अंगदान महादान: सहायक आयुक्त एवं छात्रावास अधीक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष उदेश सिंह तोमर ने लिया अंगदान का संकल्प, पेश की मानवता की मिसाल

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मोहम्मद शाकिब खान मुख्य संवाददाता, गौरेला

 

दिनांक 21/03/2026

 

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही: समाज में मानवता, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व का एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय छात्रावास अधीक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री उदेश सिंह तोमर ने अंगदान का संकल्प लिया है।

 

गौरतलब है कि श्री तोमर पिछले महीने ही पदोन्नत होकर बलरामपुर जिले से गौरेला जिले में सहायक आयुक्त (आदिवासी विकास विभाग) के पद पर पदस्थ हुए हैं। अपनी इस नई प्रशासनिक जिम्मेदारी के साथ ही उन्होंने समाज के लिए एक बड़ी मिसाल कायम की है।

 

वर्ष 2012 में ही नेत्रदान का संकल्प ले चुके श्री तोमर ने अब क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज (CMC), वेल्लोर के माध्यम से हृदय, किडनी, लिवर सहित अन्य सभी महत्वपूर्ण अंगों के दान हेतु अपना औपचारिक पंजीकरण कराया है।

 

देश में अंगदान की गंभीर स्थिति पर जताई चिंता:

भारत में अंगों की कमी के कारण पैदा होने वाले गंभीर हालातों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए श्री तोमर ने बताया कि देश में हर साल लगभग 5 लाख लोग अंगों की कमी के कारण समय पर इलाज से वंचित रह जाते हैं। सिर्फ किडनी प्रत्यारोपण के लिए ही करीब 2 लाख से अधिक मरीज प्रतीक्षा सूची में हैं, जबकि लिवर, हृदय और फेफड़ों के मरीजों की स्थिति भी बेहद चिंताजनक है।

उन्होंने अपने संदेश में कहा, “अंगदान मानवता की सर्वोच्च सेवा है, जिससे किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन मिल सकता है।”

 

भ्रांतियां दूर कर वैज्ञानिक प्रक्रिया पर दिया जोर:

समाज में अंगदान को लेकर व्याप्त डर और भ्रांतियों को दूर करते हुए सहायक आयुक्त ने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया पूरी तरह से वैज्ञानिक, सुरक्षित और कानूनी प्रावधानों के तहत होती है।

उन्होंने बताया कि ‘ब्रेन डेड’ (मस्तिष्क मृत्यु) की स्थिति में, जब चिकित्सकीय रूप से यह प्रमाणित हो जाता है कि व्यक्ति का मस्तिष्क स्थायी रूप से कार्य करना बंद कर चुका है, तब डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम परिवार की सहमति से अंगदान की प्रक्रिया शुरू करती है। यह पूरी प्रक्रिया अत्यंत सम्मानजनक एवं पारदर्शी होती है। CMC वेल्लोर जैसे प्रतिष्ठित संस्थान अपने मजबूत नेटवर्क के माध्यम से अंगों को सही समय पर उचित मरीज तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

 

छात्रों और युवाओं को जागरूक करने की अपील:

छात्रावास अधीक्षक संघ के अध्यक्ष के रूप में श्री तोमर का यह कदम विशेष महत्व रखता है, क्योंकि प्रदेश के छात्रावासों में हजारों विद्यार्थी निवास करते हैं जो देश का भविष्य हैं।

 

इस पहल को एक जनआंदोलन का रूप देने के उद्देश्य से, श्री तोमर ने सभी छात्रावास अधीक्षकों से अपील की है कि वे:

छात्रावासों में अंगदान के प्रति जागरूकता अभियान चलाएं।

विद्यार्थियों के बीच परिचर्चाओं का आयोजन करें।

युवाओं में सकारात्मक सोच विकसित करने के लिए शपथ कार्यक्रमों का आयोजन करें।

 

“आज लिया गया एक संकल्प, कल किसी के जीवन की सबसे बड़ी आशा बन सकता है।” श्री तोमर का यह संदेश और उनकी यह व्यक्तिगत पहल न केवल समाज में संवेदनशीलता और सहयोग के मूल्यों को मजबूत करेगी, बल्कि पूरे प्रदेश और देश के लिए एक बड़ा प्रेरणास्रोत भी बनेगी।

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