औचक निरीक्षण में सख्त दिखीं निगमायुक्त, 10 दिन में काम पूरा करने के निर्देश एसटीपी से लेकर सड़क और गौशाला तक जमीनी हकीकत परखी, लापरवाही पर दी चेतावनी
औचक निरीक्षण में सख्त दिखीं निगमायुक्त, 10 दिन में काम पूरा करने के निर्देश
एसटीपी से लेकर सड़क और गौशाला तक जमीनी हकीकत परखी, लापरवाही पर दी चेतावनी
कटनी।। नगर निगम आयुक्त ने शुक्रवार सुबह शहर के विभिन्न क्षेत्रों का औचक निरीक्षण कर विकास कार्यों और शासकीय योजनाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने सीवर ट्रीटमेंट प्लांट एसटीपी, एफएसटीपी प्लांट, गौशाला, सुरम्य पार्क सहित कई वार्डों में चल रहे निर्माण कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि गुणवत्ता और समय-सीमा से कोई समझौता नहीं होगा।
निगमायुक्त ने दो टूक कहा कि नागरिकों को बेहतर सुविधाएं देना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कायाकल्प अभियान-2 के तहत लाल बहादुर शास्त्री वार्ड और विश्राम बाबा वार्ड में बन रही सीसी सड़कों का निरीक्षण करते हुए निगमायुक्त ने निर्माण की गुणवत्ता परखते हुए आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने सड़कों के अंतिम छोर पर रैंप निर्माण और मोड़ों के ज्वाइंट मजबूत करने पर विशेष जोर दिया, ताकि नागरिकों को सुगम आवागमन मिल सके।
माधव नगर स्थित 7.50 एमएलडी क्षमता के सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण करते हुए निगमायुक्त ने कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। 30 मार्च से ट्रायल रन शुरू होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने शेष विद्युत फिटिंग कार्य 10 दिनों में पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही हाउस सर्विस कनेक्शन तेजी से पूर्ण करने और प्रतिदिन ट्रीट हो रहे पानी की लॉग बुक नियमित रखने के निर्देश भी दिए।
एफएसटीपी में कम स्लज पर जताई नाराजगी
अमीरगंज स्थित एफएसटीपी प्लांट में अपेक्षित स्लज नहीं मिलने पर निगमायुक्त ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने टैंक सफाई की संख्या बढ़ाने और प्लांट में आने वाले वाहनों का दैनिक रिकॉर्ड संधारित करने के निर्देश दिए, ताकि प्लांट अपनी क्षमता के अनुसार संचालित हो सके।
गौशाला और पार्क के सुधार पर जोर
अमीरगंज गौशाला में निरीक्षण के दौरान आवारा मवेशियों को पकड़ने का अभियान तेज करने, नए शेड निर्माण, पुराने शेड में नेट लगाने और सफाई व्यवस्था बेहतर करने के निर्देश दिए। वहीं सुरम्य पार्क में स्विमिंग पूल, नौकायन और फव्वारा क्षेत्र को और आकर्षक बनाने के लिए डेंटिंग-पेंटिंग और इको ब्रिक्स के उपयोग पर जोर दिया गया। अमृत योजना के तहत पानी की टंकी का निरीक्षण
रामकृष्ण परमहंस वार्ड में निर्माणाधीन 1075 केएल क्षमता की पानी की टंकी का निरीक्षण करते हुए निगमायुक्त ने कार्यों की प्रगति जानी और समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि नागरिकों को सुचारू पेयजल आपूर्ति मिल सके। निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि विकास कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता है किसी भी स्तर पर लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।