ग्राम पंचायत जोगीसार में भत्ते और 15वें वित्त की राशि में कथित गबन का आरोप, पूर्व सरपंच व पंचों ने कलेक्टर जनदर्शन में की शिकायत

0

मोहम्मद शाकिब खान मुख्य संवाददाता गौरेला

 

गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही: जिले के विकासखंड गौरेला के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत जोगीसार में सरकारी राशि के कथित गबन और हेराफेरी का मामला सामने आया है।

 

पंचायत के पूर्व जनप्रतिनिधियों ने वर्तमान सरपंच और सचिव पर गंभीर आरोप लगाते हुए मंगलवार, 5 मई 2026 को कलेक्टर जनदर्शन में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ताओं ने मामले में निष्पक्ष जांच कर साढ़े आठ लाख रुपये से अधिक के कथित गबन पर कड़ी कार्यवाही की मांग की है।

 

जानिए पूरा मामला:

 

कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन (टोकन क्रमांक- 2280126000747) में पूर्व सरपंच लीलाबई पैकरा और अन्य पूर्व पंचों ने मुख्य रूप से दो गंभीर आरोप लगाए हैं:

 

भत्ते की राशि का वितरण न होना: शिकायत के अनुसार, पूर्व सरपंच और सभी पूर्व पंचों को दीपावली के पूर्व भत्ते की राशि मिलनी थी। आरोप है कि वर्तमान सरपंच और सचिव द्वारा 56,000 रुपये की यह राशि बैंक से आहरित (निकाल) तो कर ली गई, लेकिन इसका वितरण हितग्राहियों को नहीं किया गया और कथित तौर पर इसे गबन कर लिया गया।

 

15वें वित्त आयोग की राशि में हेराफेरी: आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि ग्राम पंचायत में बिना कोई निर्माण या विकास कार्य कराए ही 15वें वित्त योजना की राशि माह जुलाई और अगस्त 2025 में निकाल ली गई है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार यह कथित गबन लगभग साढ़े आठ लाख रुपये का है।

 

पूर्व में भी की गई थी शिकायत, नहीं हुई थी कार्यवाही :-

 

आवेदकों का कहना है कि इस पूरे मामले की शिकायत पूर्व में भी जनपद पंचायत गौरेला में की गई थी, लेकिन उस वक्त न तो 15वें वित्त की राशि की कोई जांच की गई और न ही पूर्व पंचों को उनके भत्ते की राशि दिलाई गई। विभागीय अनदेखी के चलते उन्हें मजबूरन कलेक्टर जनदर्शन का रुख करना पड़ा।

 

सीईओ जनपद को अग्रसारित हुआ मामला :-

दस्तावेजों के अनुसार, जनदर्शन में शिकायत प्राप्त होने के बाद मामले को संज्ञान में लेते हुए इसे आगामी कार्यवाही और जांच के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO), जनपद पंचायत गौरेला को प्रेषित (मार्क) कर दिया गया है।

 

अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर शिकायत पर कितनी तत्परता दिखाता है और क्या जोगीसार पंचायत में हुए इस कथित भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कोई ठोस कार्यवाही की जाती है या मामला फिर से फाइलों में दबकर रह जाता है। ज्ञापन सौंपने वालों में लीलाबई पैकरा, लखन सिंह, दिलराम प्रसाद, टेक सिंह राठौर और दिनेश पैकरा मुख्य रूप से शामिल रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed