अपने बचाव करने लगे, किशन की पत्नी उसी दिन घर पर ही जहर खा ली, जिसे किशन ने जिला चिकित्सालय पहुंचाया जहां उसकी मृत्यु हो गई। जहां से किशन घर चला गया और किसी के खेत में जाकर फांसी के  फंदे पर झूल गया।
…तो कौन दे रहा था किशन को संरक्षण
देवहरा चौकी अंतर्गत अवैध रेत, कोयला व ईट का कारोबार वर्षो से चल रहा है, पुलिस की सहभागिता से क्षेत्र में कई तरह के नशे का व्यापार भी धडल्ले से चल रहा है। वही इन माफियाओं के द्वारा ग्रामीणों को संरक्षण देकर अपने अवैध कारोबार को अंजाम देते है। किशन बैगा भी ईट बनाकर बेचने का व्यापार करता था, किशन बैगा के कई लोगों के साथ व्यापारिक लेद-देन होता रहता था। स्थानीय आकाओं और पुलिस के संरक्षण से बचते-बचते तीन लोगों की मौत तक का सफर करना पडता, अगर समय रहते पुलिस सजकता दिखाई होती तो आज सभी की जान सुरक्षित पाई जा सकती थी।
इनका कहना है
मेरे द्वारा विवेचना की जा रही है, ज्यादा जानकारी चाहिए तो आपको चौकी आना पडेेगा, हर जानकारी फोन पर नही दे सकता हूं।
धमेन्द्र महोबिया, विवेचक
चौकी देवहरा
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हमारे द्वारा किसी भी तरह से कोई लापरवाही नही की गई है, इसके विवेचक महोबिया जी है आप उन्हीेे से बात कर लीजिए।
रंगनाथ मिश्रा, चौकी प्रभारी देवहरा
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मामले की जानकारी मिली है, मेरे द्वारा सभी मामलों में सूक्ष्मता से जांच कराई जायेगी।
मोती उर रहमान, पुलिस अधीक्षक अनूपपुर

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