केवची-पेंड्रा मुख्य मार्ग पर भ्रष्टाचार की दरारें: नवनिर्मित सड़क और पुलिया की गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
विशेष रिपोर्ट: हाल-ए-हलचल
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में विकास कार्यों की जमीनी हकीकत एक बार फिर सवालों के घेरे में है। केवची-पेंड्रा मुख्य मार्ग पर चल रहे निर्माण कार्यों में भारी लापरवाही और घटिया सामग्री के उपयोग की तस्वीरें सामने आई हैं, जो विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों की कार्यप्रणाली की पोल खोल रही हैं।
नवनिर्मित सड़क की बदहाली:
तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि अभी सड़क का डामरीकरण पूरा भी नहीं हुआ है और नवनिर्मित सड़क पर गहरी दरारें पड़नी शुरू हो गई हैं। निर्माण स्थल पर अभी भी काम चालू होने के संकेत (बैरिकेडिंग) हैं, लेकिन सड़क का बेस बैठने और डामर के फटने से इसके उद्घाटन से पहले ही उखड़ने की आशंका पैदा हो गई है। यह स्थिति स्पष्ट रूप से मानक विहीन निर्माण और तकनीकी मापदंडों की अनदेखी को दर्शाती है।
पुलिया निर्माण में बरती गई लापरवाही:
सड़क के साथ-साथ मार्ग पर बन रही नई पुलिया की स्थिति भी बेहद चिंताजनक है। प्राप्त तस्वीरों से यह स्पष्ट होता है कि:
कंक्रीट की ढलाई में फिनिशिंग का पूरी तरह से अभाव है और काम बेहद बेतरतीब ढंग से किया गया है।
पुलिया की दीवारों पर अभी से पानी के रिसाव और सीलन के स्पष्ट निशान देखे जा सकते हैं।
ढलाई के बाद ढांचे में दिख रही खामियां भविष्य में बड़े स्ट्रक्चरल फेलियर (Structural Failure) की ओर इशारा कर रही हैं।
प्रशासन और ठेकेदार पर उठते सवाल:
सड़क शुरू होने से पहले ही दरारें आना किस तरह की इंजीनियरिंग का नमूना है?
क्या निर्माण के दौरान विभाग द्वारा गुणवत्ता नियंत्रण (Quality Control) किया जा रहा है?
क्या संबंधित अधिकारी मौके पर मुआयना कर रहे हैं, या पूरी जिम्मेदारी केवल ठेकेदार के भरोसे छोड़ दी गई है?
केवची-पेंड्रा मुख्य मार्ग क्षेत्र के आवागमन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि निर्माण कार्य इसी घटिया गुणवत्ता के साथ पूरा किया गया, तो यह न केवल सरकारी धन (जनता की गाढ़ी कमाई) की खुली बर्बादी होगी, बल्कि भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना को भी न्यौता दे सकता है। प्रशासन को तत्काल इस मामले का संज्ञान लेते हुए निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच करानी चाहिए।