पूर्व मंत्री संजय सत्येंद्र पाठक के निवास पर हुआ भव्य पार्थिव शिवलिंग निर्माण आयोजन धार्मिक आयोजनों में अग्रणी भूमिका निभा रहे पाठक निवास मे दिखा शिवभक्ति व जनसेवा का समागम

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पूर्व मंत्री संजय सत्येंद्र पाठक के निवास पर हुआ भव्य पार्थिव शिवलिंग निर्माण आयोजन
धार्मिक आयोजनों में अग्रणी भूमिका निभा रहे पाठक निवास मे दिखा शिवभक्ति व जनसेवा का समागम
श्रावण मास का पवित्र अवसर, भगवान शिव की आराधना और पार्थिव शिवलिंग निर्माण जैसे दिव्य कर्म का प्रतीक होता है। इस पुण्य अवसर पर कटनी शहर में श्रद्धा, भक्ति और परंपरा का अद्भुत संगम उस समय देखने को मिला, जब पूर्व मंत्री एवं लोकप्रिय जनप्रतिनिधि संजय सत्येंद्र पाठक के निज निवास पर पार्थिव शिवलिंग निर्माण का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। यह आयोजन न केवल एक धार्मिक परंपरा का निर्वहन था, बल्कि इसमें जनभागीदारी, सेवा और सामाजिक समरसता की झलक भी स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
कटनी।। श्रावण मास के अंतिम सोमवार पर शहर एक बार फिर आस्था और भक्ति की भावनाओं से सराबोर हो गया, जब पूर्व मंत्री, लोकप्रिय विधायक एवं वरिष्ठ भाजपा नेता संजय सत्येंद्र पाठक के निज निवास पर पार्थिव शिवलिंग निर्माण का दिव्य आयोजन संपन्न हुआ। यह आयोजन न केवल धार्मिक परंपरा के निर्वहन का प्रतीक रहा बल्कि इसमें जनभागीदारी, सामाजिक एकता और सेवा भाव का अपूर्व समागम भी देखने को मिला।
श्री पाठक ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा, “परम पूज्य गुरुदेव दद्दा जी के द्वारा सौपीं गई पार्थिव शिवलिंग निर्माण की परंपरा का आज निर्वहन कर हम सभी धन्य हुए हैं।” उन्होंने आगे कहा, “आज हमने उनका निर्माण किया जिन्होंने हमारा और समूची सृष्टि का निर्माण किया है।” आयोजन में दद्दा शिष्य मंडल, गुरु पुत्र नीरज शास्त्री, सुनील शास्त्री सहित अनेक विद्वानों और श्रद्धालुओं की उपस्थिति में विधिविधान से मंत्रोच्चार के बीच शिवलिंग निर्माण और रुद्राभिषेक संपन्न हुआ।


संपूर्ण परिवार की रही भागीदारी
इस भव्य धार्मिक आयोजन में संजय पाठक के साथ उनका पूरा परिवार—मातुश्री निर्मला पाठक, पत्नि निधि पाठक, पुत्र यश पाठक, पुत्रवधु अनुकृति, पुत्री अतिशा—पूरे समर्पण भाव से सम्मिलित रहा। आयोजन की सफलता में सभी ने सेवाभाव से कार्य किया। इसके साथ ही भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक सोनी टंडन, नगर निगम अध्यक्ष मनीष पाठक, पार्षदगण, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, मित्रगण तथा क्षेत्रवासी भी बड़ी संख्या में शामिल हुए।

भक्ति और संस्कृति का संगम बनी संध्या
रविवार की संध्या और सोमवार प्रातःकाल सागर की प्रसिद्ध राधे राधे मंडली ने अपने सुमधुर भजन प्रस्तुतियों से माहौल को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। मंडली के भजनों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भक्ति में लीन कर दिया, जिससे वातावरण में एक दिव्यता फैल गई। आयोजन के अंत में पार्थिव शिवलिंगों को विधिपूर्वक शोभायात्रा के साथ पवित्र नदी में विसर्जित किया गया।

जनसेवा और धार्मिक आयोजनों में सतत सक्रियता
यह आयोजन सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि संजय सत्येंद्र पाठक की धार्मिक आस्था, जनसेवा की भावना एवं कटनी की संस्कृति से जुड़ाव का प्रतिबिंब था। वे पूर्व में भी विभिन्न धार्मिक आयोजनों जैसे कांवड़ यात्रा, सावन महोत्सव, शिव महापुराण, धार्मिक रैलियां और भजन संध्याओं में न केवल सक्रिय भागीदारी निभाते आए हैं बल्कि आर्थिक और व्यवस्थात्मक सहयोग से भी आयोजकों का संबल बनते रहे हैं।

भविष्य में भी इसी भाव से सेवा का संकल्प
श्री पाठक ने अंत में कहा कि वे भविष्य में भी इस तरह के आयोजनों में जनभागीदारी और भक्तिभाव से कार्य करते रहेंगे, जिससे समाज में धर्म, संस्कृति और सेवा के मूल्यों का संवर्धन होता रहे। उन्होंने श्रद्धालुओं का आभार प्रकट करते हुए सबके लिए भोलेनाथ से मंगलकामना की।
इस आयोजन ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि संजय सत्येंद्र पाठक न केवल एक राजनीतिक व्यक्तित्व हैं, बल्कि समाज, धर्म और संस्कृति के प्रति भी उतनी ही गहरी आस्था और प्रतिबद्धता रखते हैं। श्रद्धालुओं के लिए यह आयोजन आध्यात्मिक ऊर्जा और शिवभक्ति का अनुपम अवसर रहा। पार्थिव शिवलिंग निर्माण से लेकर रुद्राभिषेक, भजन संध्या और विसर्जन तक हर चरण में जो श्रद्धा, समर्पण और अनुशासन देखा गया, वह आने वाले आयोजनों के लिए एक प्रेरणा बनकर रहेगा। निश्चित ही, इस दिव्य आयोजन की स्मृति कटनीवासियों के मन में सदैव बनी रहेगी।

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