मानवता को अंतिम सलाम देहदान पर मिला राजकीय सम्मान, स्व. कलाबाई कुशवाहा बनीं प्रेरणा
मानवता को अंतिम सलाम देहदान पर मिला राजकीय सम्मान, स्व. कलाबाई कुशवाहा बनीं प्रेरणा
कटनी।। जिले में मानवता, सेवा और संवेदनशीलता की एक अत्यंत प्रेरक मिसाल सामने आई है। मृत्यु के बाद भी समाज के लिए उपयोगी बने रहने की भावना को साकार करते हुए स्वर्गीय श्रीमती कलाबाई कुशवाहा को उनके देहदान के संकल्प पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। यह दृश्य न केवल भावुक करने वाला था, बल्कि समाज को एक गहरा संदेश भी दे गया।
दिनांक 09 अप्रैल 2026 को स्व. कलाबाई कुशवाहा के निधन के पश्चात उनके परिजनों ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए उनकी पार्थिव देह को चिकित्सा शिक्षा के लिए दान कर दिया। जिला चिकित्सालय कटनी से उनकी देह को पूरे सम्मान के साथ मेडिकल कॉलेज, जबलपुर के लिए रवाना किया गया। इस दौरान प्रशासन द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया, जो उनके इस महान त्याग के प्रति समाज की श्रद्धा का प्रतीक बना। मध्य प्रदेश शासन द्वारा देहदान करने वाले नागरिकों को राजकीय सम्मान देने की पहल समाज में जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। इस सम्मान के माध्यम से न केवल देहदानियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की जा रही है, बल्कि आमजन को भी इस पुनीत कार्य के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
चिकित्सा क्षेत्र में देहदान का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। मेडिकल के विद्यार्थियों के लिए दान की गई पार्थिव देह ही उनके अध्ययन की आधारशिला होती है, जिसे “पहला गुरु” कहा जाता है। इसी के माध्यम से वे मानव शरीर की संरचना को समझते हैं और आगे चलकर बेहतर चिकित्सक बनकर समाज की सेवा करते हैं। स्व. कलाबाई कुशवाहा का यह निर्णय समाज के लिए एक अमूल्य संदेश है कि जीवन के अंतिम क्षणों के बाद भी मानवता की सेवा की जा सकती है। उनका यह त्याग आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।