केबल लाइन के ऊपर बना रहे पक्की नाली! अमृत भारत स्टेशन योजना में बड़ी लापरवाही उजागर पेंड्रारोड रेलवे स्टेशन के निर्माण कार्य पर उठे सवाल, भविष्य में ठप हो सकता है रेलवे संचार तंत्र
ठाकुर घनश्याम सिंह
गौरेला पेंड्रा मरवाही 
पेंड्रारोड। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पेंड्रारोड रेलवे स्टेशन का बड़े पैमाने पर आधुनिकीकरण और कायाकल्प किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी आधुनिक सुविधाएं और बेहतर यात्रा अनुभव उपलब्ध कराना है। लेकिन स्टेशन परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों में ठेकेदार एजेंसी की गंभीर लापरवाही सामने आई है, जिसने पूरे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार रेलवे स्टेशन के अंदर प्रवेश के लिए बनाए गए वैकल्पिक द्वार के सामने रेलवे पार्किंग क्षेत्र में नाली निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इसके लिए गहरे गड्ढे खोदे गए हैं। मौके पर पहुंची “हाल ए हलचल” टीम ने देखा कि जिस स्थान पर नाली का निर्माण किया जा रहा है, उसके ठीक नीचे रेलवे की मुख्य टेलीफोन केबल लाइन गुजर रही है।
स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक यह केबल लाइन बिलासपुर रेलवे जोन के कंट्रोल रूम से पेंड्रारोड रेलवे स्टेशन के रिपीटर रूम तक जुड़ी हुई है। यही नहीं, इस महत्वपूर्ण लाइन का कनेक्शन अनुपपुर जंक्शन, चिरमिरी समेत अन्य रेलवे स्टेशनों से भी जुड़ा बताया जा रहा है। इसके बावजूद ठेकेदार एजेंसी द्वारा उसी के ऊपर लोहे का सरिया डालकर पक्की नाली का निर्माण कराया जा रहा है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर रेलवे विभाग के किस इंजीनियर ने इतनी महत्वपूर्ण संचार लाइन के ऊपर नाली निर्माण का ले-आउट तैयार किया और इसकी अनुमति दी? यदि भविष्य में यह केबल लाइन क्षतिग्रस्त होती है तो मरम्मत के लिए पूरी नाली को दोबारा तोड़ना पड़ेगा, जिससे न केवल सरकारी धन की बर्बादी होगी बल्कि रेलवे संचार व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है।
साथ ही बेस कार्य में उपयोग किए जा रहे कांक्रीट मिक्सर की गुणवत्ता हीन है एवं उसकी ढलाई तय मानक के आधार पर नहीं डाली गई है,बेस की मोटाई कहीं दो इंच तो कहीं डेढ़ इंच आ रही है।
ठेकेदार एजेंसी द्वारा गुणवत्ताहीन कार्र किया जा रहा है।
रेलवे स्टेशन के मुख्य प्रवेश क्षेत्र में ही इस तरह की अनियमितता और लापरवाही सामने आने के बाद अमृत भारत स्टेशन योजना के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों का कहना है कि यदि आधारभूत संरचनाओं का निर्माण बिना तकनीकी जांच और सुरक्षा मानकों के किया जाएगा तो भविष्य में बड़ी समस्याएं खड़ी हो सकती हैं।
जब इस मामले को लेकर संबंधित निर्माण कार्य की निगरानी कर रहे अधिकारियों से चर्चा की गई तो उन्होंने मामले की जानकारी नहीं होने की बात कही और जांच कराने का आश्वासन देते हुए “दिखवाते हैं” कहकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया।