48 घंटे बाद भी जल व्यवस्था चरमराई, नगर पालिका की लापरवाही पर जनता में उबाल — अध्यक्ष के निर्देश पर टैंकर व नई बोर की व्यवस्था शुरू
मोहम्मद शाकिब खान मुख्य संवाददाता गौरेला
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। मंगली बाजार क्षेत्र में बन रही नई पानी टंकी की खुदाई के दौरान टूटी पाइपलाइन के कारण बीते 48 घंटे से अधिक समय से जल व्यवस्था पूरी तरह अस्त-व्यस्त बनी हुई है। कई वार्डों में नल जल सप्लाई ठप है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के बीच पानी के लिए हाहाकार की स्थिति बनी हुई है।
घटना के इतने समय बीत जाने के बावजूद मौके पर जिम्मेदार अधिकारियों की अनुपस्थिति ने नगर पालिका परिषद की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राहत कार्य अब भी केवल नल-जल कर्मचारियों—परसराम बघेल, रामप्रसाद राठौर, मशीन ऑपरेटर धर्मदास राठौर एवं सुशील राठौर—के भरोसे चल रहा है।
इसी बीच, नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष मुकेश दुबे के निर्देश पर स्थिति को संभालने के प्रयास तेज किए गए हैं। अध्यक्ष एवं सभी वार्डों के जनप्रतिनिधियों के संयुक्त प्रयास से प्रभावित क्षेत्रों में टैंकर के माध्यम से पानी की सप्लाई की जा रही है। साथ ही, हर वार्ड में नई बोर (बोरवेल) की व्यवस्था भी तेजी से की जा रही है, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
इसके बावजूद, स्थानीय लोगों और पार्षदों में प्रशासन की लापरवाही को लेकर गहरा आक्रोश बना हुआ है। उनका कहना है कि यदि समय रहते पाइपलाइन की मरम्मत कर दी जाती तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती।
जनता ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि जल्द से जल्द स्थायी समाधान कर जल आपूर्ति सुचारू नहीं की गई और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
नगर पालिका परिषद की इस उदासीनता ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कब तक जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करती रहेगी।