गौरेला थाना के सामने स्थित एकमात्र खेल मैदान में बार-बार लग रहा मेला, प्रशासन से हस्तक्षेप की गुहार

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मोहम्मद शाकिब खान

गौरेला: नगर पालिका गौरेला क्षेत्र के अंतर्गत, थाना गौरेला के ठीक सामने स्थित शहर का एकमात्र खेल परिसर (मिशन ग्राउंड) इन दिनों अपने मूल उद्देश्य से भटकता नजर आ रहा है। इस मैदान में हर दो महीने में ‘मीना बाजार’ और अन्य मेलों का आयोजन किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं का भविष्य अंधकारमय हो रहा है और खेल गतिविधियों पर पूरी तरह से ब्रेक लग गया है।

 

नियमित अभ्यास बाधित: मिशन ग्राउंड शहर का एकमात्र ऐसा मैदान है जहां स्थानीय बच्चे और युवा क्रिकेट, फुटबॉल और एथलेटिक्स जैसे खेलों का अभ्यास करते हैं। बार-बार मेला लगने से कई दिनों तक मैदान बंद रहता है, जिससे खिलाड़ियों की प्रैक्टिस टूट जाती है।

 

मैदान की दुर्दशा: मेले के समापन के बाद मिशन ग्राउंड की हालत बदहाल हो जाती है। आयोजकों द्वारा छोड़े गए कचरे, जगह-जगह हुए गड्ढों और टूटे-फूटे ढांचों के कारण यह मैदान खेलने लायक नहीं रह जाता। इसे दोबारा समतल और सुरक्षित बनाने में काफी समय लग जाता है।

 

खेल संस्कृति को नुकसान: खेल मैदान का प्राथमिक उद्देश्य बच्चों और युवाओं को शारीरिक विकास और खेल के लिए एक सुरक्षित व बेहतर वातावरण प्रदान करना है। व्यावसायिक मेलों के लिए इसके लगातार दुरुपयोग से क्षेत्र की खेल संस्कृति को भारी नुकसान पहुंच रहा है।

 

प्रशासन से मांग:

स्थानीय खिलाड़ियों, अभिभावकों और गौरेला के जागरूक नागरिकों ने नगर पालिका और स्थानीय प्रशासन से कड़ी मांग की है कि:

 

1. मिशन ग्राउंड का उपयोग केवल और केवल खेल गतिविधियों के लिए ही सुनिश्चित किया जाए

2. इस मैदान पर व्यावसायिक आयोजनों, मेलों और मीना बाजार लगाने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए।

3. मैदान के रखरखाव और सौंदर्यीकरण की दिशा में उचित कदम उठाए जाएं ताकि बच्चों को अपनी खेल प्रतिभा निखारने के लिए एक उचित मंच मिल सके।

 

प्रशासन से अनुरोध है कि वह इस विषय की गंभीरता को समझे और युवा खिलाड़ियों के हित में त्वरित कार्रवाई करे।

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