कानपुर में ‘मार्क जुकरबर्ग’ का इंटरनेशनल स्कूल! फेसबुक के मालिक और एलन मस्क के नाम पर रिटायर टीचर से 1.57 करोड़ की महाठगी:

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मोहम्मद शाकिब खान, मुख्य संवाददाता गौरेला की खास रिपोर्ट

 

दिनांक 21/03/2026

 

गौरेला/कानपुर: आज की खास क्राइम रिपोर्ट में हम उस सनसनीखेज साइबर क्राइम का पर्दाफाश करेंगे, जिसने कानपुर पुलिस और साइबर सेल के भी होश उड़ा दिए हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि फेसबुक के मालिक मार्क जुकरबर्ग सीधे आपको मैसेज करें और कहें— “मैं आपके शहर में एक बड़ा स्कूल खोलना चाहता हूँ, क्या आप इसका मैनेजमेंट संभालेंगे?”

 

सुनने में यह किसी हॉलीवुड फिल्म की कहानी लगती है, लेकिन कानपुर के चकेरी की रहने वाली एक 60 वर्षीय रिटायर टीचर के लिए यह एक ऐसा बुरा सपना साबित हुआ, जिसने उनकी जिंदगी भर की गाढ़ी कमाई लूट ली। आइए विस्तार से समझते हैं शातिर ठगों का यह पूरा ‘डिजिटल चक्रव्यूह’।

 

🛑 ठगी का पहला चरण: ‘मार्क’ का फेसबुक मैसेज

कहानी शुरू होती है फेसबुक से। रिटायर टीचर को एक मैसेज आता है। प्रोफाइल पर नाम और तस्वीर होती है— मार्क जुकरबर्ग। ठगों ने टीचर को बातों में उलझाया और कानपुर में एक इंटरनेशनल स्कूल खोलने का ऐसा सुनहरा सपना दिखाया कि टीचर को मैनेजमेंट सौंपने की बात तक तय हो गई। लेकिन, यहाँ से शुरू हुआ असली खेल। मैनेजमेंट का काम मिलने से पहले ‘प्रोसेसिंग फीस’ के नाम पर निवेश मांगा गया और भरोसा दिलाया गया कि स्कूल का काम छोड़ते ही ये पैसा वापस मिल जाएगा। इंटरनेशनल प्रोजेक्ट समझकर टीचर ने पैसा जमा कर दिया।

 

🛑 दूसरा चरण: एंट्री होती है ‘एलन मस्क के दोस्त’ की

जब टीचर ने पैसे दे दिए, तो अचानक ‘मार्क’ बिजी हो गए। घंटों बात करने वाले जुकरबर्ग ने रिप्लाई देना बंद कर दिया। फिर एंट्री होती है एक नए किरदार की, जो खुद को एलन मस्क का सहयोगी और मार्क का जिगरी दोस्त बताता है। उसने टीचर से हमदर्दी जताते हुए कहा, “स्कूल का प्लान ड्रॉप हो गया है, मार्क झिझक रहे हैं, इसलिए मैं आपका पैसा FedEx से वापस भिजवा रहा हूँ।” इसके बाद शिपिंग चार्ज, कस्टम ड्यूटी और पैकेज रिलीज के नाम पर लाखों रुपये और ऐंठ लिए गए।

 

🛑 तीसरा और आखिरी वार: फेक वकील और रिकवरी का झांसा

जब एलन मस्क का कथित दोस्त भी गायब हो गया, तो ठगों ने अपना आखिरी पासा फेंका। ‘ऑनलाइन स्कैम रिपोर्टिंग सेंटर इंडिया’ के नाम से एक फर्जी वकील ने टीचर से संपर्क किया। उसने दावा किया कि 2.23 करोड़ रुपये ट्रेस हो गए हैं और विजडम कैपिटल में इन्वेस्ट हैं। इस फंसे हुए पैसे को निकालने के लिए टैक्स, स्टाम्प ड्यूटी और वेरिफिकेशन फीस के नाम पर फिर से लाखों रुपये लूटे गए।

 

नतीजा: जब तक टीचर को इस ‘पिग बुचरिंग स्कैम’ का एहसास हुआ, तब तक उनके बैंक खाते से लगभग 1.57 करोड़ रुपये साफ हो चुके थे।

 

🔎 पुलिस की कार्रवाई और तकनीकी पड़ताल:

इस मामले में कानपुर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने FIR दर्ज कर ली है। पुलिस के एक्शन के बाद ठगों के अलग-अलग बैंक खातों में गए करीब 30.42 लाख रुपये फ्रीज (Hold) कर दिए गए हैं। पुलिस अब उन खातों की गहराई से छानबीन कर रही है जहाँ ये पैसा ट्रांसफर हुआ है।

 

🛡️ हाल ए हलचल की साइबर एडवाइजरी

एक साइबर सुरक्षा विश्लेषक के तौर पर मेरी आपको स्पष्ट चेतावनी है:

 

मार्क जुकरबर्ग, एलन मस्क या कोई भी विदेशी सेलिब्रिटी आपको कभी डायरेक्ट मैसेज करके इन्वेस्टमेंट या नौकरी का ऑफर नहीं देते।

 

कस्टम ड्यूटी, गिफ्ट पार्सल या आरबीआई (RBI) के नाम पर अगर कोई फोन पर पैसे मांगे, तो वह 100% फ्रॉड है।

 

कभी भी ऐसे मामलों में अनजान खातों में पैसा ट्रांसफर न करें। अगर ठगी का शिकार हों, तो तुरंत 1930 डायल करें।

 

सतर्क रहें, सुरक्षित रहें। विशेष तकनीकी टीम के साथ, मोहम्मद शाकिब खान, ‘हाल ए हलचल’ के लिए।

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