8 मार्च तक मांगें पूरी करो, वरना 9 से गेट पर हड़ताल: सोहागपुर में श्रमिक संगठनों की चेतावनी
शहडोल। जिले के सोहागपुर क्षेत्र की खदानों में औद्योगिक माहौल गरमाने लगा है। पांच केंद्रीय श्रमिक संगठनों के संयुक्त मोर्चा ने प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 9 मार्च से क्रमिक हड़ताल और पहिया जाम का ऐलान कर दिया है।संयुक्त मोर्चा ने महाप्रबंधक, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड सोहागपुर क्षेत्र को संबोधित पत्र में स्पष्ट कहा है कि यदि 8 मार्च तक लंबित मांगों का निराकरण नहीं हुआ, तो 9 मार्च को कार्यालय द्वार के सामने आंदोलन शुरू किया जाएगा।
औद्योगिक विवाद अधिनियम के तहत सूचना
पत्र में उल्लेख है कि यह सूचना औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 की धारा 22 की उपधारा 1 (ख) के अंतर्गत दी गई है। संयुक्त मोर्चा में बीएमएस, एटक, इंटक, एचएमएस और सीटू जैसे प्रमुख श्रमिक संगठन शामिल हैं।
संगठनों का आरोप है कि कर्मचारियों की विभिन्न मांगें लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन प्रबंधन की ओर से अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इससे श्रमिकों में असंतोष लगातार बढ़ रहा है।
हड़ताल से उत्पादन ठप होने के आसार
संयुक्त मोर्चा ने चेतावनी दी है कि आंदोलन के तहत क्रमिक मुख्य हड़ताल, पहिया जाम, कोयले के प्रेषण को अवरुद्ध करना और उत्पादन बंद करने जैसे कदम उठाए जा सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो सोहागपुर क्षेत्र में कोयला उत्पादन और आपूर्ति पर व्यापक असर पड़ सकता है। पत्र में यह भी कहा गया है कि कोयला प्रेषण और उत्पादन में किसी भी प्रकार के व्यवधान के लिए प्रबंधन स्वयं जिम्मेदार होगा।
शांतिपूर्ण आंदोलन का दावा
श्रमिक नेताओं का कहना है कि आंदोलन पूरी तरह वैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा, लेकिन मांगों की अनदेखी अब स्वीकार नहीं की जाएगी।
घोषणा के बाद क्षेत्र के श्रमिकों में हलचल तेज हो गई है और सभी की निगाहें अब 8 मार्च की समय सीमा पर टिकी हैं। फिलहाल प्रबंधन की ओर से इस सूचना पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।