डिग्रियां हाथ में, ठेला सड़क पर….पढ़ो-लिखो और झालमुड़ी बेचो मेहनती छात्रों के सपनों पर पेपर माफिया का हमला NEET कांड पर सड़कों पर फूटा छात्रों का गुस्सा शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ NSUI का विस्फोट
डिग्रियां हाथ में, ठेला सड़क पर….पढ़ो-लिखो और झालमुड़ी बेचो
मेहनती छात्रों के सपनों पर पेपर माफिया का हमला
NEET कांड पर सड़कों पर फूटा छात्रों का गुस्सा
शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ NSUI का विस्फोट
कटनी।। देश की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET में सामने आए पेपर लीक मामले ने लाखों छात्रों और अभिभावकों के विश्वास को झकझोर दिया है। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस की छात्र इकाई NSUI ने कटनी के कचहरी चौक में आक्रोशपूर्ण और अनोखा प्रदर्शन कर केंद्र सरकार, शिक्षा मंत्रालय और NTA की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने डॉक्टर की ड्रेस पहनकर, हाथों में डिग्री और तख्तियां लेकर सड़क पर ठेले से झालमुड़ी बेचते हुए यह संदेश दिया कि भ्रष्ट परीक्षा व्यवस्था ने मेहनती युवाओं को सड़क पर लाकर खड़ा कर दिया है।
एनएसयूआई प्रदेश सचिव अजय खटिक के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने पेपर माफिया मुर्दाबाद, छात्रों का भविष्य लौटाओ और शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो जैसे नारे लगाते हुए सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में छात्र और राहगीर जुटे रहे, जिन्होंने परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों को लेकर चिंता जताई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व NSUI अध्यक्ष दिव्यांशु मिश्रा ‘अंशु’ ने कहा कि NEET जैसी राष्ट्रीय परीक्षा में पेपर लीक होना केवल प्रशासनिक विफलता नहीं बल्कि देश के भविष्य के साथ खुला खिलवाड़ है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कई वर्षों में लगातार पेपर लीक की घटनाओं ने यह साबित कर दिया है कि सरकार परीक्षा माफियाओं पर लगाम लगाने में पूरी तरह असफल रही है। करोड़ों रुपये खर्च कर तैयारी करने वाले गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चे आज मानसिक तनाव और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर हैं।
उन्होंने कहा कि आज देश का पढ़ा-लिखा युवा डिग्री लेकर रोजगार और न्याय के लिए भटक रहा है। सरकार शिक्षा को व्यवसाय में बदल चुकी है और NTA जैसी एजेंसियां जवाबदेही से बच रही हैं। पूरा सिस्टम आउटसोर्सिंग और भ्रष्टाचार की गिरफ्त में है।” उन्होंने मांग की कि मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस की निगरानी में कराई जाए, दोषियों को तत्काल गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए तथा परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार किए जाएं।
पिछले सात वर्षों में 70 बार देश में पेपर लीक हुए है।उन्होंने बताया कि प्रोफेशनल एग्ज़ाम्स को कमर्शियल एग्जाम में बदल दिया गया है,लगभग 23 लाख छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ चुका है,पेपर लीक की घटना के बाद से कई छात्रों के आत्महत्या करने की खबर सामने आ रही है।सरकार को जिम्मेदारी तय करनी चाहिए जांच की एक टाइमलाइन तय होनी चाहिए एवं सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस की निगरानी में जांच होनी चाहिए और दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा जल्द होनी चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि पेपर लीक के कारण लाखों छात्रों की वर्षों की मेहनत पर पानी फिर गया है और कई छात्रों के मानसिक रूप से टूटने तथा आत्मघाती कदम उठाने की खबरें बेहद चिंताजनक हैं। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से वरिष्ठ कांग्रेस नेता राकेश जैन,कमल पांडेय,आनंद पटेल,राकेश गुड्डू द्विवेदी,विनीत जयसवाल,सेवादल अध्यक्ष मंगल सिंह,चोखे भाई,शशांक गुप्ता,सूर्यकांत कुशवाहा,अभिषेक प्यासी,प्रिंस वंशकार,देवी दीन गुप्ता,राहुल पटेरिया,कपिल रजक,विजय मंगल चौधरी,अवध यादव,राघवेंद्र सिंह,प्रिंस गुप्ता,अभिषेक गुप्ता,नारायण निषाद,संदीप हाड़ा,सौरभ पांडेय,शैख़ शाहिद,बिट्टन तिवारी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस एवं NSUI कार्यकर्ता उपस्थित रहें।