हादसे के बाद खुला गांजा नेटवर्क, 200 किलो जब्ती के बीच तीन मौतों पर सस्पेंस

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दुर्घटना से शुरू हुआ मामला तस्करी तक पहुंचा, लेकिन मौतों की परिस्थितियों पर अब भी उठ रहे सवाल
शहडोल। जैतपुर थाना क्षेत्र के कामता मोड़ पर 13-14 अप्रैल की दरमियानी रात हुआ हादसा अब केवल सड़क दुर्घटना नहीं रह गया है। इस घटना ने गांजा तस्करी के एक बड़े नेटवर्क की परतें खोल दी हैं। पुलिस ने करीब 200 किलो गांजा जब्त करने और दो आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है, लेकिन हादसे में हुई तीन मौतों की गुत्थी अब भी सुलझ नहीं पाई है।
घटना की रात एक कार दुर्घटनाग्रस्त होकर पलट गई थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने वाहन से करीब 5 किलो गांजा बरामद किया और दो वाहनों को जब्त किया। हादसे में रोहित शर्मा, सचिन सिंह बघेल और तनुज शुक्ला की मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में मामला हादसा माना गया, लेकिन अगले दिन पुलिस की कार्रवाई ने कहानी को नया मोड़ दे दिया।
पुलिस अधीक्षक रामजी श्रीवास्तव के निर्देश पर गठित टीमों ने बुढार, जैतपुर और आसपास क्षेत्रों में दबिश देकर लगभग 200 किलो गांजा जब्त किया। पुलिस के मुताबिक, यह खेप ओडिशा से लाई जा रही थी और अन्य राज्यों में सप्लाई होनी थी। इस मामले में शंकर विश्वकर्मा और हीरा सिंह को गिरफ्तार किया गया है।
हालांकि, पुलिस कार्रवाई के साथ ही कई सवाल भी खड़े हो गए हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि हादसे के वक्त एक से अधिक वाहन मौके पर मौजूद थे, लेकिन पुलिस को केवल दो वाहन ही मिले। इसके अलावा नगदी, मोबाइल फोन और अन्य सामान को लेकर भी संशय बना हुआ है।
परिजनों का कहना है कि मृतकों के पास बड़ी रकम थी, जो बरामद नहीं हुई। वहीं रोहित शर्मा के दो मोबाइल फोन का भी कोई स्पष्ट रिकॉर्ड सामने नहीं आया है। आशंका जताई जा रही है कि इन मोबाइलों से पूरे नेटवर्क और घटना की सच्चाई सामने आ सकती है।
मामले में कुछ अन्य नाम भी चर्चाओं में हैं, लेकिन पुलिस ने अभी तक उनकी भूमिका की पुष्टि नहीं की है। घटना से पहले कुछ संदिग्ध मुलाकातों और गतिविधियों की भी चर्चा है, जो जांच का हिस्सा बन सकती हैं।
सबसे बड़ा सवाल तीनों मौतों को लेकर बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शवों पर मिले निशान सामान्य सड़क हादसे से अलग प्रतीत होते हैं। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह महज दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई और कहानी छिपी है।
फिलहाल पुलिस की टीमें लगातार जांच में जुटी हैं। मोबाइल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज, वाहन मूवमेंट और आर्थिक लेन-देन की पड़ताल की जा रही है। आने वाले दिनों में इस पूरे मामले से जुड़े बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है, लेकिन तीन मौतों की असली वजह अब भी सबसे बड़ा रहस्य बनी हुई है।

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