उप जेल बुढ़ार में बंदी से मारपीट और रिश्वतखोरी के आरोप, परिजन पहुंचे पुलिस अधीक्षक व कलेक्टर के पास; बिना पैसे मुलाकात नहीं होने का भी दावा

0

 

 

(अनिल तिवारी)

शहडोल जिले की उप जेल बुढ़ार एक बार फिर गंभीर आरोपों के कारण सुर्खियों में आ गई है। इस बार मामला न केवल जेल में बंद एक बंदी के साथ कथित मारपीट का है, बल्कि जेल परिसर में रिश्वत लेकर मुलाकात कराने जैसे आरोप भी सामने आए हैं। बंदी के परिजन पुलिस अधीक्षक शहडोल और जिला कलेक्टर के पास पहुंचकर लिखित शिकायत देते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार संतवीर रजक उर्फ छोटू नामक आरोपी अक्टूबर 2025 से उप जेल बुढ़ार में निरुद्ध है। उसके खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज बताया गया है। आरोपी की दादी मोह बाई रजक ने पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि 16 मार्च 2026 को जब उसके नाती की शहडोल न्यायालय में पेशी हुई थी, तब वह पूरी तरह स्वस्थ था। पेशी के बाद जब उसे वापस उप जेल बुढ़ार ले जाया गया तो शाम करीब 8 बजे के आसपास कुछ पुलिस कर्मियों और जेल स्टाफ ने उसके साथ अभद्र व्यवहार करते हुए कथित रूप से मारपीट की।

आवेदन में आरोप लगाया गया है कि मारपीट इतनी गंभीर थी कि बंदी की तबीयत बिगड़ गई और उसे खून की उल्टी तक होने लगी। परिजनों का कहना है कि इस घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने जेल प्रशासन से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद पीड़ित परिजन न्याय की गुहार लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

परिजनों ने यह भी मांग की है कि आरोपी की सुरक्षा को देखते हुए उसे उप जेल बुढ़ार से जिला जेल शहडोल स्थानांतरित किया जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटना दोबारा न हो सके।

इसी दौरान महिला के साथ आए एक अन्य परिजन ने मीडिया से बातचीत में एक और गंभीर आरोप लगाया। उनका कहना है कि उप जेल बुढ़ार में बंदी से मुलाकात करने के लिए पैसे लिए जाते हैं। उनके अनुसार यदि कोई व्यक्ति जेल में बंद कैदी से मिलने जाता है तो उससे करीब 1500 रुपये तक वसूले जाते हैं। इतना ही नहीं, यदि कोई व्यक्ति बंदी से थोड़ी देर बातचीत करना चाहता है तो उसके लिए भी करीब 100 रुपये प्रति व्यक्ति लिए जाने का आरोप लगाया गया है।

परिजन का कहना है कि यदि पैसे नहीं दिए जाएं तो मुलाकात कराने में टालमटोल किया जाता है या फिर मिलने नहीं दिया जाता। इस आरोप के सामने आने के बाद उप जेल बुढ़ार की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

गौरतलब है कि उप जेल बुढ़ार पहले भी विवादों में रह चुकी है। बीते वर्ष इसी जेल से जुड़े एक मामले ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं, जब यहां पदस्थ जेलर विकास सिंह के खिलाफ गंभीर आरोप लगे थे। उस समय एक व्यक्ति को होटल में ले जाकर रखने सहित अन्य आरोपों के संबंध में शहडोल कोतवाली में मामला दर्ज किया गया था। हालांकि बाद में माननीय न्यायालय ने उन्हें उस मामले में बरी कर दिया था, लेकिन उस घटना के बाद जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर काफी चर्चाएं हुई थीं।

इसके अलावा बीते वर्ष अनूपपुर जेल में भी एक ऐसा ही मामला सामने आया था, जहां बंदियों से कथित रूप से मारपीट कर जबरन पैसे वसूले जाने के आरोप लगे थे। उस घटना के बाद भी जेल व्यवस्थाओं और बंदियों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठे थे।

अब उप जेल बुढ़ार में बंदी से मारपीट और रिश्वतखोरी जैसे नए आरोप सामने आने के बाद एक बार फिर जेल प्रशासन कटघरे में नजर आ रहा है। बंदी के परिजन पुलिस अधीक्षक के साथ-साथ जिला कलेक्टर को भी शिकायत देने पहुंचे हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

फिलहाल पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दी गई शिकायत के आधार पर मामले की जांच की उम्मीद जताई जा रही है। जांच के दौरान जेल में बंद अन्य बंदियों और संबंधित कर्मचारियों के बयान भी लिए जा सकते हैं। हालांकि यह भी देखने वाली बात होगी कि जांच कितनी गंभीरता से होती है और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है, या फिर यह मामला भी समय के साथ ठंडे बस्ते में चला जाता है। फिलहाल पूरा मामला प्रशासनिक जांच के दायरे में है और क्षेत्र में इसे लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed